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हक के लिए आधी आबादी को आना होगा आगे

ब्यूरो, अमर उजाला फिरोजाबाद Updated Mon, 06 Mar 2017 11:33 PM IST
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demo pic - फोटो : अमर उजाला
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 महिलाओं को आगे बढ़ने के लिए योजनाएं तो अनेक संचालित हैं। कुछ को छोड़ दें तो कइयों को सरकारी योजनाओं का लाभ भी नहीं मिलता। मनरेगा योजना में महिलाओं के लक्ष्य को पूरा करने की जद्दोजहद करनी पड़ती है। जननी सुरक्षा एवं विधवा पेंशन तक आसानी से नहीं मिलती। दिव्यांगता का दंश झेलने वाली महिलाओं को हर जरूरी चीजों के लिए संघर्ष करना पड़ता है।
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आधी आबादी महिलाओं की हम बात करें तो उन्हें हक देने की वकालत तो बहुत होती है लेकिन हकीकत में उतना ही लाभ नहीं मिलता। महिलाएं मुसीबत में तो महिला हेल्पलाइन 1090 शुरू की। विधवाओं के लिए पेंशन शुरू की। अभी 21435 महिलाओं को पेंशन दिया जाता है। काफी आवेदक तो कतार में हैं। अक्तूबर से पूर्व तक 300 तथा अब पांच सौ रुपया हर माह मिलते हैं। गरीब कन्याओं को विवाह अनुदान मिलने में दिक्कत है।

 -21435 विधवा महिलाओं को दी जाती है विधवा पेंशन।
-मनरेगा योजना में 33 प्रतिशत काम मिले लेकिन 26.16 प्रतिशत ही काम दिया गया।
-महिला हेल्पलाइन 1090 सीधे लखनऊ से संचालित।  
-जननी सुरक्षा योजना शहर में एक हजार,गांव में 1400 रुपया होता है भुगतान।
-1142 कन्याओं को मिला 30 हजार रुपया कन्या विद्याधन का भुगतान।
-दस लाख तक की रजिस्ट्री कराने में (महिलाओं) को एक प्रतिशत शुल्क में छूट।

राजनीतिक दल भी नहीं देते महिलाओं को तवज्जो
फिरोजाबाद(ब्यूरो)। आजादी के बाद से आज तक जिले में कोई महिला विधायक और सांसद नहीं चुना गया। विस चुनाव में प्रमुख दल सपा, भाजपा, बसपा में से किसी ने महिला उम्मीदवार नहीं बनाया। शिकोहाबाद विधानसभा से पूर्व ब्लाक प्रमुख मीना राजपूत के नाम की चर्चा चली लेकिन नाम भी कट गया।
महिलाएं प्रधान, ब्लाक प्रमुख, पति और अन्य परिजन संभालते हैं काम
फिरोजाबाद(ब्यूरो)। जिले की 569 ग्राम पंचायतों में 241 पर महिलाएं प्रधान के रूप में काबिज हैं। पंचायतों के चलाने का काम पुरुष करते दिखते हैं। नौ महिला प्रधान पोस्टग्रेजुएट हैं। फिर भी पंचायत संचालन में रुचि नहीं लेतीं। जिले के नौ ब्लाक प्रमुख में चार पर महिलाएं काबिज हैं। टूंडला वीना कुमारी एवं फिरोजाबाद अर्चना, शिकोहाबाद रुबी देवी, अरांव में अमृता सिंंह हैं।  किसी के पति तो किसी के परिजन ब्लाक प्रमुख का काम संभाल रहे हैं।
कोट
जो पार्टियां महिलाओं को सम्मान नहीं देंगी, आने वाले समय में उनके लिए परिणाम अच्छा नहीं होगा। भविष्य में हर क्षेत्र में महिलाएं अपने काम के बल पर आगे बढ़ेंगी। पुरुष प्रधान देश हैं,थोड़ी दिक्कत है लेकिन हमें भरोसा है महिलाएं अब रुकेंगी नहीं। अपना हक लेकर रहेंगी।
मीना राजपूत पूर्व ब्लाक प्रमुख एवं प्रदेश सचिव सपा।
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एजूकेशन में हाईस्कूल व इंटर के परिणाम देखें तो महिलाएं (बेटियां) ही आगे रहतीं हैं। राजनीति, बड़े ओहदों पर पहुंचने में थोड़ी दिक्कत है। इसके लिए काफी हद तक तो यह समाज और खुद महिलाएं जिम्मेदार हैं। महिलाएं जब तक सामाजिक बंधन से मुक्त नहीं होंगी तब तक फैसला नहीं हो सकतीं। पुरुषवादी मानसिकता को त्यागना होगा। हर महिला के लीड करने को स्वीकारना होगा।
कल्पना राजौरिया
फेडरेशन अफसर जायंट्स ग्रुप महिला शक्ति फिरोजाबाद ।
जब तक सामाजिक बदलाव नहीं होगा,तब तक महिलाएं आगे नहीं बढ़ सकती हैं। महिलाओं को लीड करना खुद ही पुरुष को स्वीकार करना होगा। पुरुषों को महिलाओं को आगे बढ़नें में गिल्टी फील नहीं करनी चाहिए।
रेनू अरोरा पूर्व अध्यक्ष जायंट्स ग्रुप ऑफ महिला शक्ति।
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