{"_id":"c0ea9bdff87c1a18635783485e1a0c91","slug":"house-demolish-two-injured-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"बरसात में मकान गिरे, दाो घायल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बरसात में मकान गिरे, दाो घायल
ब्यूरो,अमर उजाला फीरोजाबाद
Updated Sat, 11 Jul 2015 11:51 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बरसात के चलते शिकोहाबाद में मकान की छत गिरने से पिता-पुत्र घायल हो गए। घायल पिता-पुत्र को उपचार के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया।
शिकोहाबाद के मोहल्ला खेड़ा निवासी हरिओम पुत्र सुरेश चंद्र अपने पुत्र मोहित के साथ मकान के कमरे में सो रहे थे। अलसुबह बरसात के चलते मकान की छत गिर पड़ी। इसके मलबे में दबे पिता पुत्र को बचाने के लिए लोग मौके पर पहुंच गए। छत के मलबे में दबे पिता पुत्र को क्षेत्रीय लोगों ने बाहर निकाला और पुलिस को सूचना दी। इधर, दोनों को गंभीर हालत में जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। वहीं रामगढ़ के मोहल्ला सरजीवन नगर निवासी नीरू पुत्र श्यामबाबू की मकान की छत गिर गई। हालांकि छत गिरने से कोई जनहानि नहीं हुई लेकिन लाखों रुपये का सामान दब गया। हादसे की जानकारी पर क्षेत्रीय लोग मौके पर एकत्रित हो गए। क्षेत्रीय लोगों की सूचना पर इलाका पुलिस भी मौके पर पहुंच गई। पीड़ित ने बताया कि जिस समय हादसा हुआ था उस वक्त कमरे में कोई नहीं था। यदि बच्चे कमरे में होते हो गंभीर हादसा हो सकता था।
विज्ञापन
शिकोहाबाद के मोहल्ला खेड़ा निवासी हरिओम पुत्र सुरेश चंद्र अपने पुत्र मोहित के साथ मकान के कमरे में सो रहे थे। अलसुबह बरसात के चलते मकान की छत गिर पड़ी। इसके मलबे में दबे पिता पुत्र को बचाने के लिए लोग मौके पर पहुंच गए। छत के मलबे में दबे पिता पुत्र को क्षेत्रीय लोगों ने बाहर निकाला और पुलिस को सूचना दी। इधर, दोनों को गंभीर हालत में जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। वहीं रामगढ़ के मोहल्ला सरजीवन नगर निवासी नीरू पुत्र श्यामबाबू की मकान की छत गिर गई। हालांकि छत गिरने से कोई जनहानि नहीं हुई लेकिन लाखों रुपये का सामान दब गया। हादसे की जानकारी पर क्षेत्रीय लोग मौके पर एकत्रित हो गए। क्षेत्रीय लोगों की सूचना पर इलाका पुलिस भी मौके पर पहुंच गई। पीड़ित ने बताया कि जिस समय हादसा हुआ था उस वक्त कमरे में कोई नहीं था। यदि बच्चे कमरे में होते हो गंभीर हादसा हो सकता था।