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हड़ताल खत्म नहीं हुई तो लीं एंबुलेंस की चाबी, चालकों का आंदोलन जारी
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शिकोहाबाद- एसडीएम और सीओ के समक्ष एसीएमओ डॉ. प्रताप को चाबी सौंपते एंबुलेंस चालक ।
- फोटो : FIROZABAD
शिकोहाबाद (फिरोजाबाद)। जिला प्रशासन एंबुलेंसकर्मियों की हड़ताल को खत्म नहीं करा सका। एंबुलेंसकर्मी पांच सूत्रीय मांगों को लेकर 108 व 102 एंबुलेंस कर्मचारी विगत चार दिन से चक्का जाम कर हड़ताल पर हैं। बृहस्पतिवार को प्रशासनिक अधिकारियों के समझाने पर एंबुलेंसकर्मी हड़ताल खत्म करने को तैयार नहीं हुए तो स्वास्थ्य अधिकारी ने एंबुलेंस की चाबियों को जब्त कर लिया। सीएमओ कार्यालय में एंबुलेंस कंपनी के प्रतिनिधियों से नए ड्राइवरों के इंतजाम को लेकर वार्ता चलती रही।
बृहस्पतिवार को दोपहर तीन बजे एसीएमओ डॉ. प्रताप सिंह, एसडीएम देवेंद्र प्रताप सिंह और सीओ राजवीर सिंह धरना स्थल पर पहुंचे और चालकों से गाड़ियों की चाबी देने को कहा। इस पर एंबुलेंस चालकों ने सभी गाड़ियों को चाबी एकत्रित कर एसीएमओ को सौंपी। चालकों ने कहा कि उनकी हड़ताल जारी रहेगी। जीवन दायिनी एंबुलेंस 102 व 108 का संचालन जीबीए कंपनी द्वारा किया जा रहा था लेकिन अब ठेका दूसरी कंपनी को दे दिया है। इसी कारण एंबुलेंस स्टाफ के सामने समस्या खड़ी हो गई है। स्टाफ पांच सूत्रीय मांगों को लेकर हड़ताल पर है। कर्मचारियों का कहना है कि हमने प्रशासन को गाड़ियों की चाबियां दे दी हैं। अब प्रांतीय नेतृत्व का जो आदेश होगी उसी के अनुरूप आगे की रणनीति बनाएंगे। फिलहाल हड़ताल जारी है।
क्या कहते हैं अधिकारी
-एंबुलेंसकर्मियों से हड़ताल खत्म करने को कहा था लेकिन वह बात मानने को तैयार नहीं हैं। ऐसे में कंपनी के प्रतिनिधि को एंबुलेंस की चाबी दिलवा दीं हैं। एंबुलेंस संचालन की व्यवस्था बनाने को कंपनी के प्रतिनिधि एवं प्रशासन एंबुलेंस ड्राइवर का इंतजाम करने में जुटे हैं।
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डॉ. नीता कुलश्रेष्ठ, सीएमओ
ऑटो, ई-रिक्शा से आई गर्भवती महिलाएं, उठानी पड़ी तकलीफ
फिरोजाबाद। गांव गौंछ निवासी सत्यप्रकाश की पत्नी को प्रसव पीड़ा हुई। 102 नंबर पर फोन करने के बाद भी एंबुलेंस नहीं आई। वह ऑटो से ही महिला अस्पताल लेकर आए। आशा पार्वती ने बताया कि एंबुलेंस नहीं आने से गर्भवती महिलाओं की जांच नहीं हो पा रही है। देहात क्षेत्रों से प्रसव के लिए महिलाओं को अस्पताल तक आने में दिक्कत हो रही है। यदि किसी महिला को रात्रि के समय प्रसव पीड़ा उठ रही है तो घरेलू प्रसव के अलावा कोई अन्य इंतजाम नहीं बच रहा है। इसी तरह अन्य मरीज मोटरसाइकिल या अन्य संसाधन जुटाकर अस्पताल पहुंचे।
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बृहस्पतिवार को दोपहर तीन बजे एसीएमओ डॉ. प्रताप सिंह, एसडीएम देवेंद्र प्रताप सिंह और सीओ राजवीर सिंह धरना स्थल पर पहुंचे और चालकों से गाड़ियों की चाबी देने को कहा। इस पर एंबुलेंस चालकों ने सभी गाड़ियों को चाबी एकत्रित कर एसीएमओ को सौंपी। चालकों ने कहा कि उनकी हड़ताल जारी रहेगी। जीवन दायिनी एंबुलेंस 102 व 108 का संचालन जीबीए कंपनी द्वारा किया जा रहा था लेकिन अब ठेका दूसरी कंपनी को दे दिया है। इसी कारण एंबुलेंस स्टाफ के सामने समस्या खड़ी हो गई है। स्टाफ पांच सूत्रीय मांगों को लेकर हड़ताल पर है। कर्मचारियों का कहना है कि हमने प्रशासन को गाड़ियों की चाबियां दे दी हैं। अब प्रांतीय नेतृत्व का जो आदेश होगी उसी के अनुरूप आगे की रणनीति बनाएंगे। फिलहाल हड़ताल जारी है।
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क्या कहते हैं अधिकारी
-एंबुलेंसकर्मियों से हड़ताल खत्म करने को कहा था लेकिन वह बात मानने को तैयार नहीं हैं। ऐसे में कंपनी के प्रतिनिधि को एंबुलेंस की चाबी दिलवा दीं हैं। एंबुलेंस संचालन की व्यवस्था बनाने को कंपनी के प्रतिनिधि एवं प्रशासन एंबुलेंस ड्राइवर का इंतजाम करने में जुटे हैं।
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डॉ. नीता कुलश्रेष्ठ, सीएमओ
ऑटो, ई-रिक्शा से आई गर्भवती महिलाएं, उठानी पड़ी तकलीफ
फिरोजाबाद। गांव गौंछ निवासी सत्यप्रकाश की पत्नी को प्रसव पीड़ा हुई। 102 नंबर पर फोन करने के बाद भी एंबुलेंस नहीं आई। वह ऑटो से ही महिला अस्पताल लेकर आए। आशा पार्वती ने बताया कि एंबुलेंस नहीं आने से गर्भवती महिलाओं की जांच नहीं हो पा रही है। देहात क्षेत्रों से प्रसव के लिए महिलाओं को अस्पताल तक आने में दिक्कत हो रही है। यदि किसी महिला को रात्रि के समय प्रसव पीड़ा उठ रही है तो घरेलू प्रसव के अलावा कोई अन्य इंतजाम नहीं बच रहा है। इसी तरह अन्य मरीज मोटरसाइकिल या अन्य संसाधन जुटाकर अस्पताल पहुंचे।