{"_id":"5dbf0ca08ebc3e93ca6fa3c4","slug":"enchrochement-firozabad-news-agr413440247","type":"story","status":"publish","title_hn":"कठफोरी में मकान तोड़ने की मुनादी से बढ़ीं धड़कनें","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कठफोरी में मकान तोड़ने की मुनादी से बढ़ीं धड़कनें
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कठफोरी (फिरोजाबाद)। कस्बा कठफोरी के समीप नेशनल हाईवे का चौड़ीकरण के लिए जमीन अधिग्रहण के बाद एनएचआई द्वारा अभी तक मुआवजा राशि नहीं दी गई है। ऐसे में विभागीय अधिकारियों ने मुनादी करा पीड़ितों की परेशानी को बढ़ा दिया है। पीड़ितों का कहना है कि उन लोगों के पास इतना बजट नहीं है कि वे दूसरी जगह अपना मकान ले सके। यदि मकान तोड़ दिया तो उनके रहने के लिए जगह नहीं है।
राष्ट्रीय राजमार्ग-दो के सिक्सलेन में तब्दील करने के लिए राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण द्वारा मनोज पुत्र कृष्ण मुरारी, कृष्ण गोपाल पुत्र सालिग्राम, लखमी चंद्र पुत्र मौजीराम, कमलेश पुत्र रामसेवक, विमला पत्नी मलखान, संतोष पुत्र रामदास, केशव पुत्र रामदास, अरविंद पुत्र रामदास, अवधेश पुत्र राधेश्याम, अर्जुन सिंह, राधेश्याम, हरीबाबू पुत्र रामस्वरूप केदार पुत्र लालता प्रसाद, प्रताप सिंह पुत्र मोहनलाल सहित कुछ अन्य लोगों के मकानों एवं भूमि को चिह्नित किया था। मकानों में निशान लगा दिए गए थे।
हालांकि ग्रामीणों की मानें तो एनएचएआई ने अभी तक मुआवजा की धनराशि का भुगतान नहीं किया गया है। रविवार को एनएचआई के अधिकारियों ने मुनादी कराने के साथ ही 15 दिन के अंदर मकान खाली करने के आदेश जारी कर दिए। एनएचआई द्वारा रविवार को कराई गई मुनादी के बाद पीड़ितों में प्रशासन एवं प्राधिकरण के रवैये को लेकर आक्रोश है। पीड़ितों का कहना है कि विभाग ने अभी तक मुआवजा राशि नहीं दी है और 15 दिन में मकान खाली करने के निर्देश दिए है। यदि मकान खाली कर दिया तो वह परिवार के साथ कहां पर जाएंगे? पीड़ितों ने मांग की कि उन्हें पहले मुआवजा दिया जाए। इसके बाद मकान खाली कराया जाए।
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राष्ट्रीय राजमार्ग-दो के सिक्सलेन में तब्दील करने के लिए राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण द्वारा मनोज पुत्र कृष्ण मुरारी, कृष्ण गोपाल पुत्र सालिग्राम, लखमी चंद्र पुत्र मौजीराम, कमलेश पुत्र रामसेवक, विमला पत्नी मलखान, संतोष पुत्र रामदास, केशव पुत्र रामदास, अरविंद पुत्र रामदास, अवधेश पुत्र राधेश्याम, अर्जुन सिंह, राधेश्याम, हरीबाबू पुत्र रामस्वरूप केदार पुत्र लालता प्रसाद, प्रताप सिंह पुत्र मोहनलाल सहित कुछ अन्य लोगों के मकानों एवं भूमि को चिह्नित किया था। मकानों में निशान लगा दिए गए थे।
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हालांकि ग्रामीणों की मानें तो एनएचएआई ने अभी तक मुआवजा की धनराशि का भुगतान नहीं किया गया है। रविवार को एनएचआई के अधिकारियों ने मुनादी कराने के साथ ही 15 दिन के अंदर मकान खाली करने के आदेश जारी कर दिए। एनएचआई द्वारा रविवार को कराई गई मुनादी के बाद पीड़ितों में प्रशासन एवं प्राधिकरण के रवैये को लेकर आक्रोश है। पीड़ितों का कहना है कि विभाग ने अभी तक मुआवजा राशि नहीं दी है और 15 दिन में मकान खाली करने के निर्देश दिए है। यदि मकान खाली कर दिया तो वह परिवार के साथ कहां पर जाएंगे? पीड़ितों ने मांग की कि उन्हें पहले मुआवजा दिया जाए। इसके बाद मकान खाली कराया जाए।
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