{"_id":"8bc318204b5c8cff9034025c5188ed25","slug":"fireworks-in-the-area-will-not-cool-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"शांत क्षेत्र में नहीं चलेगी आतिशबाजी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
शांत क्षेत्र में नहीं चलेगी आतिशबाजी
ब्यूरो,अमर उजाला फीरोजाबाद
Updated Tue, 10 Nov 2015 06:03 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
शांत क्षेत्र में 100 मीटर की परिधि में आतिशबाजी चलाने पर पूर्णतया प्रतिबंध रहेगा। दीपावली के दिन आतिशबाजी से होने वाले प्रदूषण पर प्रशासन की नजर रहेगी। इसके लिए प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा तीन स्थानों पर प्रदूषण की जांच की जाएगी। पीसीबी द्वारा इसके लिए स्थान निर्धारित कर लिए गए हैं।
दीपावली के पांच दिवसीय महोत्सव पर हर तरह उत्साह, उमंग के साथ आतिशबाजी का दौर चलता है। दीपावली के मौके पर शहर में हर जगह आतिशबाजी नहीं चलाई जा सकेगी। जिला प्रशासन द्वारा निर्देश जारी किए गए हैं कि शहर में शांत क्षेत्रों में 100 मीटर की परिधि में आतिशबाजी चलाने पर प्रतिबंध रहेगा। शांत क्षेत्रों में जिला अस्पताल, शैक्षणिक संस्थान, न्यायालय, धार्मिक स्थलों पर प्रशासन की नजर रहेगी। इसके लिए प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारी लगातार शहर में भ्रमणशील रहेंगे। इसके अलावा दीपावली पर होने वाले वायु प्रदूषण को भी चेक किया जाएगा। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा व्यवसायिक क्षेत्र में स्टेशन रोड, आबादी क्षेत्र में सुहाग नगर तथा शांत क्षेत्र जिला अस्पताल पर प्रदूषण मापने को यंत्र लगाए जाएंगे। वहीं राजा का ताल, तिलक नगर, व स्टेशन रोड पर वायु प्रदूषण चेक किया जाएगा। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी विश्वनाथ शर्मा ने बताया कि दीपावली के दिन आतिशबाजी के चलते होने वाले प्रदूषण पर पूरी नजर रहेगी।
यह रहता है ध्वनि के शोर का मानक
शांत क्षेत्र में 50, आबादी क्षेत्र में 55 तथा कामर्शियल क्षेत्र में 60 डेसीमल शोर होना चाहिए, लेकिन दीपावली के दिन यह काफ बढ़ जाता है। पिछली दीपावली पर शांत क्षेत्र में 64 डेसीमल, आबादी क्षेत्र में 76 तथा कामर्शियल क्षेत्र में 78 डेसीमल प्रदूषण रिकार्ड किया गया था। दीपावली के मौके पर हवा में जहर घुलता है। वायु प्रदूषण का मानक आरएसपीएम (सांस के साथ अघुलनशील तत्व का शरीर में प्रवेश करना) दोगुना तक हो जाता है। गत वर्ष दीपावली पर आरएसपीएम 403 रिकार्ड किया गया था। जबकि वर्ष 2013 में दीपावली पर 458 आएसपीएम की मात्रा दर्ज की गई थी।
विज्ञापन
विज्ञापन
दीपावली के पांच दिवसीय महोत्सव पर हर तरह उत्साह, उमंग के साथ आतिशबाजी का दौर चलता है। दीपावली के मौके पर शहर में हर जगह आतिशबाजी नहीं चलाई जा सकेगी। जिला प्रशासन द्वारा निर्देश जारी किए गए हैं कि शहर में शांत क्षेत्रों में 100 मीटर की परिधि में आतिशबाजी चलाने पर प्रतिबंध रहेगा। शांत क्षेत्रों में जिला अस्पताल, शैक्षणिक संस्थान, न्यायालय, धार्मिक स्थलों पर प्रशासन की नजर रहेगी। इसके लिए प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारी लगातार शहर में भ्रमणशील रहेंगे। इसके अलावा दीपावली पर होने वाले वायु प्रदूषण को भी चेक किया जाएगा। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा व्यवसायिक क्षेत्र में स्टेशन रोड, आबादी क्षेत्र में सुहाग नगर तथा शांत क्षेत्र जिला अस्पताल पर प्रदूषण मापने को यंत्र लगाए जाएंगे। वहीं राजा का ताल, तिलक नगर, व स्टेशन रोड पर वायु प्रदूषण चेक किया जाएगा। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी विश्वनाथ शर्मा ने बताया कि दीपावली के दिन आतिशबाजी के चलते होने वाले प्रदूषण पर पूरी नजर रहेगी।
विज्ञापन
यह रहता है ध्वनि के शोर का मानक
शांत क्षेत्र में 50, आबादी क्षेत्र में 55 तथा कामर्शियल क्षेत्र में 60 डेसीमल शोर होना चाहिए, लेकिन दीपावली के दिन यह काफ बढ़ जाता है। पिछली दीपावली पर शांत क्षेत्र में 64 डेसीमल, आबादी क्षेत्र में 76 तथा कामर्शियल क्षेत्र में 78 डेसीमल प्रदूषण रिकार्ड किया गया था। दीपावली के मौके पर हवा में जहर घुलता है। वायु प्रदूषण का मानक आरएसपीएम (सांस के साथ अघुलनशील तत्व का शरीर में प्रवेश करना) दोगुना तक हो जाता है। गत वर्ष दीपावली पर आरएसपीएम 403 रिकार्ड किया गया था। जबकि वर्ष 2013 में दीपावली पर 458 आएसपीएम की मात्रा दर्ज की गई थी।
विज्ञापन