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नंद के घर आनंद भयौ जय कन्हैया लाल की...
अमर उजाला ब्यूरो फीरोजाबाद।
Updated Tue, 22 Dec 2015 09:46 PM IST
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अखिल भारतीय सोह्म महामंडल के तत्वावधान में आयोजित विराट संत सम्मेलन में चौथे दिन पूरा रामलीला प्रांगण ‘नंद के आनंद भयौ जय कन्हैया लाल की’ से गूंज उठा। कन्हैया जी के जन्मदिन में मिष्ठान, माखन मिश्रा का प्रसाद बांटा गया। कन्हैया के जन्मदिन पर पूरा पांडाल ब्रज मंडल की तरह नजर आ रहा था।
सोह्म पीठाधीश्वर स्वामी विवेकानंद महाराज ने कहा कि सियाराम मय सब जग जानी, ऐसा भाव जब जीवन में आता है, तभी जीवन की सार्थकता है। यह सारा जगत परमात्मा से ओत-प्रोत है। परमात्मा ने ही अपने को अनेकों रूपों में बना रखा है। जिस प्रकार सोने से अनेक आभूषण बनते हैं, आभूषण का आकार भी अलग-अलग है और नाम भी। उसकी सभी शरीरों, वस्तुओं और प्रत्येक स्थान पर परमात्मा ही हैं। स्वामी शिव चैतन्य महाराज ने कहा कि सर्वे भवंतु सुखिन: ऐसी सद्भावना करनी चाहिए, तभी सुखी रह सकते हैं।
स्वामी शुकदेवानंद महाराज ने कहा कि जो माता-पिता एवं वृद्धों की सेवा नहीं करते, किंतु मंदिर में पूजा करता है, ऐसे व्यक्ति से परमात्मा प्रसन्न नहीं होते। भागवत कथा के अंतिम सत्र में पंडित जी ने श्रीकृष्ण के जन्म की कथा सुनाई। व्यास जी ने कहा कि जब संसार में धर्म की हानि होती है और अधर्म बढ़ता है तो परमात्मा अवतार लेकर धरा पर आते हैं। भक्तों को आनंदित करने, दुष्टों का संहार करने के लिए भगवान को अवतार लेना पड़ता है।
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स्वामी धर्मदेव महाराज आज धर्मसभा को करेंगे संबोधित
विराट संत सम्मेलन में बुधवार को ओजस्वी एवं धर्म प्रवक्ता, विद्यादानी महामंडलेश्वर स्वामी धर्मदेव महाराज पटौदी श्रद्धालुओं को संबोधित करेंगे। भागवत कथा में श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं का वर्णन किया जाएगा। रासलीला, एवं कृष्ण मथुरा गमन एवं महाभारत की कथाओं का व्याख्यान किया जाएगा।
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सोह्म पीठाधीश्वर स्वामी विवेकानंद महाराज ने कहा कि सियाराम मय सब जग जानी, ऐसा भाव जब जीवन में आता है, तभी जीवन की सार्थकता है। यह सारा जगत परमात्मा से ओत-प्रोत है। परमात्मा ने ही अपने को अनेकों रूपों में बना रखा है। जिस प्रकार सोने से अनेक आभूषण बनते हैं, आभूषण का आकार भी अलग-अलग है और नाम भी। उसकी सभी शरीरों, वस्तुओं और प्रत्येक स्थान पर परमात्मा ही हैं। स्वामी शिव चैतन्य महाराज ने कहा कि सर्वे भवंतु सुखिन: ऐसी सद्भावना करनी चाहिए, तभी सुखी रह सकते हैं।
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स्वामी शुकदेवानंद महाराज ने कहा कि जो माता-पिता एवं वृद्धों की सेवा नहीं करते, किंतु मंदिर में पूजा करता है, ऐसे व्यक्ति से परमात्मा प्रसन्न नहीं होते। भागवत कथा के अंतिम सत्र में पंडित जी ने श्रीकृष्ण के जन्म की कथा सुनाई। व्यास जी ने कहा कि जब संसार में धर्म की हानि होती है और अधर्म बढ़ता है तो परमात्मा अवतार लेकर धरा पर आते हैं। भक्तों को आनंदित करने, दुष्टों का संहार करने के लिए भगवान को अवतार लेना पड़ता है।
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स्वामी धर्मदेव महाराज आज धर्मसभा को करेंगे संबोधित
विराट संत सम्मेलन में बुधवार को ओजस्वी एवं धर्म प्रवक्ता, विद्यादानी महामंडलेश्वर स्वामी धर्मदेव महाराज पटौदी श्रद्धालुओं को संबोधित करेंगे। भागवत कथा में श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं का वर्णन किया जाएगा। रासलीला, एवं कृष्ण मथुरा गमन एवं महाभारत की कथाओं का व्याख्यान किया जाएगा।