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झील का निर्माण अधूरा, कंपनी पर तीन लाख रुपये प्रति दिन का जुर्माना
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जेडाझाल परियोजना के तहत बन रही झील अभी तक अधूरी है। जल निगम के अधिकारियों के साथ झील की स्थिति देत?
- फोटो : FIROZABAD
फिरोजाबाद। गर्मी ने दस्तक दे दी, लेकिन जेड़ाझाल परियोजना के तहत बन रही झील का निर्माण अभी भी अधूरा है। शुक्रवार को जल निगम के अधिकारियों के साथ नगर विधायक ने झील का निरीक्षण किया। निर्माण अधूरा होने पर विधायक ने नाराजगी जाहिर की। जल निगम के वरिष्ठ अधिकारियों ने कार्यदायी संस्था पर 15 मार्च से प्रतिदिन तीन लाख रुपये का जुर्माना लगाने के साथ ही 26 मार्च तक निर्माण कार्य पूरा करने के आदेश दिए हैं।
शुक्रवार को नगर विधायक मनीष असीजा ने जल निगम के चीफ इंजीनियर आरके गर्ग, अधीक्षण अभियंता केजी सिंह, एक्सईएन राकेश कुमार व अन्य अधिकारियों के साथ झील का निरीक्षण किया। इस दौरान निर्माण कार्य पूरा न मिलने पर विधायक ने नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि यदि समय से झील का निर्माण पूरा नहीं हुआ तो आने वाले दिनों में शहर में पानी का संकट खड़ा हो जाएगा।
इसको लेकर चीफ इंजीनियर और एसई ने कार्यदायी संस्था पर तीन लाख रुपये प्रतिदिन का जुर्माना लगाने के आदेश स्थानीय एक्सईएन को दिए। साथ ही निर्माण कार्य 26 मार्च तक पूरा कराने के आदेश कार्यदायी संस्था को दिए गए। तीन लाख रुपये का जुर्माना निर्माण कार्य पूरा न होने तक रोजाना लगता रहेगा।
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जल निगम के अधिशासी अभियंता राकेश कुमार का कहना है कि काम करने वाली कंपनी को काम पूरा करने के लिए 26 मार्च तक का समय दिया है। 15 मार्च से 26 मार्च तक प्रति दिन तीन लाख रुपये का जुर्माना कंपनी पर लगाया जाएगा।
पांचवी बार लगा है जुर्माना
झील का निर्माण करने वाली कार्यदायी संस्था पर पांचवी बार जुर्माना लगाया गया है। सबसे पहले 32 लाख रुपये का जुर्माना 30 अक्तूबर को लगाया गया था। इसके बाद नौ लाख 76 हजार का जुर्माना लगाया गया। फिर भी निर्माण कार्य पूरा न होने पर आठ लाख 38 हजार व 10 लाख 50 हजार रुपये का जुर्माना लगाया जा चुका है। इसके बाद भी कार्यदायी संस्था द्वारा झील निर्माण में लापरवाही बरती जा रही है।
झील में स्टोर रहेगा 15 दिन तक का पानी
नंदपुर इंटेक प्लांट के पास बन रही झील में 900 मिलियन लीटर पानी एकत्रित करने की क्षमता है। इस पानी से शहर को दोनों समय 15 दिनों तक सप्लाई मिल सकती है।
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शुक्रवार को नगर विधायक मनीष असीजा ने जल निगम के चीफ इंजीनियर आरके गर्ग, अधीक्षण अभियंता केजी सिंह, एक्सईएन राकेश कुमार व अन्य अधिकारियों के साथ झील का निरीक्षण किया। इस दौरान निर्माण कार्य पूरा न मिलने पर विधायक ने नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि यदि समय से झील का निर्माण पूरा नहीं हुआ तो आने वाले दिनों में शहर में पानी का संकट खड़ा हो जाएगा।
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इसको लेकर चीफ इंजीनियर और एसई ने कार्यदायी संस्था पर तीन लाख रुपये प्रतिदिन का जुर्माना लगाने के आदेश स्थानीय एक्सईएन को दिए। साथ ही निर्माण कार्य 26 मार्च तक पूरा कराने के आदेश कार्यदायी संस्था को दिए गए। तीन लाख रुपये का जुर्माना निर्माण कार्य पूरा न होने तक रोजाना लगता रहेगा।
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जल निगम के अधिशासी अभियंता राकेश कुमार का कहना है कि काम करने वाली कंपनी को काम पूरा करने के लिए 26 मार्च तक का समय दिया है। 15 मार्च से 26 मार्च तक प्रति दिन तीन लाख रुपये का जुर्माना कंपनी पर लगाया जाएगा।
पांचवी बार लगा है जुर्माना
झील का निर्माण करने वाली कार्यदायी संस्था पर पांचवी बार जुर्माना लगाया गया है। सबसे पहले 32 लाख रुपये का जुर्माना 30 अक्तूबर को लगाया गया था। इसके बाद नौ लाख 76 हजार का जुर्माना लगाया गया। फिर भी निर्माण कार्य पूरा न होने पर आठ लाख 38 हजार व 10 लाख 50 हजार रुपये का जुर्माना लगाया जा चुका है। इसके बाद भी कार्यदायी संस्था द्वारा झील निर्माण में लापरवाही बरती जा रही है।
झील में स्टोर रहेगा 15 दिन तक का पानी
नंदपुर इंटेक प्लांट के पास बन रही झील में 900 मिलियन लीटर पानी एकत्रित करने की क्षमता है। इस पानी से शहर को दोनों समय 15 दिनों तक सप्लाई मिल सकती है।