{"_id":"57eab0b54f1c1b906c57608f","slug":"goest-to-take-a-walk-to-sia-raghuraaee","type":"story","status":"publish","title_hn":"सिया को ब्याहने चले रघुराई ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सिया को ब्याहने चले रघुराई
अमर उजाला ब्यूरो फीरोजाबाद
Updated Tue, 27 Sep 2016 11:34 PM IST
विज्ञापन
सिया को ब्याहने चले रघुराई
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
श्री राधाकृष्ण मंदिर का अद्भुत नजारा। रंग-बिरंली झालरों से जनकपुरी की तरह सजी सुहागनगरी। हर तरफ हर्षोल्लास का माहौल था तो मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम की एक झलक पाने को भक्त आतुर दिखे। श्रीराम, लक्ष्मण, भरत, शत्रुघ्न के स्वागत को तैयार महिला, बच्चे, नौजवान इंतजार करते दिखे। कुछ ऐसा ही नाराज श्रीराम बरात शोभायात्रा के दौरान दिखा। लंबे इंतजार के बाद रात आठ बजे श्रीराम की बरात प्रारंभ हुई तो श्रद्धालु जयश्री राम के नारे लगाने लगे। सिर पर चमकता मुकुट व चेहरे पर अलौकिक मुस्कान बिखेरते राम के दर्शन पाकर भक्तजन आनंदित हो उठे। श्रीराम बरात में धार्मिक गीतों पर नृत्य करते लोग और काली अखाड़े, ऊंट-घोड़ा करतब दिखाते कलाकार आकर्षण का मुख्य केंद्र रहे।
उत्तर भारत की प्रसिद्ध श्रीराम की रामबरात मंगलवार को शाम आठ बजे श्री राधाकृष्ण मंदिर से प्रारंभ हुई। राम बरात का शुभारंभ डीएम राजेश प्रकाश ने डोले की आरती उतारकर और एसएसपी अशोक कुमार ने हरी झंडी दिखाकर किया।
श्रीराम के स्वागत को पूरे शहर को आकर्षक लाइटों, तोरणद्वारों से सजाया गया। श्रीराम बरात में शामिल 86 झांकियां निकाली गईं, जो लोगों के आकर्षण का केंद्र रही। बरात प्रारंभ होते ही पूरा शहर श्रीराम के जयकारों से गूंज उठा। रामबरात में सबसे आगे घुड़सवार ध्वज थामे चल रहे थे तो ऊंटों पर सवार नगाड़ा वादक बरात आने की सूचना दी। रामबरात में बैंडबाजे, काली अखाड़े, घोड़ा बैंड करतब दिखाते हुए चल रहे थे।
विज्ञापन
मां जानकी सहेलियां के साथ विराजमान थीं। एक डोले में राजा दशरथ, गुरु वशिष्ठ भरत, शत्रुघ्न के साथ थे। अंत में मुख्य रथ पर मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम, लक्ष्मण व गुरु विश्वामित्र विराजमान रहे। मुख्य डोले के आगे समिति पदाधिकारी चल रहे थे। शोभायात्रा राधाकृष्ण मंदिर से घंटाघर, सदर बाजार, गंज चौराहा, डाकखाना चौराहा होते हुए रामलीला मैदान पर पहुंची।
बाक्स--
रामबरात में यह रहीं मुख्य झांकियां
गोपाल छबीला एटा, राजपूत एंड पार्टी द्वारा भगवान राधा-कृष्णा की आकर्षक झांकी, बजरंग बली, शंकर-पार्वती, अर्द्धनारी, शेषनाथ पर नृत्य करते श्रीकृष्ण, नौका बिहारी, भगवान श्रीगणेश, महिषासुर मर्दनी, शिवलिंग झांकी, नृत्य करते शंकर जी की झांकियां मुख्य रहीं।
वृंदावन की झांकियों ने दर्शकों को लुभाया
श्री रामबरात में वृंदावन के कलाकारों द्वारा पांच झांकियां राधा-कृष्ण, शिव-पार्वती, इस्कॉन मंदिर, भगवान विष्णु-लक्ष्मी जी तथा मां दुर्गा भी स्वचालित झांकियां सजाई गईं, जिन्होंने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।
मुख्य डोले के साथ रहे थे पदाधिकारी
डा. दिलीप यादव, आरपी सिंह यादव, पंडित मुन्नालाल शास्त्री, गिरिराज किशोर यादव, प्रमोद राजौरिया, अमर वर्मा, योगेश यादव, प्रभात कुमार नगीना, राकेश अग्रवाल, मनोज यादव, उमेश चंद्र यादव, श्याम सिंह यादव, रामनरेश कटारा, अजय यादव बाबा, नितेश अग्रवाल जैन।
विज्ञापन
उत्तर भारत की प्रसिद्ध श्रीराम की रामबरात मंगलवार को शाम आठ बजे श्री राधाकृष्ण मंदिर से प्रारंभ हुई। राम बरात का शुभारंभ डीएम राजेश प्रकाश ने डोले की आरती उतारकर और एसएसपी अशोक कुमार ने हरी झंडी दिखाकर किया।
विज्ञापन
श्रीराम के स्वागत को पूरे शहर को आकर्षक लाइटों, तोरणद्वारों से सजाया गया। श्रीराम बरात में शामिल 86 झांकियां निकाली गईं, जो लोगों के आकर्षण का केंद्र रही। बरात प्रारंभ होते ही पूरा शहर श्रीराम के जयकारों से गूंज उठा। रामबरात में सबसे आगे घुड़सवार ध्वज थामे चल रहे थे तो ऊंटों पर सवार नगाड़ा वादक बरात आने की सूचना दी। रामबरात में बैंडबाजे, काली अखाड़े, घोड़ा बैंड करतब दिखाते हुए चल रहे थे।
विज्ञापन
मां जानकी सहेलियां के साथ विराजमान थीं। एक डोले में राजा दशरथ, गुरु वशिष्ठ भरत, शत्रुघ्न के साथ थे। अंत में मुख्य रथ पर मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम, लक्ष्मण व गुरु विश्वामित्र विराजमान रहे। मुख्य डोले के आगे समिति पदाधिकारी चल रहे थे। शोभायात्रा राधाकृष्ण मंदिर से घंटाघर, सदर बाजार, गंज चौराहा, डाकखाना चौराहा होते हुए रामलीला मैदान पर पहुंची।
बाक्स--
रामबरात में यह रहीं मुख्य झांकियां
गोपाल छबीला एटा, राजपूत एंड पार्टी द्वारा भगवान राधा-कृष्णा की आकर्षक झांकी, बजरंग बली, शंकर-पार्वती, अर्द्धनारी, शेषनाथ पर नृत्य करते श्रीकृष्ण, नौका बिहारी, भगवान श्रीगणेश, महिषासुर मर्दनी, शिवलिंग झांकी, नृत्य करते शंकर जी की झांकियां मुख्य रहीं।
वृंदावन की झांकियों ने दर्शकों को लुभाया
श्री रामबरात में वृंदावन के कलाकारों द्वारा पांच झांकियां राधा-कृष्ण, शिव-पार्वती, इस्कॉन मंदिर, भगवान विष्णु-लक्ष्मी जी तथा मां दुर्गा भी स्वचालित झांकियां सजाई गईं, जिन्होंने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।
मुख्य डोले के साथ रहे थे पदाधिकारी
डा. दिलीप यादव, आरपी सिंह यादव, पंडित मुन्नालाल शास्त्री, गिरिराज किशोर यादव, प्रमोद राजौरिया, अमर वर्मा, योगेश यादव, प्रभात कुमार नगीना, राकेश अग्रवाल, मनोज यादव, उमेश चंद्र यादव, श्याम सिंह यादव, रामनरेश कटारा, अजय यादव बाबा, नितेश अग्रवाल जैन।