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स्वर्णकार लूटकांड का खुलासा, पांच बदमाश गिरफ्तार
ब्यूरो,अमर उजाला फीरोजाबाद
Updated Sun, 23 Aug 2015 10:52 PM IST
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फीरोजाबाद। स्वर्णकार पिंकी के घर पड़ी डकैती की घटना को अंजाम देने का तानाबाना उनके घर काम करने वाले नौकर ने बुना था। वारदात को अंजाम देने वाले पांच बदमाशों की गिरफ्तारी करते हुए घटना का खुलासा कर दिया। पुलिस ने बदमाशों की निशानदेही पर लूटा गया माल भी बरामद किया है।
एसपी सिटी उदय शंकर सिंह ने बताया कि स्वर्णकार पिंकी की दुकान पर मोहल्ला कोटला माता वाली गली निवासी शीलेश यादव छह साल से काम करता था। उसका घर आना जाना था। घटना को अंजाम देने के लिए शीलेश ने अपने साथी आकाश जाटव उर्फ बम पुत्र दिनेश जाटव निवासी नई बस्ती, रवि गुप्ता निवासी मोहल्ला कोटला, कन्नू उर्फ शिवम शिवहरे पुत्र ओमप्रकाश शिवहरे निवासी नलकूप वाली गली मोहल्ला कोटला, धर्मेंद्र गुप्ता पुत्र श्रीप्रकाश गुप्ता निवासी जगजीतनगर शमसाबाद रोड आगरा के साथ साजिश रची थी। एसपी सिटी ने बताया कि 13 अगस्त को पिंकी के दुकान पर जाने की जानकारी नौकर शीलेश यादव ने फोन पर अपने साथियों को दी थी। इसके बाद आरोपी बदमाश वारदात को अंजाम देने के लिए पिंकी के घर पहुंचे थे। आकाश, रवि और कन्नू उर्फ शिवम शिवहरे तमंचे लेकर पिंकी के मकान में घुसे थे, जबकि धर्मेंद्र गुप्ता गली के बाहर खड़ा था। पकड़े गए आरोपियों के पास से तीन तमंचा, एक बाइक, सोने चांदी के आभूषण और लूटी गई नकदी में से दो हजार रुपये बरामद किए गए हैं। आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए जेल भेज दिया गया है। रवि, आकाश और शिवम शिवहरे ने पहली बार अपराध जगत में कदम रखा था। जबकि धर्मेंद्र पर पहले से ही थाना उत्तर में लूट के चार मुकदमे दर्ज हैं।
पांच लाख कैश मिलने की थी उम्मीद
पुलिस सूत्रों की माने तो पिंकी की दुकान पर काम करने वाले शीलेश को यह जानकारी मिली थी कि स्वर्णकार के यहां पांच लाख रुपये रखे हुए हैं। इसी बात को लेकर उसने घटना को अंजाम देने के लिए तानाबाना बुना था।
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टेलीफोन वाली गली से पकड़े गए बदमाश
शनिवार रात कोतवाल दक्षिण श्रीप्रकाश यादव व एसओजी नरेंद्र सिंह को जानकारी मिली कि कुछ बदमाश टेलीफोन वाली गली स्थित लाला लडै़तीमल की धर्मशाला के समीप एकत्रित हैं। जो किसी वारदात को अंजाम देने की योजना बना रहे है। सूचना पर पहुंची पुलिस ने बदमाशों की घेराबंदी कर उनको गिरफ्तार किया था।
पीड़ित के रिश्तेदार को ही बेच दिया सामान
पुलिस की माने तो बदमाशों ने लूटे गए आभूषणों को पिंकी के रिश्तेदार को ही बेच दिया। इसका खुलासा बदमाशों की गिरफ्तारी के बाद हुआ है।
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एसपी सिटी उदय शंकर सिंह ने बताया कि स्वर्णकार पिंकी की दुकान पर मोहल्ला कोटला माता वाली गली निवासी शीलेश यादव छह साल से काम करता था। उसका घर आना जाना था। घटना को अंजाम देने के लिए शीलेश ने अपने साथी आकाश जाटव उर्फ बम पुत्र दिनेश जाटव निवासी नई बस्ती, रवि गुप्ता निवासी मोहल्ला कोटला, कन्नू उर्फ शिवम शिवहरे पुत्र ओमप्रकाश शिवहरे निवासी नलकूप वाली गली मोहल्ला कोटला, धर्मेंद्र गुप्ता पुत्र श्रीप्रकाश गुप्ता निवासी जगजीतनगर शमसाबाद रोड आगरा के साथ साजिश रची थी। एसपी सिटी ने बताया कि 13 अगस्त को पिंकी के दुकान पर जाने की जानकारी नौकर शीलेश यादव ने फोन पर अपने साथियों को दी थी। इसके बाद आरोपी बदमाश वारदात को अंजाम देने के लिए पिंकी के घर पहुंचे थे। आकाश, रवि और कन्नू उर्फ शिवम शिवहरे तमंचे लेकर पिंकी के मकान में घुसे थे, जबकि धर्मेंद्र गुप्ता गली के बाहर खड़ा था। पकड़े गए आरोपियों के पास से तीन तमंचा, एक बाइक, सोने चांदी के आभूषण और लूटी गई नकदी में से दो हजार रुपये बरामद किए गए हैं। आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए जेल भेज दिया गया है। रवि, आकाश और शिवम शिवहरे ने पहली बार अपराध जगत में कदम रखा था। जबकि धर्मेंद्र पर पहले से ही थाना उत्तर में लूट के चार मुकदमे दर्ज हैं।
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पांच लाख कैश मिलने की थी उम्मीद
पुलिस सूत्रों की माने तो पिंकी की दुकान पर काम करने वाले शीलेश को यह जानकारी मिली थी कि स्वर्णकार के यहां पांच लाख रुपये रखे हुए हैं। इसी बात को लेकर उसने घटना को अंजाम देने के लिए तानाबाना बुना था।
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टेलीफोन वाली गली से पकड़े गए बदमाश
शनिवार रात कोतवाल दक्षिण श्रीप्रकाश यादव व एसओजी नरेंद्र सिंह को जानकारी मिली कि कुछ बदमाश टेलीफोन वाली गली स्थित लाला लडै़तीमल की धर्मशाला के समीप एकत्रित हैं। जो किसी वारदात को अंजाम देने की योजना बना रहे है। सूचना पर पहुंची पुलिस ने बदमाशों की घेराबंदी कर उनको गिरफ्तार किया था।
पीड़ित के रिश्तेदार को ही बेच दिया सामान
पुलिस की माने तो बदमाशों ने लूटे गए आभूषणों को पिंकी के रिश्तेदार को ही बेच दिया। इसका खुलासा बदमाशों की गिरफ्तारी के बाद हुआ है।