{"_id":"6ad144c26b3126c1880a26a2","slug":"firozabad-news-medicine-inspection-firozabad-news-c-169-1-sagr1024-187937-2026-10-16","type":"story","status":"publish","title_hn":"Firozabad News: जीएसटी घटा, फिर भी महंगी हुईं दवाएं","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Firozabad News: जीएसटी घटा, फिर भी महंगी हुईं दवाएं
विज्ञापन
फिरोजाबाद। दवाओं पर वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) 12 फीसदी से घटकर 5 फीसदी होने के बावजूद दवा कंपनियों ने कीमतें बढ़ा दी हैं। कंपनियों ने कच्चे माल की लागत और परिवहन खर्च बढ़ने का हवाला देकर कई दवाओं के दाम 10 से 59 रुपये तक बढ़ा दिए हैं। इसका सीधा असर मधुमेह, किडनी, संक्रमण और पेट संबंधी बीमारियों के उन मरीजों पर पड़ रहा है, जिन्हें रोजाना दवाएं लेनी पड़ती हैं। द केमिस्ट एसोसिएशन के अध्यक्ष राजेंद्र शर्मा ने बताया कि टैक्स घटने के बावजूद कीमतों में इजाफा होने से मरीजों को राहत नहीं मिल पा रही है।
प्रमुख दवाओं के बदले दाम:
सल्टामिसिलिन: पहले 459 अब 490
जीरोडोल एसपी: पहले 139 अब 150
ओसीड डी: पहले 198 अब 218
पैन 40: पहले 175 अब 192
अल्कासोल: पहले 140 अब 147
फेरोराइट 300: पहले 1375 अब 1434
सुप्राडीन: पहले 62 अब 75
ग्लिमीस्टार पीएम: पहले 117 अब 128
ग्लूकोमस्ट पीएम: पहले 116 अब 128
मधुमेह की दवा रोज खानी पड़ती है। कीमतें बढ़ने से बजट बिगड़ रहा है। जीएसटी कम होने से राहत की उम्मीद थी, लेकिन अब दूसरे खर्चों में कटौती करनी पड़ रही है। - एलेश जैन, मरीज
पहले ही इलाज और जांच में काफी पैसा खर्च होता है। अब दवाओं के दाम बढ़ने से हर महीने अतिरिक्त खर्च उठाना पड़ेगा। सरकार को इस पर ध्यान देना चाहिए। - ऊषादेवी, मरीज
विज्ञापन
विज्ञापन
प्रमुख दवाओं के बदले दाम:
सल्टामिसिलिन: पहले 459 अब 490
जीरोडोल एसपी: पहले 139 अब 150
ओसीड डी: पहले 198 अब 218
पैन 40: पहले 175 अब 192
अल्कासोल: पहले 140 अब 147
फेरोराइट 300: पहले 1375 अब 1434
सुप्राडीन: पहले 62 अब 75
ग्लिमीस्टार पीएम: पहले 117 अब 128
ग्लूकोमस्ट पीएम: पहले 116 अब 128
मधुमेह की दवा रोज खानी पड़ती है। कीमतें बढ़ने से बजट बिगड़ रहा है। जीएसटी कम होने से राहत की उम्मीद थी, लेकिन अब दूसरे खर्चों में कटौती करनी पड़ रही है। - एलेश जैन, मरीज
विज्ञापन
पहले ही इलाज और जांच में काफी पैसा खर्च होता है। अब दवाओं के दाम बढ़ने से हर महीने अतिरिक्त खर्च उठाना पड़ेगा। सरकार को इस पर ध्यान देना चाहिए। - ऊषादेवी, मरीज
विज्ञापन