{"_id":"5f9320938ebc3e9c012804f7","slug":"education-firozabad-news-agr464970579","type":"story","status":"publish","title_hn":"नए दाखिलों में आई गिरावट, स्कूल से दूर 5171 बच्चे किए चिन्हाकिंत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
नए दाखिलों में आई गिरावट, स्कूल से दूर 5171 बच्चे किए चिन्हाकिंत
विज्ञापन
फिरोजाबाद। बेसिक शिक्षा विभाग द्वारा कराए गए हाउस होल्ड सर्वे में स्कूल न जाने वाले 5171 बच्चे चिह्नित किए गए हैं। छह वर्ष के अधिक उम्र के इन बच्चों का किसी भी स्कूल में पंजीकरण नहीं मिला। बेसिक शिक्षा विभाग स्कूलों में इन बच्चों का दाखिला कराएगा।
छह साल से अधिक उम्र के बच्चों को अनिवार्य शिक्षा का प्रावधान है। हर साल स्कूलों में नए प्रवेश होते हैं लेकिन इस बार प्रवेश की संख्या आधी रह गई है। वर्ष 2020 में घर-घर कराए गए सर्वे में 5171 बच्चे पंजीकृत हुए हैं, जिनका किसी विद्यालय में पंजीकरण नहीं था। अभी तक 4500 बच्चों को स्कूलों में दाखिला दिलाया जा चुका है। शेष बच्चों को जल्द दाखिला दिलाया जाएगा। वहीं, 2019 में कराए गए सर्वे में सिर्फ 2416 बच्चे आउट ऑफ स्कूल चिह्नित किए गए थे। 2018 में कुल 371 बच्चे ही चिह्नित किए थे।
बीएसए अरविंद पाठ ने बताया कि हाउस होल्ड सर्वे में 5171 आउट ऑफ स्कूल बच्चे चिह्नित किए गए थे जो पिछले वर्षों के मुताबिक काफी ज्यादा हैं। इनको दाखिला दिलाने की प्रक्रिया चल ही है।
विज्ञापन
हर साल हमारे विद्यालय में 55 से 60 दाखिले होते थे लेकिन किंतु इस बार कुल 34 ही दाखिले हुए हैं। उनमें भी कई बच्चे ऐसे हैं, जो निजी स्कूलों से आए हैं। पहले हम अभिभावकों को समझाकर किसी भी तरह बच्चों का प्रवेश दिलाते थे। इस बार अभिभावक ही बच्चों को दाखिला दिलाने के लिए तैयार नहीं। आर्थिक तंगी की बात तो हमारे स्कूल में नहीं आनी चाहिए, क्योंकि हमारे यहां फीस किसी प्रकार की नहीं लगती।
ललित कुमार, प्रधानाध्यापक, प्राथमिक विद्यालय नगला मोती
- पिछल साल करीब 60 प्रवेश हुए थे। इस बार 40 ही हुए हैं। मुख्य कारण कोविड है। हर साल अभिभावक अपने बच्चों के प्रवेश को लेकर चिंतित होते थे लेकिन इस बार स्कूल नहीं खुले तो अभिभावकों ने बच्चों पंजीकरण कराना जरूरी नहीं समझा। कई अभिभावक अपने गांव चले गए।
आलोक कुमार, शिक्षक, प्राथमिक विद्यालय ठारपूठा
विज्ञापन
छह साल से अधिक उम्र के बच्चों को अनिवार्य शिक्षा का प्रावधान है। हर साल स्कूलों में नए प्रवेश होते हैं लेकिन इस बार प्रवेश की संख्या आधी रह गई है। वर्ष 2020 में घर-घर कराए गए सर्वे में 5171 बच्चे पंजीकृत हुए हैं, जिनका किसी विद्यालय में पंजीकरण नहीं था। अभी तक 4500 बच्चों को स्कूलों में दाखिला दिलाया जा चुका है। शेष बच्चों को जल्द दाखिला दिलाया जाएगा। वहीं, 2019 में कराए गए सर्वे में सिर्फ 2416 बच्चे आउट ऑफ स्कूल चिह्नित किए गए थे। 2018 में कुल 371 बच्चे ही चिह्नित किए थे।
विज्ञापन
बीएसए अरविंद पाठ ने बताया कि हाउस होल्ड सर्वे में 5171 आउट ऑफ स्कूल बच्चे चिह्नित किए गए थे जो पिछले वर्षों के मुताबिक काफी ज्यादा हैं। इनको दाखिला दिलाने की प्रक्रिया चल ही है।
विज्ञापन
हर साल हमारे विद्यालय में 55 से 60 दाखिले होते थे लेकिन किंतु इस बार कुल 34 ही दाखिले हुए हैं। उनमें भी कई बच्चे ऐसे हैं, जो निजी स्कूलों से आए हैं। पहले हम अभिभावकों को समझाकर किसी भी तरह बच्चों का प्रवेश दिलाते थे। इस बार अभिभावक ही बच्चों को दाखिला दिलाने के लिए तैयार नहीं। आर्थिक तंगी की बात तो हमारे स्कूल में नहीं आनी चाहिए, क्योंकि हमारे यहां फीस किसी प्रकार की नहीं लगती।
ललित कुमार, प्रधानाध्यापक, प्राथमिक विद्यालय नगला मोती
- पिछल साल करीब 60 प्रवेश हुए थे। इस बार 40 ही हुए हैं। मुख्य कारण कोविड है। हर साल अभिभावक अपने बच्चों के प्रवेश को लेकर चिंतित होते थे लेकिन इस बार स्कूल नहीं खुले तो अभिभावकों ने बच्चों पंजीकरण कराना जरूरी नहीं समझा। कई अभिभावक अपने गांव चले गए।
आलोक कुमार, शिक्षक, प्राथमिक विद्यालय ठारपूठा