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फिरोजाबादः आयुर्वेदिक दवाओं से कोरोना की जंग लड़ने जीतने की तैयारी, रणनीति तैयार
Mon, 29 Jun 2020 11:52 PM IST
आगरा ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, फिरोजाबाद
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, फिरोजाबाद
Published by: आगरा ब्यूरो
Updated Mon, 29 Jun 2020 11:52 PM IST
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कोरोना वायरस को मात देने के लिए एलोपैथी में अब तक कारगर दवा उपलब्ध नहीं हो सकी है। ऐसे में वायरस को अब आयुर्वेदिक बाण से भेदने की तैयारी है।
आायुष मंत्रालय ने गाइडलाइन जारी कर कोरोना संक्रमित और क्वारंटीन लोगों को अगस्त हरित की चटनी, आयुष 64 टेबलेट और अनु तेल देने के निर्देश दिए हैं। एक सप्ताह दवाओं के इस्तेमाल के बाद मरीज के बारे में आयुष मंत्रालय को रिपोर्ट भेजनी होगी। परिणाम अच्छे आने पर आम लोगों के लिए भी दवाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।
आयुष मंत्रालय की गाइडलाइन के अनुसार बुखार आने पर आयुष 64 टेबलेट, खांसी के मरीजों को अगस्त हरितकी चटनी और सांस के मरीजों को अनु तेल का प्रयोग कराने के निर्देश दिए गए हैं। एक सप्ताह दवा के सेवन के बाद मरीजों का फिर से परीक्षण किया जाएगा और रिपोर्ट आयुष मंत्रालय को भेजी जाएगी।
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आायुष मंत्रालय ने गाइडलाइन जारी कर कोरोना संक्रमित और क्वारंटीन लोगों को अगस्त हरित की चटनी, आयुष 64 टेबलेट और अनु तेल देने के निर्देश दिए हैं। एक सप्ताह दवाओं के इस्तेमाल के बाद मरीज के बारे में आयुष मंत्रालय को रिपोर्ट भेजनी होगी। परिणाम अच्छे आने पर आम लोगों के लिए भी दवाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।
आयुष मंत्रालय की गाइडलाइन के अनुसार बुखार आने पर आयुष 64 टेबलेट, खांसी के मरीजों को अगस्त हरितकी चटनी और सांस के मरीजों को अनु तेल का प्रयोग कराने के निर्देश दिए गए हैं। एक सप्ताह दवा के सेवन के बाद मरीजों का फिर से परीक्षण किया जाएगा और रिपोर्ट आयुष मंत्रालय को भेजी जाएगी।
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तीनों समस्याएं होने पर दी जाएंगी दवाएं
बुखार, खांसी, व सांस की तकलीफ होने पर मरीज को तीनों दवाएं दी जाएंगी। वहीं समस्या होने पर उससे संबंधित दवा दी जाएगी। दवा का असर जांचने के लिए एक सप्ताह परीक्षण भी किया जाएगा।
मंत्रालय ने गाइडलाइन जारी की है लेकिन प्रदेश सरकार के निर्देश का इंतजार है कि कौन सी दवा कितनी मात्रा में देनी है? उसके बाद मरीजों की रिपोर्ट ली जाएगी। दवा देने के बाद परिणाम पर नजर रखी जाएगी। डॉ. एसके दीक्षित, सीएमओ
अगस्त हरित की चटनी रक्तदोष को दूर करती है। वहीं आयुष 64 पेटेंट दवा है। अनु तेल जुकाम, सर्दी और सांस की समस्या में उपयोगी है। ये दवाएं कोरोना मरीजों पर कितनी काम करेंगी? परिणाम के बाद कहा जा सकता है। डॉ. प्रशांत अग्रवाल, आयुष विंग
बुखार, खांसी, व सांस की तकलीफ होने पर मरीज को तीनों दवाएं दी जाएंगी। वहीं समस्या होने पर उससे संबंधित दवा दी जाएगी। दवा का असर जांचने के लिए एक सप्ताह परीक्षण भी किया जाएगा।
मंत्रालय ने गाइडलाइन जारी की है लेकिन प्रदेश सरकार के निर्देश का इंतजार है कि कौन सी दवा कितनी मात्रा में देनी है? उसके बाद मरीजों की रिपोर्ट ली जाएगी। दवा देने के बाद परिणाम पर नजर रखी जाएगी। डॉ. एसके दीक्षित, सीएमओ
अगस्त हरित की चटनी रक्तदोष को दूर करती है। वहीं आयुष 64 पेटेंट दवा है। अनु तेल जुकाम, सर्दी और सांस की समस्या में उपयोगी है। ये दवाएं कोरोना मरीजों पर कितनी काम करेंगी? परिणाम के बाद कहा जा सकता है। डॉ. प्रशांत अग्रवाल, आयुष विंग
सैंपलिंग की संख्या बढाएं अन्यथा अगली बार होगी सख्त कार्रवाई
मंडलायुक्त अनिल कुमार ने सोमवार को विकास भवन सभागार में विभिन्न कार्यदायी संस्थाओं की कार्य प्रगति एवं कोविड-19 से बचाव के लिए जारी प्रयासों की समीक्षा की। कोरोना संक्रमण से जुडे़ मामलों में सैंपलिंग की संख्या आशानुरूप नहीं होने पर उन्होंने कड़ी नाराजगी व्यक्त की। मंडलायुक्त ने कंटेंमेंट जोन में टीम लगा कर कोरोना संदिग्धों की सैंपलिंग के निर्देश दिए।
मंडलायुक्त ने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को दी कड़ी चेतावनी
मंडलायुक्त अनिल कुमार ने सोमवार को विकास भवन सभागार में आयोजित बैठक में कोविड-19 संक्रमण की रोकथाम के लिए किए जा रहे कार्यों की समीक्षा की। समीक्षा के दौरान निर्धारित संख्या से कम कोविड-19 की सैंपलिंग पर उन्होंने कड़ी नाराजगी जताई। सैंपलिंग बढ़ाने संबंधी कार्य योजना के बारे में संतोषजनक उत्तर नही देने पर भी सुधार के लिए सीएमओ को कडे़ कदम उठाने को कहा।
मंडलायुक्त ने कंटेनमेंट जोन में टीमें लगा कर सैंपलिंग के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि खांसी, जुकाम एवं बुखार की शिकायत पर तुरंत सैंपलिंग कराई जाए। उन्होंने सैंपलिंग की दैनिक रिपोर्ट तैयार कर प्रेषित करने को कहा और कोविड-19 से जुडे़ कार्यों में लापरवाही करने वाले कर्मचारियों के खिलाफ एफआईआर करने के निर्देश प्राचार्य मेडीकल कॉलेज संगीता अनेजा को दिए। बैठक में डीएम चंद्र विजय सिंह, नगर आयुक्त, सीडीओ नेहा जैन एवं एसएसपी सचिंद्र पटेल के अतिरिक्त नगर मजिस्ट्रेट कुंवर पंकज सिंह मौजूद रहे।
मंडलायुक्त अनिल कुमार ने सोमवार को विकास भवन सभागार में विभिन्न कार्यदायी संस्थाओं की कार्य प्रगति एवं कोविड-19 से बचाव के लिए जारी प्रयासों की समीक्षा की। कोरोना संक्रमण से जुडे़ मामलों में सैंपलिंग की संख्या आशानुरूप नहीं होने पर उन्होंने कड़ी नाराजगी व्यक्त की। मंडलायुक्त ने कंटेंमेंट जोन में टीम लगा कर कोरोना संदिग्धों की सैंपलिंग के निर्देश दिए।
मंडलायुक्त ने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को दी कड़ी चेतावनी
मंडलायुक्त अनिल कुमार ने सोमवार को विकास भवन सभागार में आयोजित बैठक में कोविड-19 संक्रमण की रोकथाम के लिए किए जा रहे कार्यों की समीक्षा की। समीक्षा के दौरान निर्धारित संख्या से कम कोविड-19 की सैंपलिंग पर उन्होंने कड़ी नाराजगी जताई। सैंपलिंग बढ़ाने संबंधी कार्य योजना के बारे में संतोषजनक उत्तर नही देने पर भी सुधार के लिए सीएमओ को कडे़ कदम उठाने को कहा।
मंडलायुक्त ने कंटेनमेंट जोन में टीमें लगा कर सैंपलिंग के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि खांसी, जुकाम एवं बुखार की शिकायत पर तुरंत सैंपलिंग कराई जाए। उन्होंने सैंपलिंग की दैनिक रिपोर्ट तैयार कर प्रेषित करने को कहा और कोविड-19 से जुडे़ कार्यों में लापरवाही करने वाले कर्मचारियों के खिलाफ एफआईआर करने के निर्देश प्राचार्य मेडीकल कॉलेज संगीता अनेजा को दिए। बैठक में डीएम चंद्र विजय सिंह, नगर आयुक्त, सीडीओ नेहा जैन एवं एसएसपी सचिंद्र पटेल के अतिरिक्त नगर मजिस्ट्रेट कुंवर पंकज सिंह मौजूद रहे।