{"_id":"6903ac7ce4217573d0097a1a","slug":"eight-accused-of-the-rajjan-gang-were-acquitted-in-the-vikas-gupta-kidnapping-murder-case-firozabad-news-c-169-1-sagr1021-159634-2025-10-30","type":"story","status":"publish","title_hn":"Firozabad News: चर्चित विकास गुप्ता अपहरण-हत्याकांड में रज्जन गैंग के 8 आरोपी दोषमुक्त","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Firozabad News: चर्चित विकास गुप्ता अपहरण-हत्याकांड में रज्जन गैंग के 8 आरोपी दोषमुक्त
Thu, 30 Oct 2025 11:50 PM IST
आगरा ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, फिरोजाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फिरोजाबाद
Updated Thu, 30 Oct 2025 11:50 PM IST
विज्ञापन
फिरोजाबाद। वर्ष 2001 के चर्चित विकास गुप्ता अपहरण-हत्याकांड मामले में 23 साल बाद अदालत ने सबूतों के अभाव में रज्जन गैंग के 8 आरोपियों को दोषमुक्त कर दिया। एडीजे विशेष डकैती कोर्ट ने अपने फैसले में स्पष्ट किया कि अभियोजन पक्ष अभियुक्तों की संलिप्तता को सिद्ध करने में पूरी तरह असफल रहा।
19 नवंबर 2001 को थाना दक्षिण में विकास के पिता सतीश चंद्र गुप्ता ने अपने बेटे के अपहरण का केस दर्ज कराया था। आरोप के मुताबिक, बेटा विकास 3 नवंबर 2001 को आगरा गया था, जो वापस नहीं आया। 7 नवंबर 2001 को थाना दक्षिण में गुमशुदगी दर्ज कराई। 18 नवंबर को पता लगा कि उनके बेटे को चंद्रवार गेट, दक्षिण निवासी अपराधी लाला व आगरा के बाह थाना क्षेत्र के गांव विक्रमपुर निवासी अविनेश शर्मा आगरा से अपहरण कर ले गए थे और पैसा लेकर रज्जन गुर्जर गैंग को बेच दिया था।
रज्जन गुर्जर गैंग से उन्हें फोन आया और बाद में एक डाक पत्र के जरिए 51 लाख 51 हजार 101 रुपये की फिरौती मांगी गई। 18 नवंबर 2001 को इटावा जिले में पंछायगांव थाने में पुलिस और रज्जन गैंग के बीच मुठभेड़ हुई, जिसमें विकास को बदमाशों ने मार दिया था।
विज्ञापन
विवेचना कर पुलिस ने अभियुक्त लाला उर्फ रामसेवक, अविनेश शर्मा, पंचम सिंह गुर्जर, मुकेश उर्फ मुल्ला, पप्पू उर्फ शिव कुमार, गुड्डू सिंह, सुरेन्द्र सिंह, मीना कुशवाह, करन सिंह, रज्जन गुर्जर, लवली पांडेय उर्फ किरन के विरुद्ध अलग आरोपपत्र फिरौती के लिए अपहरण और हत्या की धाराओं में दाखिल किए थे। अदालत में ट्रायल के दौरान आरोपी मीना कुशवाह, रजन गुर्जर व लवली पांडेय उर्फ किरन की मृत्यु उपरांत उनकी फाइल को बंद कर दिया गया।
ये आरोपी हुए बरी
लाला उर्फ रामसेवव निवासी चंद्रवार गेट, दक्षिण, फिरोजाबाद
अविनेश शर्मा निवासी विक्रमपुर, थाना बाह, आगरा
पंचम सिंह निवासी आनंदीपुर करकोली, मटसैना, फिरोजाबाद
मुकेश निवासी आनंदीपुर करकोली, मटसैना, फिरोजाबाद
पप्पू उर्फ शिवशंकर निवासी आसफाबाद, रसूलपुर, फिरोजाबाद
गुड्डू निवासी आनंदीपुर करकोली, मटसैना, फिरोजाबाद
सुरेंद्र सिंह निवासी शेरपुर, मटसैना, फिरोजाबाद
करन सिंह निवासी ग्राम दहियापुर, अजीतनगर, औरैया
-- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -
तारीखवार पूरा घटनाक्रम
- 03 नवंबर को 2001 सतीश चंद्र गुप्ता के पुत्र विकास गुप्ता का अपहरण
- 04 नवंबर 2001 को अपहरणकर्ताओं ने डाक के जरिए से 51,51,101 रुपये की फिरौती मांगी
- 07 नवंबर 2001 को दूसरी बार फिरौती की राशि मांगने का पत्र आया
- 18 नवंबर 2001 को इटावा जिले के पंछायगांव थाना क्षेत्र में पुलिस और रज्जन गुर्जर गैंग के बीच मुठभेड़ हुई। मुठभेड़ के बाद पुलिस ने दावा किया, बदमाशों ने गोली मारकर विकास गुप्ता की हत्या कर दी।
- 19 नवंबर 2001 को थाना दक्षिण, फिरोजाबाद में मुकदमा दर्ज कराया गया
विज्ञापन
19 नवंबर 2001 को थाना दक्षिण में विकास के पिता सतीश चंद्र गुप्ता ने अपने बेटे के अपहरण का केस दर्ज कराया था। आरोप के मुताबिक, बेटा विकास 3 नवंबर 2001 को आगरा गया था, जो वापस नहीं आया। 7 नवंबर 2001 को थाना दक्षिण में गुमशुदगी दर्ज कराई। 18 नवंबर को पता लगा कि उनके बेटे को चंद्रवार गेट, दक्षिण निवासी अपराधी लाला व आगरा के बाह थाना क्षेत्र के गांव विक्रमपुर निवासी अविनेश शर्मा आगरा से अपहरण कर ले गए थे और पैसा लेकर रज्जन गुर्जर गैंग को बेच दिया था।
विज्ञापन
रज्जन गुर्जर गैंग से उन्हें फोन आया और बाद में एक डाक पत्र के जरिए 51 लाख 51 हजार 101 रुपये की फिरौती मांगी गई। 18 नवंबर 2001 को इटावा जिले में पंछायगांव थाने में पुलिस और रज्जन गैंग के बीच मुठभेड़ हुई, जिसमें विकास को बदमाशों ने मार दिया था।
विज्ञापन
विवेचना कर पुलिस ने अभियुक्त लाला उर्फ रामसेवक, अविनेश शर्मा, पंचम सिंह गुर्जर, मुकेश उर्फ मुल्ला, पप्पू उर्फ शिव कुमार, गुड्डू सिंह, सुरेन्द्र सिंह, मीना कुशवाह, करन सिंह, रज्जन गुर्जर, लवली पांडेय उर्फ किरन के विरुद्ध अलग आरोपपत्र फिरौती के लिए अपहरण और हत्या की धाराओं में दाखिल किए थे। अदालत में ट्रायल के दौरान आरोपी मीना कुशवाह, रजन गुर्जर व लवली पांडेय उर्फ किरन की मृत्यु उपरांत उनकी फाइल को बंद कर दिया गया।
ये आरोपी हुए बरी
लाला उर्फ रामसेवव निवासी चंद्रवार गेट, दक्षिण, फिरोजाबाद
अविनेश शर्मा निवासी विक्रमपुर, थाना बाह, आगरा
पंचम सिंह निवासी आनंदीपुर करकोली, मटसैना, फिरोजाबाद
मुकेश निवासी आनंदीपुर करकोली, मटसैना, फिरोजाबाद
पप्पू उर्फ शिवशंकर निवासी आसफाबाद, रसूलपुर, फिरोजाबाद
गुड्डू निवासी आनंदीपुर करकोली, मटसैना, फिरोजाबाद
सुरेंद्र सिंह निवासी शेरपुर, मटसैना, फिरोजाबाद
करन सिंह निवासी ग्राम दहियापुर, अजीतनगर, औरैया
तारीखवार पूरा घटनाक्रम
- 03 नवंबर को 2001 सतीश चंद्र गुप्ता के पुत्र विकास गुप्ता का अपहरण
- 04 नवंबर 2001 को अपहरणकर्ताओं ने डाक के जरिए से 51,51,101 रुपये की फिरौती मांगी
- 07 नवंबर 2001 को दूसरी बार फिरौती की राशि मांगने का पत्र आया
- 18 नवंबर 2001 को इटावा जिले के पंछायगांव थाना क्षेत्र में पुलिस और रज्जन गुर्जर गैंग के बीच मुठभेड़ हुई। मुठभेड़ के बाद पुलिस ने दावा किया, बदमाशों ने गोली मारकर विकास गुप्ता की हत्या कर दी।
- 19 नवंबर 2001 को थाना दक्षिण, फिरोजाबाद में मुकदमा दर्ज कराया गया