{"_id":"69e9159bec28e798a50951df","slug":"foundation-day-celebrated-with-reverence-devotion-and-jubilation-firozabad-news-c-174-1-mnp1002-158027-2026-04-23","type":"story","status":"publish","title_hn":"Firozabad News: श्रद्धा, भक्ति और उल्लास के साथ मनाया स्थापना दिवस","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Firozabad News: श्रद्धा, भक्ति और उल्लास के साथ मनाया स्थापना दिवस
Thu, 23 Apr 2026 12:08 AM IST
आगरा ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, फिरोजाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फिरोजाबाद
Updated Thu, 23 Apr 2026 12:08 AM IST
विज्ञापन
मैनपुरी। कचहरी रोड स्थित श्री शांतिनाथ चैत्यालय का आठवां स्थापना दिवस बुधवार को श्रद्धा, भक्ति और उल्लास के साथ मनाया गया। मंदिर में सुबह से ही धार्मिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। श्रद्धालुओं ने भगवान का अभिषेक और पूजन किया।
सबसे पहले भगवान श्री शांतिनाथ का प्रमोद जैन ने केसर और प्रियांश जैन हरिद्रा चूर्ण से अभिषेक किया। चतुष्कोणीय कलशों से अभिषेक और वृहद शांतिधारा करने का सौभाग्य डॉ. सौरभ जैन को मिला। डॉ. स्वाति जैन ने सुसज्जित सामग्री से देव, शास्त्र, गुरु और अतिशयकारी भगवान श्री शांतिनाथ की विधिवत पूजन किया।
डॉ़ सौरभ ने बताया कि चैत्यालय की स्थापना तपोशिरोमणि, साधना महोदधि, भारत गौरव आचार्य अंतर्मना मुनिश्री प्रसन्न सागर और उनके परम प्रभावक शिष्य प्रवर्तक मुनिश्री सहज सागर की प्रेरणा से हुई थी। वर्तमान में आचार्य संघ राजस्थान के परतापुर में विराजमान है। कार्यक्रम के अंत में विश्व शांति की कामना के साथ अष्ट दीपकों से विश्व शांति हवन किया गया। देव, शास्त्र और गुरु की भव्य आरती करने का सौभाग्य आदेश जैन को प्राप्त हुआ। इस दौरान अभय, अभिषेक, अक्षय, आकाश, शुभम, दिव्यांश , पंडित कमल जैन आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे पहले भगवान श्री शांतिनाथ का प्रमोद जैन ने केसर और प्रियांश जैन हरिद्रा चूर्ण से अभिषेक किया। चतुष्कोणीय कलशों से अभिषेक और वृहद शांतिधारा करने का सौभाग्य डॉ. सौरभ जैन को मिला। डॉ. स्वाति जैन ने सुसज्जित सामग्री से देव, शास्त्र, गुरु और अतिशयकारी भगवान श्री शांतिनाथ की विधिवत पूजन किया।
विज्ञापन
डॉ़ सौरभ ने बताया कि चैत्यालय की स्थापना तपोशिरोमणि, साधना महोदधि, भारत गौरव आचार्य अंतर्मना मुनिश्री प्रसन्न सागर और उनके परम प्रभावक शिष्य प्रवर्तक मुनिश्री सहज सागर की प्रेरणा से हुई थी। वर्तमान में आचार्य संघ राजस्थान के परतापुर में विराजमान है। कार्यक्रम के अंत में विश्व शांति की कामना के साथ अष्ट दीपकों से विश्व शांति हवन किया गया। देव, शास्त्र और गुरु की भव्य आरती करने का सौभाग्य आदेश जैन को प्राप्त हुआ। इस दौरान अभय, अभिषेक, अक्षय, आकाश, शुभम, दिव्यांश , पंडित कमल जैन आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन