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Firozabad: टूंडला में निराश्रित गोवंश कर रहे फसल चौपट, किसान परेशान
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टूंडला के हिरनगांव क्षेत्र में सरसों की फसलों का सफाया कर जाता गोवंश
- फोटो : TUNDLA
टूंडला। देहात क्षेत्र में निराश्रित गोवंश किसानों के होंश उड़ाए हुए है। गोवंशों के झुंड एक ही रात्रि में खेतों का सफाया कर रहे हैं। फसलों के बचाव के लिए किसान हर संभव प्रयास कर रहे हैं, किंतु सभी प्रयास नाकाफी साबित हो रहे हैं। गोवंशों की बढ़ती जनसंख्या अब किसानों पर भारी पड़ रही है। किसानों ने निराश्रित गोवंशों को पकड़वा कर गोशालाएं भिजवाने की मांग की है।
गोवंशों को कटने से बचाने के लिए सरकार ने गोशालाएं स्थापित कराए, किंतु गोवंशों की बढ़ती जनसंख्या के चलते अब गोशालाएं नाकाफी साबित हो रहीं हैं। लोग गाय पालते हैं, लेकिन बछड़ों को खुला छोड़ देते हैं। जब गाय दूध देना बंद कर देती है तो उसे भी खुला छोड़ देते हैं। नतीजन निराश्रित गोवंशों की जनसंख्या निरंतर बढ़ रही है। आलम ये हैं कि देहातों में निराश्रित गायों के झुंड बन गए हैं। सैकड़ों की संख्या में गाय, सांड़ ,बछड़े खुले घूम रहे हैं।
दिन में ये झुंड जंगल अथवा सड़कों पर पहुंच जाते हैं, किंतु शाम होते ही खेतों की ओर रुख कर रहे हैं। जिस खेत में भी ये घुस जाते हैं, कुछ समय में ही पूरे खेत को उजाड़ देते हैं। ग्रामीणों ने बताया इस समय आलू, गेहूं, सरसों, चना की आदि फसलें हैं। इन फसलों को बचाने के लिए घर का कोई न कोई सदस्य खेत पर ही रहता है। फिर भी जरा से नजर बची कि झुंड खेतों में घुसकर खेत का स्वरूप ही बदल देते हैं। किसानों का आरोप है कि प्रशासन से बार-बार निराश्रित गोवंशों से फसलों के बचाव की मांग की जाती रही है, किंतु कोई सुनवाई नहीं हो रही है।
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कहने को प्रत्येक ग्रामसभा में गौ शालाएं हैं, मगर गोशालाओं के पहले से ही फूल हैं। ऐसे में निराश्रित गोवंश किसानों का भारी नुकसान कर रहे हैं। किसानों ने निराश्रित गोवंशों से निजात दिलाने की मांग की है। मांग करने वालों में श्यामबाबू, राकेश कुमार, मोकम सिंह, महावीर सिंह, थान सिंह, कैलाशी राम, भगवान सिंह, रामबाबू, श्याम बाबू यादव, दलवीर सिंह, रघुवीर सिंह, सीताराम, अमर सिंह, कमल सिंह, राजपाल सिंह, मुल्तान सिंह यादव व बीटू यादव आदि हैं।
निराश्रित गोवंशों को गोशालाएं भिजवाए प्रशासन
टूंडला। किसानों का कहना है कि शासन ने गोवंशों को कटने से तो बचा लिया, किंतु उनके रहने की भी व्यवस्था करे। खोले गईं गोशालाओं में जितने गोवंश नहीं है, जिनसे कई गुना गोवंश खुले में घूम रहे हैं। निराश्रित गोवंशों को पकड़वाकर गोशालाओं में भिजवाना चाहिए। किसान पुष्पेन्द्र उपाध्याय, नीरज दीक्षित ने कहा कि अगर शासन इस ओर ध्यान नहीं देता है तो आगामी चुनावों में सरकार को इसके परिणाम भुगतने होंगे।
सबसेअधिक ये गांव हैं प्रभावित
हिरनगांव क्षेत्र के दारापुर, मेहरी, लतुर्रा, कुरीकूपा, धीरपुरा, नगला सदा, नगला आशा, सुजातगढ, नागऊ, उलाऊ खेड़ा, लतीफपुर, नगला खार, सलेमपुर, त्रिलोकपुर, अकबरपुर, नगला सदा, बनकट, नगला उदय, जिंदासपुर आदि एवं थाना पचोखरा क्षेत्र के गांव घिरोली, नगला प्रेम, नगला मुरली, भदेवा, नगला दल, नगला सिकंदर आदि गांव हैं।
बीस बीघा सरसों, पंद्रह बीघा गेहूं की फ़सल निराश्रित गोवंश ने चौपट कर दी है। सर्द रातों में कड़ा पहरा देकर फ़सल की रखवाली कर रहे हैं। किसान आगामी चुनाव में सरकार को जबाव देंगे।
संजय सिंह निवासी दारापुर
निराश्रित गोवंश आलू, गेहूं, सरसों ,जौ की फ़सलों को नष्ट कर रहे हैं। सरकार कोई ठोस कदम उठाकर हो रहे नुकसान से निजात दिलाए। किसानों का सरकार से विश्वास उठता जा रहा है।
बदनसिंह निवासी धीरपुरा
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गोवंशों को कटने से बचाने के लिए सरकार ने गोशालाएं स्थापित कराए, किंतु गोवंशों की बढ़ती जनसंख्या के चलते अब गोशालाएं नाकाफी साबित हो रहीं हैं। लोग गाय पालते हैं, लेकिन बछड़ों को खुला छोड़ देते हैं। जब गाय दूध देना बंद कर देती है तो उसे भी खुला छोड़ देते हैं। नतीजन निराश्रित गोवंशों की जनसंख्या निरंतर बढ़ रही है। आलम ये हैं कि देहातों में निराश्रित गायों के झुंड बन गए हैं। सैकड़ों की संख्या में गाय, सांड़ ,बछड़े खुले घूम रहे हैं।
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दिन में ये झुंड जंगल अथवा सड़कों पर पहुंच जाते हैं, किंतु शाम होते ही खेतों की ओर रुख कर रहे हैं। जिस खेत में भी ये घुस जाते हैं, कुछ समय में ही पूरे खेत को उजाड़ देते हैं। ग्रामीणों ने बताया इस समय आलू, गेहूं, सरसों, चना की आदि फसलें हैं। इन फसलों को बचाने के लिए घर का कोई न कोई सदस्य खेत पर ही रहता है। फिर भी जरा से नजर बची कि झुंड खेतों में घुसकर खेत का स्वरूप ही बदल देते हैं। किसानों का आरोप है कि प्रशासन से बार-बार निराश्रित गोवंशों से फसलों के बचाव की मांग की जाती रही है, किंतु कोई सुनवाई नहीं हो रही है।
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कहने को प्रत्येक ग्रामसभा में गौ शालाएं हैं, मगर गोशालाओं के पहले से ही फूल हैं। ऐसे में निराश्रित गोवंश किसानों का भारी नुकसान कर रहे हैं। किसानों ने निराश्रित गोवंशों से निजात दिलाने की मांग की है। मांग करने वालों में श्यामबाबू, राकेश कुमार, मोकम सिंह, महावीर सिंह, थान सिंह, कैलाशी राम, भगवान सिंह, रामबाबू, श्याम बाबू यादव, दलवीर सिंह, रघुवीर सिंह, सीताराम, अमर सिंह, कमल सिंह, राजपाल सिंह, मुल्तान सिंह यादव व बीटू यादव आदि हैं।
निराश्रित गोवंशों को गोशालाएं भिजवाए प्रशासन
टूंडला। किसानों का कहना है कि शासन ने गोवंशों को कटने से तो बचा लिया, किंतु उनके रहने की भी व्यवस्था करे। खोले गईं गोशालाओं में जितने गोवंश नहीं है, जिनसे कई गुना गोवंश खुले में घूम रहे हैं। निराश्रित गोवंशों को पकड़वाकर गोशालाओं में भिजवाना चाहिए। किसान पुष्पेन्द्र उपाध्याय, नीरज दीक्षित ने कहा कि अगर शासन इस ओर ध्यान नहीं देता है तो आगामी चुनावों में सरकार को इसके परिणाम भुगतने होंगे।
सबसेअधिक ये गांव हैं प्रभावित
हिरनगांव क्षेत्र के दारापुर, मेहरी, लतुर्रा, कुरीकूपा, धीरपुरा, नगला सदा, नगला आशा, सुजातगढ, नागऊ, उलाऊ खेड़ा, लतीफपुर, नगला खार, सलेमपुर, त्रिलोकपुर, अकबरपुर, नगला सदा, बनकट, नगला उदय, जिंदासपुर आदि एवं थाना पचोखरा क्षेत्र के गांव घिरोली, नगला प्रेम, नगला मुरली, भदेवा, नगला दल, नगला सिकंदर आदि गांव हैं।
बीस बीघा सरसों, पंद्रह बीघा गेहूं की फ़सल निराश्रित गोवंश ने चौपट कर दी है। सर्द रातों में कड़ा पहरा देकर फ़सल की रखवाली कर रहे हैं। किसान आगामी चुनाव में सरकार को जबाव देंगे।
संजय सिंह निवासी दारापुर
निराश्रित गोवंश आलू, गेहूं, सरसों ,जौ की फ़सलों को नष्ट कर रहे हैं। सरकार कोई ठोस कदम उठाकर हो रहे नुकसान से निजात दिलाए। किसानों का सरकार से विश्वास उठता जा रहा है।
बदनसिंह निवासी धीरपुरा

टूंडला के हिरनगांव क्षेत्र में सरसों की फसलों का सफाया कर जाता गोवंश- फोटो : TUNDLA

टूंडला के हिरनगांव क्षेत्र में सरसों की फसलों का सफाया कर जाता गोवंश- फोटो : TUNDLA