फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Firozabad News ›   Innocent's death in hospital commotion, sabotage

मासूम की मौत पर अस्पताल में हंगामा, तोड़फोड़

Tue, 04 Aug 2015 11:16 PM IST
ब्यूरो,अमर उजाला फीरोजाबाद
ब्यूरो,अमर उजाला फीरोजाबाद Updated Tue, 04 Aug 2015 11:16 PM IST
विज्ञापन
Innocent's death in hospital commotion, sabotage
मासूम बच्ची की मौत पर परिवारीजनों ने अस्पताल में हंगामा कर दिया। आक्रोशित लोगों ने आपातकालीन विभाग में रखे सरकारी अभिलेख  फाड़ दिए और अस्पताल का फर्नीचर भी तोड़ दिया। पीड़ित परिवारीजनों ने तकरीबन दो घंटे तक उपद्रव किया। सूचना पर पहुंची पुलिस से भी परिवारीजन भिड़ गए। पुलिस की मौजूदगी में भी मारपीट हुई। बाद में, कई थानों का फोर्स पहुंचने पर हालात काबू में आ सके।
विज्ञापन

रामगढ़ के मोहल्ला कश्मीरीगेट निवासी शबाना पत्नी इमरान ने आठ दिन पूर्व जिला महिला अस्पताल में बच्ची जन्म दिया था। बच्ची की हालत गंभीर होने पर शबाना मंगलवार सुबह करीब नौ बजे पति इमरान और भाई अनवर के साथ बच्ची को लेकर आपातकालीन विभाग पहुंची। गंभीर हालत में बच्ची को देखकर डा. भारत गोस्वामी ने  कॉल कर बालरोग विशेषज्ञ डा. नेमी चंद्रा को बुलाया। उन्होंने बच्ची को ऑक्सीजन लगाने के साथ ही आगरा रेफर कर दिया। बच्ची को परिवारीजन आगरा ले जाते लेकिन इससे पहले ही मासूम की मौत हो गई। इसके बाद परिवारीजनों में आक्रोश फैल गया। आक्रोशित परिवारीजनों ने अस्पताल में हंगामा कर दिया। तोड़फोड़ करते हुए सरकारी अभिलेख फाड़ दिए। जानकारी मिलते ही ओपीडी के चिकित्सक और स्वास्थ्य कर्मचारी भी आपातकालीन विभाग में  पहुंच गए। यहां चिकित्सक डा. आरके पांडेय, डा. नवीन जैन, डा. बीपी कौशिक  द्वारा सरकारी अभिलेख फाड़ने का विरोध किया गया तो मृतका के मामा से उनकी झड़प हो गई। स्वास्थ्य कर्मचारियों ने विरोध किया तो मारपीट तक की नौबत आ गई। सूचना पर पुलिस फोर्स के साथ  अस्पताल आ गए और मामले को शांत कराया। मामले में किसी ने तहरीर नहीं दी।
विज्ञापन


चिकित्सकों पर लगाया हत्या का आरोप
मृतका  के मामा अनवर का आरोप है कि उसकी भांजी में सांसें चल रही थी। वह उसे आगरा ले जाने के लिए एंबुलेंस करने गया था। तभी ऑक्सीजन को हटा दिया गया। इससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई।
विज्ञापन
विज्ञापन


उपचार को तड़पते रहे मरीज
हंगामे के दौरान अस्पताल पहुंचे मरीज उपचार के लिए तड़पते नजर आए। हंगामे के कारण एक भी चिकित्सक अपने कक्ष में नहीं बैठा। इसके चलते ओपीडी सेवा भी पूरे दिन ठप रही।  चिकित्सकों की गैर उपस्थिति के चलते तीमारदार मरीज का बिना उपचार कराए घर  ले गए।



बच्ची को गैस पिन हालत में अस्पताल लाया गया था। स्वास्थ्य कर्मचारियों और चिकित्सक की लापरवाही नहीं है। पीड़ित  परिजनों द्वारा आपात कालीन विभाग में हंगामा और सरकारी अभिलेखों को फाड़े  जाने की जानकारी पुलिस को मीमो भेजकर दी गई है।
डा. अजय शुक्ल, सीएमएस
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed