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कलश यात्रा निकालते श्रद्धालु
ब्यूरो,अमर उजाला फीरोजाबाद
Updated Tue, 17 Nov 2015 07:54 PM IST
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कलश एक ब्रह्मांड के समान है। कलश के अंदर संपूर्ण सृष्टि का समावेश रहता है। हर शुभ कार्य से पूर्व कलश स्थापना अनिवार्य रूप से की जानी चाहिए। मनुष्य को चाहिए कि वह ईश्वर में आस्था रख समाज के उत्थान के लिए कार्य करें। यह उद्गार ठाकुर बीरी सिंह कालेज में चल रही श्रीराम कथा से पूर्व कलश यात्रा के दौरान प्रवचन करते हुए पंडित कौशल किशोर महाराज ने व्यक्त किए।
उन्होंने कहा कि अहंकार के मद में प्राणी प्रभु को भूल जाता है और यहीं से उसका पतन शुरू हो जाता है। उन्होंने कहा कि जब मनुष्य पर कष्ट आता है तब वह प्रभु को याद करता है, परंतु जैसे ही उसके कष्टों का निवारण हो जाता है वह प्रभु को भूल जाता है। कौशल महाराज ने कहा कि भगवान कण-कण में वास करते हैं बस आवश्यकता है हमें उन्हेें सच्चे मन से याद करने की। इससे पूर्व श्रद्धालुओं ने कलश यात्रा निकालकर भागवत कथा के आयोजन का क्षेत्रीय लोगों को आमंत्रण दिया। यात्रा में सैकड़ों श्रद्धालुओं ने भाग लिया।
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उन्होंने कहा कि अहंकार के मद में प्राणी प्रभु को भूल जाता है और यहीं से उसका पतन शुरू हो जाता है। उन्होंने कहा कि जब मनुष्य पर कष्ट आता है तब वह प्रभु को याद करता है, परंतु जैसे ही उसके कष्टों का निवारण हो जाता है वह प्रभु को भूल जाता है। कौशल महाराज ने कहा कि भगवान कण-कण में वास करते हैं बस आवश्यकता है हमें उन्हेें सच्चे मन से याद करने की। इससे पूर्व श्रद्धालुओं ने कलश यात्रा निकालकर भागवत कथा के आयोजन का क्षेत्रीय लोगों को आमंत्रण दिया। यात्रा में सैकड़ों श्रद्धालुओं ने भाग लिया।
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