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दो दशक से खारा पानी दे रहा दर्द, दांत और आंखों पर भी असर

Fri, 12 Feb 2021 11:57 PM IST
Agra Bureau आगरा ब्यूरो
Updated Fri, 12 Feb 2021 11:57 PM IST
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For two decades, saline water has given pain, impact on teeth and eyes
नारखी ब्लाक क्षेत्र में शोपीस बनी पानी की टंकी - फोटो : FIROZABAD
फिरोजाबाद। नारखी ब्लाक खारे पानी की समस्या से जूझ रहा है। दो दशक में भी इस ब्लॉक में खारे पानी की समस्या का निदान नहीं हो सका है। ब्लाक क्षेत्र में हरेक दस से 12 किलोमीटर पर पानी खारा है। इतना खारा पानी है कि इस पानी को पी नहीं सकते।
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नारखी ब्लॉक के कई गांव दो दशक से खारे पानी की समस्या से जूझ रहे हैं। इस ब्लाक में रहने वाले कई परिवार पानी की समस्या को लेकर गांव छोड़ कर टूंडला, फिरोजाबाद और आगरा में निवास कर रहे हैं। यहां का पानी पीने से शरीर की हड्डियां कमजोर होने के अलावा दांत भी खराब हो रहे हैं।
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दांतों के दर्द से परेशान है छोटे लाल का परिवार
छोटे लाल के परिवार में चार भाई हैं। परिवार में रहने वाले सर्वेश, राजू, सुघर सिंह और छोटेलाल इनका पूरा परिवार दांतों से और पैरों के दर्द से परेशान है।
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रीड की हड्डी में रहता है दर्द
गढ़ी अफो निवासी कांति सिंह का कहना है कि उनके जन्म से पहले से ही इस गांव का पानी खारा है। यहां का पानी पीने से और नहाने से रीड की हड्डी में दर्द रहता है। इस पानी से नहाने पर खुजली होती है
टंकी बनी लेकिन नहीं मिला मीठा पानी
रनपाल सिंह का कहना है कि उनकी उम्र 70 साल की है लेकिन यहां के पानी पीने से 35 साल की उम्र में ही दांत उखड़ गए थे। 20 वर्ष पहले लगा था कि मीठा पानी पीने को मिलेगा। नारखी में टंकी बनी। पाइपलाइन गांव तक डाली गई लेकिन मीठा पानी पीने को नहीं मिला।
पानी से नहाने पर शरीर पर पड़ जाते हैं लाल-लाल धब्बे
नारखी निवासी देवी प्रेमलता ने कहा कि जब से हम ससुराल में आए हैं खारा पानी आ रहा है। इस पानी से नहाने के बाद शरीर पर लाल- लाल धब्बे पड़ जाते हैं। जब तक दवा खाओ तब तक सही रहते हैं उसके बाद फिर से वही समस्या। कुछ दिनों पहले पाइप लाइन डालने के लिए गांव में सड़क खोद दी लेकिन लाइन नहीं डाली गई है। यह बताया गया है कि पास के गांव से पानी आएगा, उम्मीद है मीठा पानी पीने को मिल जाए।
इन गांवों में है खारे पानी की समस्या
नारखी, गढ़ी हंसराम, गढ़ी एवरन, गढी लौकी, नगला रूद्र, गढ़ी श्रीराम, बैंदीपुर विदरखा, राजारामपुर, गढ़ी लाल, डोरसा, मोहम्मदपुर-बाजिदपुर, डेरा बंजारा, फतेहपुर, कोटला, खुशालपुर खारे पानी की समस्या जूझ रहे हैं।
खारा पानी प्रभावित गांवों का सर्वे एक कंपनी कर रही है। 62 पेयजल योजनाएं ऐसी हैं जिनका पुनर्गठन होना है। खारा पानी प्रभावित गांवों में पानी में फ्लोराइड की मात्रा अधिक है। मीठा पानी लाने के लिए काम किया जा रहा है।

प्रेम नरायन गौतम- एक्सईएन लघु सिंचाई
सिर्फ बदला जा रहा विभाग
खारे पानी की समस्या से प्रभावित गांवों के लिए अभी तक जल निगम सभी योजनाएं बना रहा था। शासन के निर्देश पर अब पानी से जुड़ी इन योजनाओं का काम लघु सिंचाई विभाग देखेगा। एक विभाग से दूसरे विभाग के पाले में योजनाएं शिफ्ट होने पर नए सिरे से कवायद करनी पड़ेगी। इन सब में कितना समय लगेगा अधिकारियों के पास भी कोई जवाब नहीं। इससे पेयजल योजनाओं पर काम अभी और खींच सकता है।
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