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Firozabad News: 76916 मरीजों को मिला आयुष्मान से मुफ्त इलाज,
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फिरोजाबाद। सार्वभौमिक स्वास्थ्य कवरेज दिवस हर साल 12 दिसंबर को मनाया जाता है, जिसे संयुक्त राष्ट्र ने 2017 में आधिकारिक तौर पर घोषित किया था। यह दिन याद दिलाता है कि स्वास्थ्य देखभाल एक मानवाधिकार है और हर किसी को गुणवत्तापूर्ण सेवाएं मिलनी चाहिए। जिलेभर में आयुष्मान योजना से अभी तक 76916 को उपचार मिल चुका है। हालांकि मेडिकल कॉलेज में एक साल में सैकड़ों मरीज रेफर किए जाते हैं।
जिले के मेडिकल कॉलेज से रेफर होने वाले मरीजों की संख्या भी दर्शाती है कि यहां किस प्रकार की विशेषज्ञता की कमी है। सालाना लगभग 2 हजार मरीज मेडिकल कॉलेज से बाहर रेफर किए जाते हैं, मुख्य रूप से न्यूरोसर्जरी और हृदय रोग विशेषज्ञ न होने की वजह से। इसमें गंभीर रूप से घायल मरीजों के साथ-साथ अन्य चिकित्सीय जरूरत वाले मरीज भी शामिल होते हैं।
सरकारी अस्पतालों में प्रमुख जांचों की व्यवस्था भी बेहतर की गई है। मेडिकल कॉलेज में दो सीटी स्कैन मशीनें, एक्सरे सुविधाएं और अन्य प्रमुख जांचों की सुविधा मौजूद है, जिससे मरीजों को निजी लेबों की ओर जाने की जरूरत नहीं पड़ती। मरीजों ने बताया कि अब जांच और इलाज एक ही छत के नीचे मिलने से समय और खर्च दोनों की बचत होती है।
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- मुझे चोट लगने के बाद मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया। विशेषज्ञ न होने के बावजूद रेफर की प्रक्रिया समय पर हुई और आयुष्मान कार्ड से मुफ्त इलाज मिला।
सपना, सत्यनगर
- पिछले साल कई बार निजी लैब में जांच कराने के लिए जाना पड़ता था। अब सरकारी संस्थान में जांच की सुविधा मिलने से राहत मिली है।
विमल कुमार, तिलक नगर
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जिले के मेडिकल कॉलेज से रेफर होने वाले मरीजों की संख्या भी दर्शाती है कि यहां किस प्रकार की विशेषज्ञता की कमी है। सालाना लगभग 2 हजार मरीज मेडिकल कॉलेज से बाहर रेफर किए जाते हैं, मुख्य रूप से न्यूरोसर्जरी और हृदय रोग विशेषज्ञ न होने की वजह से। इसमें गंभीर रूप से घायल मरीजों के साथ-साथ अन्य चिकित्सीय जरूरत वाले मरीज भी शामिल होते हैं।
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सरकारी अस्पतालों में प्रमुख जांचों की व्यवस्था भी बेहतर की गई है। मेडिकल कॉलेज में दो सीटी स्कैन मशीनें, एक्सरे सुविधाएं और अन्य प्रमुख जांचों की सुविधा मौजूद है, जिससे मरीजों को निजी लेबों की ओर जाने की जरूरत नहीं पड़ती। मरीजों ने बताया कि अब जांच और इलाज एक ही छत के नीचे मिलने से समय और खर्च दोनों की बचत होती है।
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- मुझे चोट लगने के बाद मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया। विशेषज्ञ न होने के बावजूद रेफर की प्रक्रिया समय पर हुई और आयुष्मान कार्ड से मुफ्त इलाज मिला।
सपना, सत्यनगर
- पिछले साल कई बार निजी लैब में जांच कराने के लिए जाना पड़ता था। अब सरकारी संस्थान में जांच की सुविधा मिलने से राहत मिली है।
विमल कुमार, तिलक नगर