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तीन पीढ़ियां एक साथ रखेंगी करवा चौथ का व्रत

Wed, 04 Nov 2020 12:07 AM IST
Agra Bureau आगरा ब्यूरो
Updated Wed, 04 Nov 2020 12:07 AM IST
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तुलसी बिहार में एक परिवार की तीन पीढी रखेंगी करवाचौथ का व्रत। - फोटो : FIROZABAD
फिरोजाबाद। समय के साथ लोगों ने अपनी सुविधा अनुसार परंपरा बदलीं हैं लेकिन करवाचौथ की परंपरा आज भी वहीं हैं, जो वर्षों पूर्व से चली आ रही है। पति की दीर्घायु के लिए महिलाएं निर्जला व्रत रखती हैं और चांद का दीदार करने के बाद ही अन्न, जल ग्रहण करती हैं। आज जिले में बहुत से परिवार हैं जिसमें तीन पीढ़ियां एक साथ करवाचौथ का व्रत रखेंगी।
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सुहागन होने के बाद से महिलाओं ने करवाचौथ का व्रत रखना शुरू किया। कई पीढ़ियां बदल गईं, फिर भी इस परंपरा को बनाए रखे हैं। चौकी गेट और तुलसी बिहार निवासी अलग-अलग परिवार परिवार की तीन पीढ़ी एकसाथ करवाचौथ का व्रत रखेंगी। परिवार में करवाचौथ की तैयारियां उत्साह से चल रही हैं।
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चौकी गेट निवासी दादी राजकुमारी बंसल 56 साल से ब्रत रखती आ रही हैं। उनकी पुत्र बधु हेमलता बंसल ने भी लगातार 28 वर्षों से व्रत रखा है। नातिन बहू आयुषी बंसल इस करवाचौथ पर अपना पहला व्रत रखेंगी। दादी ने बताया कि पति की दीर्घायु के लिए यह व्रत रखते हैं। 56 सालों से लगातार इस परंपरा को निभाते हुए चली आ रही हैं।
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तुलसी बिहार निवासी दादी रामदेवी ने 54 साल से लगातार करवाचौथ का व्रत रखती आ रही हैं। उनकी पुत्रवधु उर्मिला देवी ने भी 27 साल से करवाचौथ पर व्रत रख रही हैं। नातिन बहुत सोनम भी तीन सालों से करवाचौथ का व्रत रखती आ रही हैं।
- करवाचौथ का व्रत 56 साल में एक बार भी नहीं छोड़ा है। पति के दीर्घायु के लिए व्रत है। निर्जला व्रत रखते हैं। अन्य त्योहारों पर परंपराएं बदल गईं। लेकिन त्योहार पर वही परंपराएं हैं, जो 50 साल पहले थीं।
राजकुमारी बंसल,
- वैसे निर्जला व्रत रखना बहुत मुश्किल होता है। मगर करवाचौथ का निर्जला करने में कोई कठिनाई महसूस नहीं होती है। 28 वर्षों से करवाचौथ का व्रत रखती आ रही हैं।
हेमलता बंसल,
- हर सुहागिन के लिए करवाचौथ का व्रत बहुत मायने रखता है। करवाचौथ का व्रत कठिन जरूर हैं, मगर सुहाग की रक्षा के लिए कुछ भी कठिन नहीं। दादी, मां और मैं तीनों ही करवाचौथ का व्रत रखती हूं।
आयुषी बंसल,
- करवाचौथ का व्रत 56 सालों से रखती आ रही हूं। पहले सिर्फ मिट्टी के करवा, मिठे करवे चलते थे। अब टीवी में देखते हुए छलनी और करवा में भी बदलाव आया है। हालांकि आज भी महिलाएं निर्जला व्रत रखती हैं।

रामादेवी, तुलसी बिहार
- करवाचौथ व्रत को लेकर महिलाएं काफी तैयारी करती हैं। यह व्रत सुहाग की रक्षा के लिए होता है। सोलह श्रृंगार महिलाएं करवाचौथ पर करती हैं।
उर्मिला देवी, तुलसी बिहार
- मुझे व्रत रखते हुए तीन साल हो गए हैं। चांद को अर्घ्य देने के बाद और पूजा करने के बाद ही व्रत खोलूंगी। करवाचौथ पति की दीर्घायु का पर्व है। यह व्रत रखना मन से ही अच्छा लगता है।
सोनम, तुलसी बिहार
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