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सौ शैय्या अस्पताल नहीं मान रहा किट से डेंगू की जांच, एलाइजा जांच पर ही भरोसा
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फिरोजाबाद। सौ शैय्या अस्पताल में डेंगू की जांच किट से नहीं मानी जा रही है। एक सप्ताह से किट से जांच पूरी तरह बंद हो गई है। सौ शैय्या अस्पताल में भर्ती मरीजों की डेंगू की पुष्टि के लिए एलाइजा जांच हो रही हैं। इस फार्मूले से सौ शैय्या अस्पताल में डेंगू मरीजों की संख्या घटी है। हालांकि निजी अस्पताल डेंगू किट से पॉजिटिव आने पर ही मरीज का इलाज शुरू कर रहे हैं।
जिले में डेंगू शुरु हुए करीब डेढ़ माह बीत गया है। सौ शैय्या अस्पताल में एक दिन में एक हजार तक सैंपल संकलित किए जा रहे थे। इसमें किट से ही डेंगू की जांच हो रही थी। इसमें 30 से 40 फीसदी तक मरीज डेंगू पॉजिटिव निकल रहे थे। शासन से लगातार मॉनिटरिंग हो रही थी। अब सौ शैय्या अस्पताल में किट से जांच बंद हो गई है। डेंगू के नाम पर सिर्फ एलाइजा जांच की जा रही है। इसमें 91 सैंपल का रिजल्ट आने में तीन से चार घंटे का समय लग जाता है।
पहले के मुकाबले में जांच कम हो रही हैं। सौ शैय्या अस्पताल के अभिलेखों की बात करें तो डेंगू के मरीज न के बराबर हैं। वायरल बुखार के नाम पर ही इलाज किया जा रहा है। इससे अस्पताल में मरीजों की संख्या 230 तक पहुंच गई है। उधर निजी अस्पताल पहले की तरह फुल चल रहे हैं। निजी अस्पतालों में डेंगू किट की रिपोर्ट को ही मान्य किया जा रहा है।
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जब एलाइजा जांच नहीं शुरु हुई थी तो किट पर निर्भर थे डॉक्टर
डेंगू फैलने के 10 दिन बाद तक एलाइजा जांच सौ शैय्या अस्पताल में शुरू नहीं हुई थी। उस समय मेडिकल कॉलेज किट ही रिपोर्ट मान रहा था।
सौ शैय्या अस्पताल में डेंगू की एलाइजा की जांच हो रही है। इससे डेंगू की स्पष्ट स्थिति पता लग जाती है। किट से एलाइजा जांच बेहतर है। मरीजों की संख्या पहले के मुकाबले कम हुई है।
डा. संगीता अनेजा, प्राचार्य
मेडिकल कॉलेज
बृहस्पतिवार को घर जाने को तैयार नहीं हुए मरीज
सौ शैय्या अस्पताल में जो मरीज ठीक हो गए थे। चिकित्सक ने उनका स्वास्थ्य परीक्षण करने के बाद घर के लिए दवा दे दी। मगर, बृहस्पतिवार का दिन होने के कारण चिकित्सक अपने मरीज की छुट्टी कराने को तैयार नहीं हुए। वहीं, नवदुर्गा का असर भी अस्पताल में दिखा। ओपीडी में मरीजों की संख्या कम हुई। अधिकांश काउंटर खाली पड़े रहे।
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जिले में डेंगू शुरु हुए करीब डेढ़ माह बीत गया है। सौ शैय्या अस्पताल में एक दिन में एक हजार तक सैंपल संकलित किए जा रहे थे। इसमें किट से ही डेंगू की जांच हो रही थी। इसमें 30 से 40 फीसदी तक मरीज डेंगू पॉजिटिव निकल रहे थे। शासन से लगातार मॉनिटरिंग हो रही थी। अब सौ शैय्या अस्पताल में किट से जांच बंद हो गई है। डेंगू के नाम पर सिर्फ एलाइजा जांच की जा रही है। इसमें 91 सैंपल का रिजल्ट आने में तीन से चार घंटे का समय लग जाता है।
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पहले के मुकाबले में जांच कम हो रही हैं। सौ शैय्या अस्पताल के अभिलेखों की बात करें तो डेंगू के मरीज न के बराबर हैं। वायरल बुखार के नाम पर ही इलाज किया जा रहा है। इससे अस्पताल में मरीजों की संख्या 230 तक पहुंच गई है। उधर निजी अस्पताल पहले की तरह फुल चल रहे हैं। निजी अस्पतालों में डेंगू किट की रिपोर्ट को ही मान्य किया जा रहा है।
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जब एलाइजा जांच नहीं शुरु हुई थी तो किट पर निर्भर थे डॉक्टर
डेंगू फैलने के 10 दिन बाद तक एलाइजा जांच सौ शैय्या अस्पताल में शुरू नहीं हुई थी। उस समय मेडिकल कॉलेज किट ही रिपोर्ट मान रहा था।
सौ शैय्या अस्पताल में डेंगू की एलाइजा की जांच हो रही है। इससे डेंगू की स्पष्ट स्थिति पता लग जाती है। किट से एलाइजा जांच बेहतर है। मरीजों की संख्या पहले के मुकाबले कम हुई है।
डा. संगीता अनेजा, प्राचार्य
मेडिकल कॉलेज
बृहस्पतिवार को घर जाने को तैयार नहीं हुए मरीज
सौ शैय्या अस्पताल में जो मरीज ठीक हो गए थे। चिकित्सक ने उनका स्वास्थ्य परीक्षण करने के बाद घर के लिए दवा दे दी। मगर, बृहस्पतिवार का दिन होने के कारण चिकित्सक अपने मरीज की छुट्टी कराने को तैयार नहीं हुए। वहीं, नवदुर्गा का असर भी अस्पताल में दिखा। ओपीडी में मरीजों की संख्या कम हुई। अधिकांश काउंटर खाली पड़े रहे।