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Firozabad News: कटियाबाजों की अब खैर नहीं, बिजली मित्र बनकर पड़ोसी कर रहे चुगली
Thu, 08 Jun 2023 12:05 AM IST
आगरा ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, फिरोजाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फिरोजाबाद
Updated Thu, 08 Jun 2023 12:05 AM IST
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फिरोजाबाद। कटिया डालकर बिजली चोरी करने वालों की अब खैर नहीं है। बिजली मित्र बनकर अब पड़ोसी ही बिजली चोरी की चुगली कर रहे हैं। नाम नहीं देने की शर्त पर अब तक सुहागनगरी में बिजली मित्र एप पर 300 शिकायतें आ चुकी हैं। इसमें अधिकांश शिकायतों पर बिजली चोरी पकड़ी गई और मुकदमा किया जा चुका है।
बिजली चोरी रोकने के लिए सरकार ने एबीसी बंच केबिल डलवाईं। फिर भी सफलता नहीं मिली तो स्मार्ट मीटर और केबिल बॉक्स भी लगवाए गए। फिर भी बिजली चोरी के मामले कम नहीं हुए। इसके बाद उत्तर प्रदेश पावर कारपोरेशन लिमिटेड ने कुछ दिन पहले बिजली मित्र की वेबसाइट एवं एप अपडेट किया है। अब इस पर सूचना देने वालों को अपना नाम पता मोबाइल नंबर ईमेल आईडी दर्ज करने की कोई जरूरत नहीं है। सिर्फ इस पर बिजली चोरी की सूचना ही दी सकती है। सूचना वेबसाइट के माध्यम से अधिशासी अभियंता को भेजी जा रही है। इस एप के माध्यम से बिजली चोरी के मामले पकड़े जाने में तेजी आई है।
पड़ोसी ही हर रोज 25 से 30 बिजली चोरी की शिकायत कर रहे हैं। एसडीओ दुष्यंत कुमार ने बताया कि बिजली मित्र बनाए जाने का उद्देश्य बिजली चोरी पर अंकुश लगाना है। बिजली सूचना देने वाले का नाम भी सामने नहीं आएगा। काफी हद तक बिजली चोरी की शिकायतें बढ़ गई हैं।
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केस नंबर एक
- गौछ में शिकायत आई कि एक घर में बिजली चोरी कर एसी प्रयोग की जा रही है। जांच को टीम गई तो घर में तीन एसी निकले। विद्युत लोड सात किलोवाट का था। जबकि मीटर में एक किलोवाट का ही लोड आ रहा था।
केस नंबर दो
- मुईद्दीनपुर में शिकायत के साथ वीडियो भी आया कि युवक शाम को कटिया डालकर विद्युत चोरी करता है। टीम ने बिजली मित्र के बताए समय पर छापा मारा। एक घर में बिजली चोरी पकड़ ली।
क्या है शिकायत दर्ज करने की प्रक्रिया
- पावर कारपोरेशन की वेबसाइट 222.ह्वश्चद्गठ्ठद्गह्म्द्द4.द्बठ्ठ पर जाने के बाद बिजली मित्र के लिंक बिजली मित्र डॉट यूपीपीसीएल डॉट और पर क्लिक करते हैं। शिकायत के लिए पेज खुल जाएगा। पहले कॉलम में बिजली चोरी करने वाले का नाम दर्ज करना होगा। दूसरे पैरा में स्थान का पता,जिले का नाम उप केंद्र का नाम लिखना होगा। तीसरे बिंदु में घर का पता बताना होगा। यही नहीं इसके बाद अगर बिजली चोरी से संबंधित फोटो और वीडियो उपलब्ध है। तो उसे भी अपलोड किया जा सकता है। क्योंकि विभाग से ओर से यह सुविधा भी उपलब्ध कराई गई है।
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बिजली चोरी रोकने के लिए सरकार ने एबीसी बंच केबिल डलवाईं। फिर भी सफलता नहीं मिली तो स्मार्ट मीटर और केबिल बॉक्स भी लगवाए गए। फिर भी बिजली चोरी के मामले कम नहीं हुए। इसके बाद उत्तर प्रदेश पावर कारपोरेशन लिमिटेड ने कुछ दिन पहले बिजली मित्र की वेबसाइट एवं एप अपडेट किया है। अब इस पर सूचना देने वालों को अपना नाम पता मोबाइल नंबर ईमेल आईडी दर्ज करने की कोई जरूरत नहीं है। सिर्फ इस पर बिजली चोरी की सूचना ही दी सकती है। सूचना वेबसाइट के माध्यम से अधिशासी अभियंता को भेजी जा रही है। इस एप के माध्यम से बिजली चोरी के मामले पकड़े जाने में तेजी आई है।
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पड़ोसी ही हर रोज 25 से 30 बिजली चोरी की शिकायत कर रहे हैं। एसडीओ दुष्यंत कुमार ने बताया कि बिजली मित्र बनाए जाने का उद्देश्य बिजली चोरी पर अंकुश लगाना है। बिजली सूचना देने वाले का नाम भी सामने नहीं आएगा। काफी हद तक बिजली चोरी की शिकायतें बढ़ गई हैं।
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केस नंबर एक
- गौछ में शिकायत आई कि एक घर में बिजली चोरी कर एसी प्रयोग की जा रही है। जांच को टीम गई तो घर में तीन एसी निकले। विद्युत लोड सात किलोवाट का था। जबकि मीटर में एक किलोवाट का ही लोड आ रहा था।
केस नंबर दो
- मुईद्दीनपुर में शिकायत के साथ वीडियो भी आया कि युवक शाम को कटिया डालकर विद्युत चोरी करता है। टीम ने बिजली मित्र के बताए समय पर छापा मारा। एक घर में बिजली चोरी पकड़ ली।
क्या है शिकायत दर्ज करने की प्रक्रिया
- पावर कारपोरेशन की वेबसाइट 222.ह्वश्चद्गठ्ठद्गह्म्द्द4.द्बठ्ठ पर जाने के बाद बिजली मित्र के लिंक बिजली मित्र डॉट यूपीपीसीएल डॉट और पर क्लिक करते हैं। शिकायत के लिए पेज खुल जाएगा। पहले कॉलम में बिजली चोरी करने वाले का नाम दर्ज करना होगा। दूसरे पैरा में स्थान का पता,जिले का नाम उप केंद्र का नाम लिखना होगा। तीसरे बिंदु में घर का पता बताना होगा। यही नहीं इसके बाद अगर बिजली चोरी से संबंधित फोटो और वीडियो उपलब्ध है। तो उसे भी अपलोड किया जा सकता है। क्योंकि विभाग से ओर से यह सुविधा भी उपलब्ध कराई गई है।