फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Firozabad News ›   Doctor imprisoned son in the house

बंद मकान में डाक्टर ने बेटे को किया कैद

Thu, 19 Feb 2015 11:30 PM IST
ब्यूरो, अमर उजाला फीरोजाबाद
ब्यूरो, अमर उजाला फीरोजाबाद Updated Thu, 19 Feb 2015 11:30 PM IST
विज्ञापन
Doctor imprisoned son in the house
मां की मौत से डिप्रेशन में आए बेटे का इलाज कराने की बजाए पिता ने उसे मकान में कैद कर दिया। पेशे से डाक्टर होने के बाद भी पिता बेटे की बेबसी का दर्द समझने की बजाए उसे मकान में कैद करके फीरोजाबाद आकर रहने लगा। इलाके के लोगों की नजर बंद मकान में छत पर नग्नावस्था में खडे़ युवक पर गई तो हैरान रह गए। लोगों ने पुलिस प्रशासन को सूचना दी। एसडीएम मौके पर पहुंचे और मकान से उसे मुक्त कराया।
विज्ञापन

सिरसागंज में डाक्टर सुभाष क्लीनिक चलाते थे। 12 साल पहले पत्नी की कैंसर से मौत हो गई थी। मां की मौत से बेटा नवीन सदमे में आ गया। इससे पहले वह ठीक था और कसबा के ही एक अंग्रेजी माध्यम के स्कूल में पढ़ता था। चार माह पहले डा. सुभाष फीरोजाबाद में कोटला चुंगी के निकट आकर रहने लगे। हर गुरुवार को वह सिरसागंज स्थित अपने आवास पर जाते थे। मोहल्ले के लोग जब भी डाक्टर सुभाष से उसके बेटे के बारे में पूछते तो वह कह देते कि वह उनके साथ रह रहा है। बुधवार को लोगों ने नवीन को मकान की ऊपर की मंजिल पर नग्न देखा तो लोग दंग रह गए। गुरुवार के इंतजार में लोगों ने कोई एक्शन नहीं लिया। गुरुवार दोपहर को जैसे ही डाक्टर मकान पर पहुंचे लोगों ने नवीन के बारे में पूछा। डाक्टर ने हमेशा की तरह कह दिया फीरोजाबाद में है। इस पर लोगों की डाक्टर से बहस हो गई वह उनके घर में जबरन घुसने लगे तो डाक्टर ने विरोध किया। लोगों ने डाक्टर को पकड़ लिया और पुलिस को सूचना दे दी। मौके पर एसडीएम रवींद्र कुमार पहुंच गए। उन्होंने मकान के अंदर से नवीन को मुक्त कराया। घर में न तो बिजली का कनेक्शन है और न ही पानी का। यही नहीं घर में बिछाने के लिए बिस्तर और रजाई तक नहीं थी। नवीन की दशा ऐसी थी कि देखने वाले भी चौंक गए। एसडीएम रवींद्र  कुमार ने नवीन को एंबुलेंस से इलाज के लिए जिला अस्पताल भेज दिया। लोगों ने एसडीएम को बताया कि डाक्टर का छोटा बेटा निखिल छह साल पहले ही बाहर चला गया था। डाक्टर एक नर्स के साथ फीरोजाबाद शहर में जाकर रहने लगे थे।
विज्ञापन


लोगों की आंखें भर आईं
सिरसागंज (ब्यूरो)। बिना बिजली के बंद मकान में नवीन के लिए दिन और रात एक समान थे लेकिन इसके बाद भी कई पुरानी बातें नवीन को तारीख सहित याद थीं। उपजिलाधिकारी से भी काफी देर तक नवीन से बातचीत की लेकिन नवीन की दशा देखकर उनके साथ वहां मौजूद लोगों की आंखें भर आईं। एसडीएम का कहना है कि पिता ने अपने बेटे नवीन को मकान में बंद कर रखा था। उसका इलाज अब आगरा में कराया जाएगा। जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed