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अपनों से सताए वृद्धों को वृद्धाश्रम में भी नहीं मिल रहा अपनत्व
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टूंडला। अपनों से सताए और भगाए वृद्धजनों के लिए बनाए गए वृद्धाश्रम में भी वृद्धों को अपनत्व नहीं मिल पा रहा। एक वृद्ध ने मंगलवार को रोते हुए वृद्धाश्रम में होने वाली परेशानियां बयां करते हुए वृद्धाश्रम छोड़ दिया। वृद्ध ने संचालिका पर वृद्धों को परेशान करने के आरोप लगाए हैं।
समाजसेवी व समाजसेवी संस्थाओं द्वारा संचालित वृद्धाश्रम छोड़कर निकले रामू दुबे ने बताया कि वृद्धाश्रम में न तो समय से खाना मिलता है न चाय-पानी मिलती है। बुजुर्ग लोग नित्य क्रिया के लिए भी काफी परेशान रहते हैं। कर्मचारी किसी वृद्ध की कोई बात नहीं सुनते। जो कपड़े आते हैं उन्हें भी उतरवा लिया जाता है। संचालिका द्वारा कर्मचारियों के द्वारा ऐसा करवाया जाता है। वृद्धाश्रम से निकले वृद्ध के रोते हुए इस मार्मिक व्यथा सुनकर एवं वीडियो बनाने के बाद अंर्तराष्ट्रीय गोमाता सेवा महासंघ के पदाधिकारियों ने वृद्धाश्रम पहुंच गए। उन्होंने निरीक्षण कर वहां रह रहे वृद्धजनों से बातचीत की तो बताया कि छोटी मोटी परेशानी है।
रिश्ते में रामू दूबे मेरे मामा हैं और नशे के आदी हैं। नशा उपलब्ध न होने से वह आश्रम में आए दिन हंगामा करते हैं। इसीलिए झूठे आरोप लगाकर वह आश्रम से गए हैं। बाकी अन्य किसी को कोई परेशानी नहीं है। रितु दुबे, संचालिका वृद्धाश्रम बन्ना, टूंडला।
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समाजसेवी व समाजसेवी संस्थाओं द्वारा संचालित वृद्धाश्रम छोड़कर निकले रामू दुबे ने बताया कि वृद्धाश्रम में न तो समय से खाना मिलता है न चाय-पानी मिलती है। बुजुर्ग लोग नित्य क्रिया के लिए भी काफी परेशान रहते हैं। कर्मचारी किसी वृद्ध की कोई बात नहीं सुनते। जो कपड़े आते हैं उन्हें भी उतरवा लिया जाता है। संचालिका द्वारा कर्मचारियों के द्वारा ऐसा करवाया जाता है। वृद्धाश्रम से निकले वृद्ध के रोते हुए इस मार्मिक व्यथा सुनकर एवं वीडियो बनाने के बाद अंर्तराष्ट्रीय गोमाता सेवा महासंघ के पदाधिकारियों ने वृद्धाश्रम पहुंच गए। उन्होंने निरीक्षण कर वहां रह रहे वृद्धजनों से बातचीत की तो बताया कि छोटी मोटी परेशानी है।
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रिश्ते में रामू दूबे मेरे मामा हैं और नशे के आदी हैं। नशा उपलब्ध न होने से वह आश्रम में आए दिन हंगामा करते हैं। इसीलिए झूठे आरोप लगाकर वह आश्रम से गए हैं। बाकी अन्य किसी को कोई परेशानी नहीं है। रितु दुबे, संचालिका वृद्धाश्रम बन्ना, टूंडला।
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