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धर्मश्रुत शोध संस्थान से प्राचीन शास्त्र और धर्मग्रंथ हटाने का विरोध
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फिरोजाबाद। श्री धर्मश्रुत शोध संस्थान एवं पद्मावती पुरवाल दिगंबर जैन समाज की संयुक्त बैठक वंशीधर धर्मशाला गली लोहियान में राजेश जैन की अध्यक्षता में संपन्न हुई। बैठक में नसियाजी मंदिर में बालयोगी जैन मुनि अमित सागर महाराज की प्रेरणा से स्थापित धर्म श्रुत शोध संस्थान स्थल से प्राचीन शास्त्रों, अलमारियों अन्य धार्मिक सामग्री को हटाने का विरोध किया।
वक्ताओं ने कहा कि जैन मुनि अमित सागर महाराज की प्ररेणा से दानवीरों ने धर्मश्रुत शोध संस्थान का निर्माण प्राचीन शास्त्रों के संरक्षण, धर्म शास्त्रों के अनुरक्षण के लिए कराया था। हस्तलिखित प्राचीन शास्त्र, अन्य धार्मिक ग्रंथ और स्वर्ण जड़ित शास्त्र 40 अलमारियों में रखे थे। इन अलमारियों को रातोंरात मंदिर कमेटी ने दूसरे स्थान पर रखवा दिया। दान देने वालों के शिलालेख तोड़ दिए। सुशील जैन जनरल स्टोर ने कहा कि नसिया मंदिर पूर्ण रूप से पद्यमावती पुरवाल समाज की संपत्ति है। इसे अन्य हाथों में नहीं जाने दिया जाएगा लेकिन चंद लोग आपसी तनाव पैदा कर रहे हैं।
बैठक में धर्मश्रुत संस्थान के अध्यक्ष साहू जय प्रकाश जैन, प्रदीप जैन एडवोकेट, साहू सत्येंद्र जैन, रतन जैन, अनुज जैन, इंद्र कुमार जैन, विनय कुमार जैन, अरविंद जैन, मुकेश जैन, कमल कुमार जैन आदि मुख्य रुप से उपस्थित थे। संचालन राहुल जैन इसौली ने किया।
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वक्ताओं ने कहा कि जैन मुनि अमित सागर महाराज की प्ररेणा से दानवीरों ने धर्मश्रुत शोध संस्थान का निर्माण प्राचीन शास्त्रों के संरक्षण, धर्म शास्त्रों के अनुरक्षण के लिए कराया था। हस्तलिखित प्राचीन शास्त्र, अन्य धार्मिक ग्रंथ और स्वर्ण जड़ित शास्त्र 40 अलमारियों में रखे थे। इन अलमारियों को रातोंरात मंदिर कमेटी ने दूसरे स्थान पर रखवा दिया। दान देने वालों के शिलालेख तोड़ दिए। सुशील जैन जनरल स्टोर ने कहा कि नसिया मंदिर पूर्ण रूप से पद्यमावती पुरवाल समाज की संपत्ति है। इसे अन्य हाथों में नहीं जाने दिया जाएगा लेकिन चंद लोग आपसी तनाव पैदा कर रहे हैं।
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बैठक में धर्मश्रुत संस्थान के अध्यक्ष साहू जय प्रकाश जैन, प्रदीप जैन एडवोकेट, साहू सत्येंद्र जैन, रतन जैन, अनुज जैन, इंद्र कुमार जैन, विनय कुमार जैन, अरविंद जैन, मुकेश जैन, कमल कुमार जैन आदि मुख्य रुप से उपस्थित थे। संचालन राहुल जैन इसौली ने किया।
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