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Firozabad News: नगर निगम के लेखा विभाग में सहमे दिखे कर्मचारी, नहीं दिखे अधिकारी
Mon, 09 Jun 2025 11:09 PM IST
आगरा ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, फिरोजाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फिरोजाबाद
Updated Mon, 09 Jun 2025 11:09 PM IST
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नगर निगम के लेखा विभाग में खाली पड़ी कुर्सी। संवाद
फिरोजाबाद। तीन दिन पहले ठेकेदारों की फाइलों को स्वीकृति देने के संबंध में भ्रष्टाचार निरोधक इकाई आगरा वृत द्वारा दर्ज रिपोर्ट के बाद निगम के लेखा विभाग में कर्मचारी सहमे-सहमे दिखाई दिए। वहीं लेखाकार जितेद्र कुमार गुप्ता दोपहर तक कार्यालय में नजर नहीं आए। वहीं लेखाधिकारी योगेंद्र कुमार त्रिपाठी चंद मिनट तक कार्यालय पर दिखे। बाद में वह भी चले गए।
बृहस्पतिवार को भ्रष्टाचार निरोधक एवं सतर्कता विभाग आगरा वृत द्वारा नगर निगम के पूर्व अपर आयुक्त अरविंद कुमार राय एवं लेखा विभाग में तैनात लेखाधिकारी योगेंद्र कुमार त्रिपाठी, लेखाकार जितेंद्र कुमार गुप्ता और सेवा निवृत लेखा लिपिक राजेंद्र सिंह परिहार के विरुद्ध मुकदमा दर्ज किया था। चारों पर ठेकेदारों के भुगतान संबंधी फाइलों को अवैध तरीके से स्वीकृत के संबंध में एफआईआर दर्ज हुई है। वहीं एफआईआर दर्ज होने के बाद सोमवार को नगर निगम लेखा विभाग खुला। ईद व रविवार छुट्टी के बाद खुले लेखा विभाग में मौजूद कर्मचारी सहमे-सहमे से दिखाई दिए। जबकि सतर्कता विभाग की एफआईआर में उल्लेखित लेखाधिकारी योगेंद्र कुमार त्रिपाठी चंद मिनट के लिए कार्यालय आये। उसके बाद वे निजी कार्यवश कार्यालय से बाहर चले गए। वहीं लेखाकार जितेंद्र कुमार गुप्ता दोपहर करीब एक बजे तक अपनी कुर्सी पर नजर नहीं आए। बरहाल इस मामले में नगर निगम के अधिकारी व कर्मचारी कुछ भी बोलने से कतरा रहे हैं।
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बृहस्पतिवार को भ्रष्टाचार निरोधक एवं सतर्कता विभाग आगरा वृत द्वारा नगर निगम के पूर्व अपर आयुक्त अरविंद कुमार राय एवं लेखा विभाग में तैनात लेखाधिकारी योगेंद्र कुमार त्रिपाठी, लेखाकार जितेंद्र कुमार गुप्ता और सेवा निवृत लेखा लिपिक राजेंद्र सिंह परिहार के विरुद्ध मुकदमा दर्ज किया था। चारों पर ठेकेदारों के भुगतान संबंधी फाइलों को अवैध तरीके से स्वीकृत के संबंध में एफआईआर दर्ज हुई है। वहीं एफआईआर दर्ज होने के बाद सोमवार को नगर निगम लेखा विभाग खुला। ईद व रविवार छुट्टी के बाद खुले लेखा विभाग में मौजूद कर्मचारी सहमे-सहमे से दिखाई दिए। जबकि सतर्कता विभाग की एफआईआर में उल्लेखित लेखाधिकारी योगेंद्र कुमार त्रिपाठी चंद मिनट के लिए कार्यालय आये। उसके बाद वे निजी कार्यवश कार्यालय से बाहर चले गए। वहीं लेखाकार जितेंद्र कुमार गुप्ता दोपहर करीब एक बजे तक अपनी कुर्सी पर नजर नहीं आए। बरहाल इस मामले में नगर निगम के अधिकारी व कर्मचारी कुछ भी बोलने से कतरा रहे हैं।
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