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बारिश ने मचाई तबाही: फिरोजाबाद में ताश के पत्तों की तरह ढहा आशियाना, बारिश ने छीनी छत; बाल-बाल बचा परिवार
Wed, 05 Aug 2026 12:31 PM IST
Dhirendra Singh
संवाद न्यूज एजेंसी, फिरोजाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फिरोजाबाद
Published by: Dhirendra Singh
Updated Wed, 05 Aug 2026 12:31 PM IST
सार
फिरोजाबाद के सोफीपुर में लगातार बारिश से जर्जर मकान बुधवार सुबह भरभराकर गिर गया, जिससे गृहस्थी का लाखों रुपये का सामान मलबे में दबकर नष्ट हो गया। हादसे से पहले परिवार के सदस्य बाहर निकल आए, जिससे उनकी जान बच गई; अब पीड़ित परिवार ने प्रशासन से आर्थिक मदद की गुहार लगाई है।
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फिरोजाबाद में ताश के पत्तों की तरह ढहा आशियाना
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
फिरोजाबाद के थाना बसई मोहम्मदपुर क्षेत्र की ग्राम पंचायत सोफीपुर में बुधवार सुबह बारिश के कारण एक मकान भरभराकर गिर गया। राहत की बात यह रही कि हादसा होते ही परिवार के सदस्य समय रहते भागकर बाहर निकल आए, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया। हालांकि, आशियाना गिरने से मलबे के नीचे दबकर लाखों रुपये का सामान पूरी तरह नष्ट हो गया।
पीड़ित राजन सिंह ने बताया कि बीते कई दिनों से जारी बारिश के कारण उनका मकान सीलन की वजह से जर्जर हो चुका था। बुधवार को अचानक भरभराकर पूरी दीवार और छत गिर पड़ी। मेहनत से जोड़ी गई गृहस्थी मलबे के ढेर में तब्दील हो गई। घटना के तुरंत बाद स्थानीय प्रशासन को सूचना दी गई, लेकिन काफी देर बीत जाने के बाद भी कोई प्रशासनिक नुमाइंदा मौके पर सांत्वना देने तक नहीं पहुंचा, जिससे ग्रामीणों में रोष है।
आर्थिक रूप से बेहद कमजोर राजन सिंह के सामने अब मासूम बच्चों को लेकर सिर छिपाने का बड़ा संकट खड़ा हो गया है। खुद के बल पर दोबारा मकान खड़ा करने की उनकी हैसियत नहीं है। बेघर हुए पीड़ित ने जिला प्रशासन और तहसील अधिकारियों से हाथ जोड़कर आर्थिक मदद और आवास योजना के तहत तुरंत राहत दिलाए जाने की गुहार लगाई है।
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पीड़ित राजन सिंह ने बताया कि बीते कई दिनों से जारी बारिश के कारण उनका मकान सीलन की वजह से जर्जर हो चुका था। बुधवार को अचानक भरभराकर पूरी दीवार और छत गिर पड़ी। मेहनत से जोड़ी गई गृहस्थी मलबे के ढेर में तब्दील हो गई। घटना के तुरंत बाद स्थानीय प्रशासन को सूचना दी गई, लेकिन काफी देर बीत जाने के बाद भी कोई प्रशासनिक नुमाइंदा मौके पर सांत्वना देने तक नहीं पहुंचा, जिससे ग्रामीणों में रोष है।
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आर्थिक रूप से बेहद कमजोर राजन सिंह के सामने अब मासूम बच्चों को लेकर सिर छिपाने का बड़ा संकट खड़ा हो गया है। खुद के बल पर दोबारा मकान खड़ा करने की उनकी हैसियत नहीं है। बेघर हुए पीड़ित ने जिला प्रशासन और तहसील अधिकारियों से हाथ जोड़कर आर्थिक मदद और आवास योजना के तहत तुरंत राहत दिलाए जाने की गुहार लगाई है।
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