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Firozabad News: शव दफनाने से पहले जाम लगाने की कोशिश, मुआवजे की मांग पर बिगड़ा माहौल
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शिकोहाबादफोटो-216-मुआवजे की मांग के बाद गांव की सड़क पर जुटी ग्रामीणों की भीड़, समझाती पुलिस। स
- फोटो : credit
शिकोहाबाद। गांव छटनपुरा में चार बच्चियों के शवों को दफनाने के दौरान मुआवजे की मांग को लेकर माहौल अचानक तनावपूर्ण हो गया। ग्रामीण अर्थियां लेकर मुख्य मार्ग की तरफ बढ़ गए और जाम लगाने का प्रयास किया। हालांकि, मौके पर मौजूद प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों की सूझबूझ और उचित मुआवजे के आश्वासन के बाद बड़ा विवाद टल गया और अंतिम संस्कार संपन्न हो सका।
सोमवार सुबह जब गांव में चारों बच्चियों के शव घर के बाहर रखे थे और उन्हें दफनाने की तैयारी चल रही थी, उसी दौरान समाजवादी पार्टी के सिरसागंज विधायक सर्वेश यादव और एक स्थानीय किसान नेता वहां मौजूद थे। बताया जा रहा है कि किसान नेता द्वारा मुआवजे और मदद का मुद्दा उठाए जाने के बाद ग्रामीण अचानक मुखर हो गए। आक्रोशित ग्रामीण अर्थियां लेकर सीधे मुख्य मार्ग पर पहुंच गए। स्थिति बिगड़ती देख एसडीएम (शिकोहाबाद) राजेश शुक्ला, सीओ (सिरसागंज) चंचल त्यागी और शिकोहाबाद थाना प्रभारी अनुज राणा भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने ग्रामीणों को काफी देर तक समझाया और शासन स्तर से हरसंभव मदद का भरोसा दिया, जिसके बाद लोग शांत हुए।
मुख्यमंत्री विवेकाधीन कोष से मुआवजा दिलाए जाने के लिए हमारे स्तर से पत्र भेज दिया गया है। परिवार को उचित मुआवजा दिलाने की प्रक्रिया अमल में लाई जा चुकी है। गांव में एक किसान नेता की बात सुनने के बाद माहौल बिगड़ा था और ग्रामीणों ने शवों को सड़क पर रखने का प्रयास किया था, जिन्हें समझा-बुझाकर शांत करा दिया गया।
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- राजेश शुक्ला, एसडीएम, शिकोहाबाद
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सोमवार सुबह जब गांव में चारों बच्चियों के शव घर के बाहर रखे थे और उन्हें दफनाने की तैयारी चल रही थी, उसी दौरान समाजवादी पार्टी के सिरसागंज विधायक सर्वेश यादव और एक स्थानीय किसान नेता वहां मौजूद थे। बताया जा रहा है कि किसान नेता द्वारा मुआवजे और मदद का मुद्दा उठाए जाने के बाद ग्रामीण अचानक मुखर हो गए। आक्रोशित ग्रामीण अर्थियां लेकर सीधे मुख्य मार्ग पर पहुंच गए। स्थिति बिगड़ती देख एसडीएम (शिकोहाबाद) राजेश शुक्ला, सीओ (सिरसागंज) चंचल त्यागी और शिकोहाबाद थाना प्रभारी अनुज राणा भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने ग्रामीणों को काफी देर तक समझाया और शासन स्तर से हरसंभव मदद का भरोसा दिया, जिसके बाद लोग शांत हुए।
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मुख्यमंत्री विवेकाधीन कोष से मुआवजा दिलाए जाने के लिए हमारे स्तर से पत्र भेज दिया गया है। परिवार को उचित मुआवजा दिलाने की प्रक्रिया अमल में लाई जा चुकी है। गांव में एक किसान नेता की बात सुनने के बाद माहौल बिगड़ा था और ग्रामीणों ने शवों को सड़क पर रखने का प्रयास किया था, जिन्हें समझा-बुझाकर शांत करा दिया गया।
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- राजेश शुक्ला, एसडीएम, शिकोहाबाद