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Firozabad News: पिता से पहले नियति ने कर दिया विदा, आंगन सूना कर गईं बेटियां

Tue, 27 Oct 2026 02:56 AM IST
Agra Bureau आगरा ब्यूरो
Updated Tue, 27 Oct 2026 02:56 AM IST
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firozabad news docter treatment infection
शिकोहाबादफोटो-201-तीनों सगी बहनों एवं चचेरी बहन के शव के पास विलाप करतीं परिवार एवं गांव की म
फिरोजाबाद/शिकोहाबाद। जिस आंगन में दो दिन पहले तक बेटियों की हंसी गूंज रही थी, वहां सोमवार को मातम पसरा था। कफन में लिपटीं तीन मासूम बेटियों के सामने बैठे पिता शिशुपाल दहाड़ मारकर रो रहे थे। लोग उन्हें सांत्वना दे रहे थे लेकिन पिता के आंसू थमने का नाम ही नहीं ले रहे थे। उनकी हालत देख गांव के लोगों का कलेजा भी फट पड़ा और वहां मौजूद सभी की आंखें नम हो गईं।
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शिकोहाबाद-बटेश्वर मार्ग स्थित गांव छटनपुरा में रविवार रात हुए भीषण हादसे में शिशुपाल की तीन बेटियों आकांक्षा (16), अंजलि (14), गुन्नू (8) और उनके भाई ब्रजेश की बेटी दीपिका उर्फ बबली (18) की मौत हो गई थी। पिता शिशुपाल ने फूट-फूटकर रोते हुए बताया कि बड़ी बेटी आकांक्षा 11वीं में पढ़ती थी और पुलिस अफसर बनना चाहती थी। अंजलि नौवीं कक्षा में थी और वह इंजीनियर बनने का सपना देख रही थी। छोटी गुन्नू और भतीजी बबली भी पढ़ने में बहुत होनहार थीं। मैंने कभी सपने में भी नहीं सोचा था कि जिन हाथों से इनकी शादियां तय करनी थीं, डोली उठानी थी... उन्हीं हाथों से इन्हें दफनाना पड़ेगा।
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जेसीबी मंगवाकर गड्ढा खुदवाया, फिर दफनाई गईं बेटियां
ग्रामीणों ने बताया कि सदमे से सुन्न हो चुके परिवार और गांव के किसी भी व्यक्ति में इतनी हिम्मत नहीं बची थी कि वे उन मासूमों के लिए अपने हाथों से कब्र खोद सकें। अंत में प्रशासन की मौजूदगी में जेसीबी बुलानी पड़ी और पिता के खेत में ही गड्ढा खुदवाया गया। इसके बाद चारों बहनों को एक साथ दफनाया गया।
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उजड़ गया आंगन, बिलख रहे मां और छोटे भाई
तीन बेटियों की अर्थी उठने के बाद से मां राधा देवी का रो-रोकर बुरा हाल है। वे बार-बार अपनी लाड़लियों के कपड़ों और किताबों को गले लगाकर बेहोश हो रही हैं। घर के एक कोने में बैठे 11 साल के कमल और 5 साल के मासूम बाबू अपनी मां से लिपटकर बस यही पूछ रहे हैं, मां, हमारी बहनें कब लौटेंगी? मासूमों के इन सवालों का जवाब किसी के पास नहीं है।


ऐसे हुआ था हादसा
शिकोहाबाद (फिरोजाबाद)। शिकोहाबाद-बटेश्वर मार्ग स्थित गांव छटनपुरा में रविवार रात टेसू-झांझी का ब्याह कराने के बाद विसर्जन करने जा रहे बच्चों, महिलाओं और युवाओं की टोली को बटेश्वर की ओर से आ रही अनियंत्रित कार रौंदती हुई चली गई थी। हादसे में चार बहनों समेत पांच लोगों की मौत हो गई थी जबकि 12 अन्य घायल हो गए थे। ग्रामीणों ने भागती कार को ट्रैक्टर लगाकर पकड़ लिया था। हादसे में घायल कार सवार गुलफाम (35) निवासी वजीदपुर, अशोक विहार (दिल्ली) ने भी सोमवार को आगरा में दम तोड़ दिया।
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