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पति को दस वर्ष कारावास की सजा
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पति को दस वर्ष कारावास की सजा
आत्महत्या के लिए प्रेरित करने का मिला दोषी
- दो लाख का लगाया अर्थदंड, डेढ़ लाख मृतका के माता-पिता के देने के आदेश
संवाद न्यूज एजेंसी
फिरोजाबाद। अपर जिला जज षष्टम आजाद सिंह ने चार वर्ष पूर्व महिला की जलकर मौत के मामले में पति को आत्महत्या के लिए प्रेरित करने का दोषी मानते हुए दस वर्ष कारावास की सजा सुनाई है। दो लाख का अर्थदंड भी लगाया है। इसे अदा नहीं करने पर एक वर्ष का अतिरिक्त कारावास भोगना होगा।
मामला थाना थाना बसई मोहम्मदपुर क्षेत्र के गांव नगला शेख का है।नगला शेख निवासी महिला की 2018 में जलकर मौत हो गई थी। मृतका के भाई कप्तान ने अपने बहनोई हरिमोहन समेत सात के खिलाफ दहेज के खातिर बहन की जलाकर हत्या करने का मुकदमा दर्ज कराया था। पुलिस ने विवेचना के बाद आरोप पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया। शासन की ओर से पैरवी करते हुए एडीजीसी अजय कुमार शर्मा ने हाईकोर्ट व सुप्रीमकोर्ट की दलीलें देते हुए सजा की मांग की। न्यायाधीश ने गवाहों के बयान एवं साक्ष्यों के आधार पर पति हरिओम को दोषी मानते हुए दस वर्ष कारावास की सजा सुनाई है। अन्य आरोपियों को बरी कर दिया है। दो लाख का अर्थदंड भी लगाया है। अर्थदंड न देने पर एक वर्ष का अतिरिक्त कारावास भोगना होगा। डेढ़ लाख रुपये मृतका के माता पिता को दिए जाने के आदेश दिए है।
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आत्महत्या के लिए प्रेरित करने का मिला दोषी
- दो लाख का लगाया अर्थदंड, डेढ़ लाख मृतका के माता-पिता के देने के आदेश
संवाद न्यूज एजेंसी
फिरोजाबाद। अपर जिला जज षष्टम आजाद सिंह ने चार वर्ष पूर्व महिला की जलकर मौत के मामले में पति को आत्महत्या के लिए प्रेरित करने का दोषी मानते हुए दस वर्ष कारावास की सजा सुनाई है। दो लाख का अर्थदंड भी लगाया है। इसे अदा नहीं करने पर एक वर्ष का अतिरिक्त कारावास भोगना होगा।
मामला थाना थाना बसई मोहम्मदपुर क्षेत्र के गांव नगला शेख का है।नगला शेख निवासी महिला की 2018 में जलकर मौत हो गई थी। मृतका के भाई कप्तान ने अपने बहनोई हरिमोहन समेत सात के खिलाफ दहेज के खातिर बहन की जलाकर हत्या करने का मुकदमा दर्ज कराया था। पुलिस ने विवेचना के बाद आरोप पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया। शासन की ओर से पैरवी करते हुए एडीजीसी अजय कुमार शर्मा ने हाईकोर्ट व सुप्रीमकोर्ट की दलीलें देते हुए सजा की मांग की। न्यायाधीश ने गवाहों के बयान एवं साक्ष्यों के आधार पर पति हरिओम को दोषी मानते हुए दस वर्ष कारावास की सजा सुनाई है। अन्य आरोपियों को बरी कर दिया है। दो लाख का अर्थदंड भी लगाया है। अर्थदंड न देने पर एक वर्ष का अतिरिक्त कारावास भोगना होगा। डेढ़ लाख रुपये मृतका के माता पिता को दिए जाने के आदेश दिए है।
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