{"_id":"62434e3c0009ed3d2c411214","slug":"education-korona-amarujala-firozabad-news-amar-ulala-education-abhiyan-firozabad-news-agr5286243167","type":"story","status":"publish","title_hn":"अतिरिक्त कक्षाओं से शिक्षक बच्चों का बढ़ा रहे आत्मविश्वास","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अतिरिक्त कक्षाओं से शिक्षक बच्चों का बढ़ा रहे आत्मविश्वास
विज्ञापन
अतिरिक्त कक्षाओं से शिक्षक बच्चों का बढ़ा रहे आत्मविश्वास
बच्चों से बात कर कमियों को किया जा रहा दूर, लिखने का भी कराया जा रहा अभ्यास
संवाद नयूज एजेंसी
फिरोजाबाद। कोरोना काल में ऑनलाइन पढ़ाई से बच्चों में कई कमियां आईं हैं। इन्हें दूर करने में शिक्षक जुटे हुए हैं। एक ओर शिक्षक अतिरिक्त कक्षाओं के माध्यम से बच्चों का आत्मविश्वास बढ़ा रहे हैं। दूसरी तरफ चर्चा-परिचर्चा कर भी बच्चों में आए बदलावों का पता लगा रहे हैं।
बीएसएस हाईटेक पब्लिक स्कूल के डायरेक्टर रवि शर्मा ने बताया कि बच्चों से संवाद कर उनकी समस्याओं का पता लगाया जा रहा है। शिक्षक बच्चों को ऑफलाइन पढ़ाई के लिए प्रेरित कर रहे हैं। दूसरी ओर कोरोनाकाल में नुकसान की भरपाई करने के लिए प्रधानाचार्य भी बच्चों से संवाद कर रहे हैं। ऑनलाइन पढ़ाई से सबसे ज्यादा असर बच्चों की पठन-पाठन क्षमता पर पड़ा है। लिखावट भी कुछ हद तक प्रभावित हुई है। शिक्षक कक्षाओं में बच्चों से किताबों का पाठन करवा रहे हैं। विभिन्न गतिविधियों के जरिए बच्चों की लिखावट में सुधार का प्रयास कर रहे हैं। विशेष रूप से कॉपियों पर लिखने का अभ्यास भी करवा रहे हैं। शिक्षक यह भी पता लगाने के लिए प्रयास कर रहे है कि ऑनलाइन पढ़ाई से बच्चों में ओर क्या-क्या बदलाव आए।
इनसेट
उन्हें स्कूल में आकर बहुत अच्छा लग रहा है। ऑफलाइन पढ़ाई में हर बात आसानी से समझ आती है। अकेले पढ़ने के बजाय कक्षाओं में सहपाठियों के साथ पढ़ाई करने का अलग ही मजा है।
विज्ञापन
- कार्तिक
ऑनलाइन पढ़ाई से आंखे दर्द होने लगता था। ऑफलाइन पढ़ाई ऑनलाइन की अपेक्षा काफी बेहतर है। सरकार ने स्कूल दोबारा खोलकर बच्चों को काफी राहत पहुंचाई है।
- आस्था यादव
कोरोना महामारी के चलते दो साल ऑनलाइन पढ़ाई हुई। अब शिक्षक उनमें आई कमियों को दुरुस्त करने में जुटे हुए हैं। उनसे खुद बात भी कर रहे हैं। इससे आत्मविश्वास बढ़ रहा है।
- प्रियांशी पाठक
- शिक्षक क्लासरूम से विशेष परिचर्चा कर रहे हैं। ऑनलाइन पढ़ाई में वे अकेले पढ़ते थे। सहपाठियों से भी बात नहीं हो रही थी। अब स्कूल खुले है, क्लासरूम में बैठकर अब पढ़ाई हो रही है।
- समर्थ सिंह
ऑनलाइन माध्यम से छात्र कोरोना काल में पढ़ाई करते रहे। इस दौरान कई कमियां बच्चों में आईं हैं। उन्हें दुरुस्त करने के लिए हम जुटे हुए हैं। इसके लिए अतिरिक्त कक्षाएं भी लगाई जा रही हैं। देखने में आया कि कोरोना काल में बच्चों की शिक्षा का स्तर काफी कम हो गया था। इसके अलावा लिखने का अभ्यास भी कराया जा रहा रहे हैं। क्योंकि लिखने की क्षमता भी कम हुई है।
- हर्षिता गुप्ता, शिक्षिका
विज्ञापन
बच्चों से बात कर कमियों को किया जा रहा दूर, लिखने का भी कराया जा रहा अभ्यास
संवाद नयूज एजेंसी
फिरोजाबाद। कोरोना काल में ऑनलाइन पढ़ाई से बच्चों में कई कमियां आईं हैं। इन्हें दूर करने में शिक्षक जुटे हुए हैं। एक ओर शिक्षक अतिरिक्त कक्षाओं के माध्यम से बच्चों का आत्मविश्वास बढ़ा रहे हैं। दूसरी तरफ चर्चा-परिचर्चा कर भी बच्चों में आए बदलावों का पता लगा रहे हैं।
बीएसएस हाईटेक पब्लिक स्कूल के डायरेक्टर रवि शर्मा ने बताया कि बच्चों से संवाद कर उनकी समस्याओं का पता लगाया जा रहा है। शिक्षक बच्चों को ऑफलाइन पढ़ाई के लिए प्रेरित कर रहे हैं। दूसरी ओर कोरोनाकाल में नुकसान की भरपाई करने के लिए प्रधानाचार्य भी बच्चों से संवाद कर रहे हैं। ऑनलाइन पढ़ाई से सबसे ज्यादा असर बच्चों की पठन-पाठन क्षमता पर पड़ा है। लिखावट भी कुछ हद तक प्रभावित हुई है। शिक्षक कक्षाओं में बच्चों से किताबों का पाठन करवा रहे हैं। विभिन्न गतिविधियों के जरिए बच्चों की लिखावट में सुधार का प्रयास कर रहे हैं। विशेष रूप से कॉपियों पर लिखने का अभ्यास भी करवा रहे हैं। शिक्षक यह भी पता लगाने के लिए प्रयास कर रहे है कि ऑनलाइन पढ़ाई से बच्चों में ओर क्या-क्या बदलाव आए।
विज्ञापन
इनसेट
उन्हें स्कूल में आकर बहुत अच्छा लग रहा है। ऑफलाइन पढ़ाई में हर बात आसानी से समझ आती है। अकेले पढ़ने के बजाय कक्षाओं में सहपाठियों के साथ पढ़ाई करने का अलग ही मजा है।
विज्ञापन
- कार्तिक
ऑनलाइन पढ़ाई से आंखे दर्द होने लगता था। ऑफलाइन पढ़ाई ऑनलाइन की अपेक्षा काफी बेहतर है। सरकार ने स्कूल दोबारा खोलकर बच्चों को काफी राहत पहुंचाई है।
- आस्था यादव
कोरोना महामारी के चलते दो साल ऑनलाइन पढ़ाई हुई। अब शिक्षक उनमें आई कमियों को दुरुस्त करने में जुटे हुए हैं। उनसे खुद बात भी कर रहे हैं। इससे आत्मविश्वास बढ़ रहा है।
- प्रियांशी पाठक
- शिक्षक क्लासरूम से विशेष परिचर्चा कर रहे हैं। ऑनलाइन पढ़ाई में वे अकेले पढ़ते थे। सहपाठियों से भी बात नहीं हो रही थी। अब स्कूल खुले है, क्लासरूम में बैठकर अब पढ़ाई हो रही है।
- समर्थ सिंह
ऑनलाइन माध्यम से छात्र कोरोना काल में पढ़ाई करते रहे। इस दौरान कई कमियां बच्चों में आईं हैं। उन्हें दुरुस्त करने के लिए हम जुटे हुए हैं। इसके लिए अतिरिक्त कक्षाएं भी लगाई जा रही हैं। देखने में आया कि कोरोना काल में बच्चों की शिक्षा का स्तर काफी कम हो गया था। इसके अलावा लिखने का अभ्यास भी कराया जा रहा रहे हैं। क्योंकि लिखने की क्षमता भी कम हुई है।
- हर्षिता गुप्ता, शिक्षिका