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दूध में डिटर्जेंट की पुष्टि, घी में एनीमल फैट मिलावट की आशंका
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दूध में डिटर्जेंट की पुष्टि, घी में एनीमल फैट मिलावट की आशंका
- खाद्य सुरक्षा विभाग विक्रेताओं-निर्माताओं पर कार्रवाई की तैयारी में, दर्ज होगा केस
नकमीन में मिला अखाद्य रंग, सेहत के लिए यह नहीं है सुरक्षित
संवाद न्यूज एजेंसी
फिरोजाबाद। खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम द्वारा लिए गए दूध के नमूने में डिटर्जेंट की मिलावट मिली है। देसी घी में भी एनीमल फैट होने की आशंका जाहिर की गई है। यह जांच में असुरक्षित पाया गया है। नमकीन में भी अखाद्य रंग की मिलावट मिली है। विक्रेताओं और निर्माता पर मुकदमा दर्ज कराया जाएगा।
25 जनवरी को खाद्य विभाग की टीम ने सुहाग नगर में सचिन गुप्ता एवं अखिल गुप्ता के प्रतिष्ठान से नमकीन का सैंपल लिया था। यह नमकीन महिला ग्राम उद्योग रामबाग आगरा द्वारा निर्मित था। संदेह होने पर विभाग ने सैंपल लेकर जांच के लिए भेजा तो नमकीन मिथ्या छाप पाई गई। जो सूचनाएं रैपर पर अंकित थी, वह गलत मिलीं। नमकीन में सुडान-डाई (अखाद्य रंग) की मिलावट पाई गई है, जो एक तरफ से पेंट है। यह स्वास्थ्य के लिए काफी हानिकारक है। विभाग ने विक्रेताओं के साथ में महिला ग्राम उद्योग रामबाग के खिलाफ भी कार्रवाई की है। वहीं, 31 अक्तूबर को खुशालपुर निवासी महेश व अनवारा टूंडला से गजेंद्र के डेरी से भी उसी दिन दूध का सैंपल भरा था। दोनों ही दूध के सैंपल में डिटर्जेंट की पुष्टि हुई है।
कनेटा के निकट खेतों में संचालित एक देसी घी निर्माण इकाई से भरे गए घी का सैंपल भी जांच में असुरक्षित घोषित हुआ है। नीतेश प्रताप सिंह एवं अनुराग यादव की फैक्ट्री से मिले घी में एनीमल फैट या पेट्रोलियम जैली की आशंका जताई जा रही है। यह घी मिठाइयों की दुकानों पर थोक के भाव सप्लाई किया जाता था।
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वर्जन
देसी घी एवं दूध के चार सैंपल फेल हुए हैं। जांच रिपोर्ट के आधार पर इनके खिलाफ वाद दायर किया जा रहा है। दूध में डिटर्जेंट की मिलावट पाई गई है। देसी घी में एनीमल फैट या पेट्रोलियम जैली की मिलावट की आशंका है। यह नमूना असुरक्षित घोषित हुआ है। नमकीन में अखाद्य रंग की मिलावट पाई है। इनके विक्रेताओं के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है।
- डॉ. सुधीर सिंह, अभिहीत अधिकारी,
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- खाद्य सुरक्षा विभाग विक्रेताओं-निर्माताओं पर कार्रवाई की तैयारी में, दर्ज होगा केस
नकमीन में मिला अखाद्य रंग, सेहत के लिए यह नहीं है सुरक्षित
संवाद न्यूज एजेंसी
फिरोजाबाद। खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम द्वारा लिए गए दूध के नमूने में डिटर्जेंट की मिलावट मिली है। देसी घी में भी एनीमल फैट होने की आशंका जाहिर की गई है। यह जांच में असुरक्षित पाया गया है। नमकीन में भी अखाद्य रंग की मिलावट मिली है। विक्रेताओं और निर्माता पर मुकदमा दर्ज कराया जाएगा।
25 जनवरी को खाद्य विभाग की टीम ने सुहाग नगर में सचिन गुप्ता एवं अखिल गुप्ता के प्रतिष्ठान से नमकीन का सैंपल लिया था। यह नमकीन महिला ग्राम उद्योग रामबाग आगरा द्वारा निर्मित था। संदेह होने पर विभाग ने सैंपल लेकर जांच के लिए भेजा तो नमकीन मिथ्या छाप पाई गई। जो सूचनाएं रैपर पर अंकित थी, वह गलत मिलीं। नमकीन में सुडान-डाई (अखाद्य रंग) की मिलावट पाई गई है, जो एक तरफ से पेंट है। यह स्वास्थ्य के लिए काफी हानिकारक है। विभाग ने विक्रेताओं के साथ में महिला ग्राम उद्योग रामबाग के खिलाफ भी कार्रवाई की है। वहीं, 31 अक्तूबर को खुशालपुर निवासी महेश व अनवारा टूंडला से गजेंद्र के डेरी से भी उसी दिन दूध का सैंपल भरा था। दोनों ही दूध के सैंपल में डिटर्जेंट की पुष्टि हुई है।
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कनेटा के निकट खेतों में संचालित एक देसी घी निर्माण इकाई से भरे गए घी का सैंपल भी जांच में असुरक्षित घोषित हुआ है। नीतेश प्रताप सिंह एवं अनुराग यादव की फैक्ट्री से मिले घी में एनीमल फैट या पेट्रोलियम जैली की आशंका जताई जा रही है। यह घी मिठाइयों की दुकानों पर थोक के भाव सप्लाई किया जाता था।
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देसी घी एवं दूध के चार सैंपल फेल हुए हैं। जांच रिपोर्ट के आधार पर इनके खिलाफ वाद दायर किया जा रहा है। दूध में डिटर्जेंट की मिलावट पाई गई है। देसी घी में एनीमल फैट या पेट्रोलियम जैली की मिलावट की आशंका है। यह नमूना असुरक्षित घोषित हुआ है। नमकीन में अखाद्य रंग की मिलावट पाई है। इनके विक्रेताओं के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है।
- डॉ. सुधीर सिंह, अभिहीत अधिकारी,