Firozabad: मेडिकल कॉलेज में भर्ती हुआ डिप्थीरिया का पहला मरीज, अलर्ट जारी; जानें कितनी खतरनाक है यह बीमारी
फिरोजाबाद में मेडिकल कॉलेज में डिप्थीरिया का पहला मरीज भर्ती हुआ। जिले भर में अलर्ट जारी किया गया है। आगे पढ़ें और जानें यह बीमारी कितनी खतरनाक है?
विस्तार
उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद में स्वशासीय मेडिकल कॉलेज में डिप्थीरिया (गला घोंटू) का पहला केस शनिवार को देर रात भर्ती कराया गया। डिप्थीरिया से पीड़ित बालक को भर्ती करने के लिए वार्ड को खाली कराया गया। विशेष वार्ड में सिर्फ इसी बालक को भर्ती करके इलाज किया जा रहा है। चिकित्सकों ने अलर्ट जारी कर दिया है। अन्य बच्चों में भी जांच कराने के लिए चिकित्सक ने उच्चाधिकारियों को पत्र लिखा है।
मैनपुरी जनपद के गांव नगला हरीसिंह निवासी चार साल के कार्तिक पुत्र ब्रजेश कुमार को गले में परेशानी थी। परिजन ने कार्तिक को गांव के ही प्राइवेट चिकित्सक को दिखाया। वहां चिकित्सक ने मुंह के छाले बताकर उसे दवा दे दी। ठीक न होने पर फिरोजाबाद जनपद की पीएचसी जलालपुर में चिकित्सक को दिखाया।
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डिप्थीरिया के लक्षण मिलने पर शनिवार रात मेडिकल कॉलेज में सौ शैया अस्पताल के अलग वार्ड में भर्ती करा दिया है। सर्तकता बरतते हुए उस वार्ड में किसी भी अन्य मरीज को भर्ती न करने के निर्देश स्टाफ को दिए हैं। बालरोग विभाग के अध्यक्ष डॉ. एलके गुप्ता ने डिप्थीरिया की पुष्टि कर इलाज शुरू करा दिया है।
चार साल के कार्तिक को डिप्थीरिया हो गया है। बालक को सौ शैया अस्पताल के वार्ड में भर्ती कर इलाज शुरू कर दिया है। चूंकि यह रोग तेजी से दूसरे लोगों में फैल सकता है। इसलिए सतरकता बरतने के निर्देश दिए हैं। हिस्ट्री पता करने पर संज्ञान में आया कि बालक का परिजन ने टीकाकरण नहीं कराया था, जो सरकारी अस्पतालों में निशुल्क होता है। अभी तक मेडिकल काॅलेज में इस बीमारी से पीडि़त कोई मरीज भर्ती नहीं हुआ था। पीड़ित बालक को वैक्सीन लगा दी गई है। -डॉ. एलके गुप्ता, विभागध्यक्ष ,बाल रोग विभाग, मेडिकल कॉलेज
क्या है डिप्थीरिया
डॉ. एलके गुप्ता ने बताया कि डिप्थीरिया रोग संक्रमण से होता है। इसके बैक्टीरिया टांसिल और श्वांस नली को संक्रमित करते हैं। संक्रमण फैलने से एक ऐसी झिल्ली बन जाती है, जो सांस लेने में बाधक बनती है। इस बीमारी के होने पर गला सूखने लगता है, आवाज फटने लगती है, गले में जाल पड़ने के बाद सांस लेने में दिक्कत होती है। यह जानलेवा बीमारी है।
डब्ल्यूएचओ को भेजी रिपोर्ट
फिरोजाबाद। जनपद में मरीज भर्ती होने के बाद भी डब्ल्यूएचओ भी सक्रिय हो गया है। अक्सर इस बीमारी के मरीज पूर्वांचल में मिलते हैं। मगर, जनपद के पड़ोसी गांव में इस केस के मिलने और मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराए जाने की सूचना स्वास्थ्य विभाग ने डब्ल्यूएचओ को दी है।
संक्रमण फैलने के कारण
- इस बीमारी का संक्रमण एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में खांसने और छींकने से फैलता है।
- इसके जीवाणु पीड़ित व्यक्ति के मुंह, नाक और गले में रहते हैं।
- यदि इसके इलाज में देरी हो जाये तो जीवाणु पूरे शरीर में फैल जाते हैं।
- बारिश के मौसम में इसके जीवाणु सबसे अधिक फैलते हैं।