फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Firozabad News ›   jam on the death of a prisoner in jail

जेल में बंदी की मौत पर हंगामा-जाम

Sun, 28 Dec 2014 11:26 PM IST
ब्यूरो अमर उजाला फीरोजाबाद
ब्यूरो अमर उजाला फीरोजाबाद Updated Sun, 28 Dec 2014 11:26 PM IST
विज्ञापन
जिला जेल में बंदी की शनिवार को जिला अस्पताल में मौत हो गई। परिवारीजनों
विज्ञापन
ने जेल प्रशासन पर हत्या का आरोप लगा हाईवे जाम का प्रयास किया। पुलिस ने शव को पीएम कराने के बाद परिवार के लोगों को सौंपा तो उन्होंने जाटवपुरी चौराहा पर शव रख कर जाम लगा दिया। पुलिस ने बमुश्किल लोगों को समझाबुझा कर जाम खुलवाया।


रसूलपुर थाना क्षेत्र के मोहल्ला झमईया टोला निवासी राशिद उर्फ मोहन डॉन (32) पुत्र अनवार खां को डीएम द्वारा छह माह के लिए जिला बदर किया गया था। 26 अक्तूबर को राशिद अपनी पत्नी शबनम और बच्चों से मिलने के लिए घर आया था। सूचना पर पहुंची रसूलपुर पुलिस ने उसको गिरफ्तार कर लिया और 27 अक्तूबर को आधा किलो चरस सहित जेल भेज दिया। तब से वह जेल में बंद था।


27 दिसंबर की रात करीब साढ़े बारह बजे राशिद की तबीयत खराब हुई तो बैरक की निगरानी कर रहे सिपाही ने जेल अधीक्षक और चिकित्सक को सूचना दी। राशिद को प्राथमिक उपचार देने के बाद जिला अस्पताल भेज दिया गया। जिला अस्पताल में रात करीब दो बजे राशिद ने दम तोड़ दिया। राशिद की मौत पर परिवारीजन जिला अस्पताल पहुंच गए। रविवार सुबह करीब दस बजे उन्होंने जेल प्रशासन पर हत्या का आरोप लगाते हुए हाईवे जाम का प्रयास किया। वहां मौजूद कोतवाल उत्तर ने उन्हें जाम लगाने से रोक अधिकारियों को सूचना दी। इस पर एएसपी संजय यादव के साथ सिटी, टूंडला, सदर, शिकोहाबाद और जसराना की पुलिस के साथ एसडीएम सदर, तहसीलदार भी आ गए। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने शव का पीएम कराते हुए परिवारीजनों को सौंप दिया।



पीएम के दौरान वीडियोग्राफी कराई गई। परिवारीजन शव को लेकर जाटवपुरी चौराहा पर पहुंचे तो जेल अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर हाईवे जाम कर दिया। इससे हाईवे पर वाहनों की कतार गई गई। बाद में पुलिस ने बमुश्किल लोगों को समझाबुझा का जाम को खुलवाया। परिवारीजनों का आरोप था कि जेल में राशिद की पिटाई की गई इस कारण उसकी तबियत बिगड़ी।
 बैरक नंबर छह में बंद था राशिद
जेल अधीक्षक पीएन पांडेय ने बताया कि राशिद को 27 अक्तूबर को रसूलपुर पुलिस जेल लेकर आई थी। तब से वह बैरक नंबर छह में बंद था। रात करीब 12 बजे वह लघुशंका करने के बाद बैरक में जमीन पर गिर गया। राशिद डायबिटीज का मरीज था।

तहरीर आने पर होगी जांच
जेल प्रशासन पर हत्या का आरोप लगाए जाने पर सीओ टूंडला केहर सिंह राना का कहना है कि यदि परिवारीजन तहरीर देते हैं तो मामले की जांच मजिस्ट्रेट द्वारा कराई जाएगी।

थाने को भी बनाया छावनी
घटना के बाद परिवारीजनों के आक्रोश को देखते हुए पुलिस अधीक्षक अजय मोहन शर्मा ने रसूलपुर थाने को छावनी के में तब्दील कर दिया था। यहां पीएसी के साथ देहात सर्किल का पुलिस बल तैनात किया गया था।

दो हत्याओं सहित 13 मुकदमे दर्ज थे
रसूलपुर थानाध्यक्ष ने बताया कि राशिद पर दो हत्याओं, तीन फिरौती की मांग सहित 13 मुकदमे टूंडला, रामगढ़ और रसूलपुर थाने में दर्ज थे। इनमें गैंगस्टर, एनडीपीएस तथा गुंडा एक्ट का भी मामला शामिल है। गुंडा एक्ट के तहत छह माह के लिए डीएम द्वारा जिला बदर किया गया था।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed