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Firozabad News: जहरीली हुई जवाहरपुरम की हवा, विभवनगर में भी घुट रहा दम

Thu, 07 Nov 2024 12:25 AM IST
आगरा ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, फिरोजाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फिरोजाबाद Updated Thu, 07 Nov 2024 12:25 AM IST
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Jawaharpuram's air becomes poisonous, Vibhavnagar is also suffocating
फिरोजाबाद। जिले में लगातार वायु प्रदूषण बढ़ रहा है। सुबह 11 बजे तक धुंध की चादर छाई रही। करीब 12 बजे के बाद चटक धूप निकलने के बाद ही धुंध छटी। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के मॉनीटरिंग सिस्टम के आंकड़े के मुताबिक बुधवार को शहर में सबसे ज्यादा जहरीली हवा जवाहरपुरम की रही। जबकि विभव नगर रेड जोन में शामिल रहा। इस कारण लोगों को सांस लेने में परेशानी हुई, वहीं आंखों में जलन की शिकायत रही।सुहागनगरी में बुधवार को औसतन वायु प्रदूषण का सूचकांक (एक्यूआई) 219 तक रहा। शाम तक एक्यूआई 209 पर पहुंचने पर सुधार हुआ। स्मॉग अधिक होने की वजह से आंखों में जलन महसूस हुई। अस्थमा रोगियों को वायु प्रदूषण के कारण काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। जवाहरनगर में एक्यूआई 173 रहा। जबकि शहर की पॉश कॉलोनी विभव नगर मे एक्यूआई 143 व औद्योगिक क्षेत्र नगला भाऊ में एक्यूआई 120 पर रहा।
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दिवाली पर दो दिनों तक जले पटाखों का विषैला धुआं हवा में घुलने से प्रदूषण बढ़ गया है। धुंध के कारण सुबह जहां दृश्यता करीब 200 मीटर रही। आंकड़ों के मुताबिक जिले में एक्यूआई 219 तक पहुंच गया, जो तीन दिन पहले 218 पर था। स्वास्थ्य विशेषज्ञाें के मुताबिक 100 के ऊपर एक्यूआई का पहुंचना बच्चों, बुजुर्गों व सांस के रोगियों के लिए खतरनाक माना जाता है।
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अस्पतालों में पहुंच रहे सांस के मरीज

प्रदूषण का असर सेहत पर किस प्रकार पड़ रहा है, इसकी हकीकत अस्पतालों में पहुंचने वाले सांस के मरीजों से हो रही है। बुधवार को मेडिकल कॉलेज की ओपीडी में सांस व खांसी के मरीज अधिक दिखे। कुछ मरीजों को सीने में जलन की शिकायत भी रही। चिकित्सक ने मरीजों को मास्क लगाने का सुझाव दिया है। आंखों में जलन के मरीज भी बढ़ गए हैं।
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-वायु प्रदूषण का सबसे अधिक असर फेफड़ों पर पड़ता है। इसके अलावा आंख, स्किन और शरीर के दूसरे अंग भी वायु प्रदूषण से प्रभावित होते हैं। गर्भवती व बच्चों के लिए भी वायु प्रदूषण घातक है। सांस के रोगी घर से निकलते समय मास्क का प्रयोग करें।

डॉ. ब्रजमोहन, जिला क्षय रोग अधिकारी


हवा न चलने से बढ़ी परेशानी
तेज या हल्की हवा न चलने के कारण वायु प्रदूषण बढ़ रहा है। यदि हवा चलती है तो फिर वायु प्रदूषण तेजी से कम होगा। प्रदूषण बढ़ने के कारण सुबह और शाम के समय प्रदूषण वालों की संख्या पार्कों में कम हो गई है।



प्रतिबंध के बाद भी खुले में जल रहा कूड़ा
सड़कों पर कूड़ा जलने के मामले रुक नहीं रहे हैं। यहां तक कि नगर पालिका द्वारा पानी का छिड़काव भी नहीं कराया जा रहा है। इस कारण सड़कों पर धूल और धुआं उड़ रहा है। जो वायु प्रदूषण बढ़ने का बढ़ा कारण है।




एक्यूआई की आदर्श स्थिति

शून्य से 50 : अच्छा

51 से 100 : संतोषजनक

101 से 200 : मध्यम

201 से 300 : बुरी

301 से 400 : बहुत बुरी

401 व अधिक : अति गंभीर




प्रदूषण बढ़ना चिंताजनक है। लोगों से अपील है कि वह खुले में कूड़ा न जलाएं, आतिशबाजी न करें। पुलिस-प्रशासन लगातार कार्रवाई कर रहा है। सड़कों पर पानी का छिड़काव कराया जा रहा है।
-राजेंद्र प्रसाद, क्षेत्रीय अधिकारी प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड
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