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डीएम ने जानी मरीजों की परेशानी
अमर उजाला ब्यूरो फीरोजाबाद
Updated Tue, 19 Apr 2016 11:11 PM IST
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डीएम ने जानी मरीजों की परेशानी
- फोटो : अमर उजाला
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डीएम निधि केसरवानी ने मंगलवार को जिला अस्पताल स्थित ट्रामा सेंटर(इमरजेंसी) कक्ष का औचक निरीक्षण किया। मरीजों से बात करने के साथ चिकित्सकों की समस्याओं को सुना। उन्होंने कहा मरीजों के लिए शीघ्र दो एंबुलेंस लगेंगी। शीघ्र पुलिस चौकी का स्थानांतरण होगा। निगम के माध्यम से वार्ड तक जाने का रास्ता सुधारा जाएगा। मरीज आश्रय स्थल, सौ बेड के बन रहे महिला अस्पताल को देखा।
डीएम निधि केसरवानी मंगलवार को दोपहर करीब 12 बजे अस्पताल प्रांगण स्थित सरकारी ट्रामा सेंटर पहुंची। उन्होंने सीएमएस डा.अजय शुक्ला, डा.अजय अग्रवाल, एसीएमओ डा.एसकेएस राना, डा.भूपेंद्र सिंह चाहर के साथ ट्रामा सेंटर की व्यवस्थाओं को देखा। उन्होंने मरीजों से बात की। इस दौरान शिकोहाबाद निवासी रहनुमा ने आपातकालीन कक्ष का स्थानांतरण किए जाने से बढ़ी परेशानी को डीएम के समक्ष रखा। सीएमएस ने इंस्ट्रूमेंट की कमियों के बारे में जानकारी दी। पेयजल की किल्लत के साथ ट्रामा सेंटर से वार्ड तक मरीजों को शिफ्ट करने में होने वाली दिक्कत को डीएम ने गंभीरता से लिया। उन्होंने कहा शीघ्र ही गंभीर मरीजों को स्थानांतरण के लिए दो एंबुलेंस तैनात होंगी। पेयजल व्यवस्था दो दिन के अंदर ठीक हो जाएगी। उन्होंने कहा कि चिकित्सकों की सुरक्षा के लिहाज से जिला अस्पताल प्रांगण में स्थापित पुलिस चौकी शीघ्र ही ट्रामा सेंटर में शिफ्ट होगी। ताकि चिकित्सक व स्टाफ के साथ कोई घटना नहीं हो सके। उन्होंने कहा कि इमरजेंसी (ट्रामा सेंटर) से लेकर वार्ड की ओर जाने मार्ग को शीघ्र ही नगर निगम के माध्यम से बनवाया जाएगा। डीएम ने जिला अस्पताल में बन रहे सौ बेड के महिला अस्पताल का निरीक्षण किया। खामियों को सुधार के निर्देश दिए।
चिकित्सक और सीएमएस में हुई नोकझोंक
जिला अस्पताल के आपातकालीन विभाग (ट्रामा सेंटर) में उपलब्ध सुविधाओं पर तैनात चिकित्सक को ही भरोसा नहीं है। मंगलवार को डीएम के निरीक्षण से पूर्व इमरजेंसी में सुविधाएं ना मिलने पर चिकित्सक डा. शरद चड्ढा एवं सीएमएस डा.अजय शुक्ला में नोकझोंक हो गई। इस दौरान काफी मरीज व तीमारदार मौजूद थे। ड्यूटी कर रहे डा. शरद ने इमरजेंसी में सुविधा न होने की बात कही। इससे डॉ चड्ढा इतने आक्रोशित हो गए कि सीएमएस के सामने सामान फेंक दिया। एसीएमओ डा. एसकेएस राना ने चिकित्सक के व्यवहार पर नाराजगी जताई। सीएमएस डा. अजय शुक्ला का कहना है कि इमरजेंसी में सारी सुविधाएं हैं, लेकिन चड्डा की समझ नहीं आ रही हैं।
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डीएम निधि केसरवानी मंगलवार को दोपहर करीब 12 बजे अस्पताल प्रांगण स्थित सरकारी ट्रामा सेंटर पहुंची। उन्होंने सीएमएस डा.अजय शुक्ला, डा.अजय अग्रवाल, एसीएमओ डा.एसकेएस राना, डा.भूपेंद्र सिंह चाहर के साथ ट्रामा सेंटर की व्यवस्थाओं को देखा। उन्होंने मरीजों से बात की। इस दौरान शिकोहाबाद निवासी रहनुमा ने आपातकालीन कक्ष का स्थानांतरण किए जाने से बढ़ी परेशानी को डीएम के समक्ष रखा। सीएमएस ने इंस्ट्रूमेंट की कमियों के बारे में जानकारी दी। पेयजल की किल्लत के साथ ट्रामा सेंटर से वार्ड तक मरीजों को शिफ्ट करने में होने वाली दिक्कत को डीएम ने गंभीरता से लिया। उन्होंने कहा शीघ्र ही गंभीर मरीजों को स्थानांतरण के लिए दो एंबुलेंस तैनात होंगी। पेयजल व्यवस्था दो दिन के अंदर ठीक हो जाएगी। उन्होंने कहा कि चिकित्सकों की सुरक्षा के लिहाज से जिला अस्पताल प्रांगण में स्थापित पुलिस चौकी शीघ्र ही ट्रामा सेंटर में शिफ्ट होगी। ताकि चिकित्सक व स्टाफ के साथ कोई घटना नहीं हो सके। उन्होंने कहा कि इमरजेंसी (ट्रामा सेंटर) से लेकर वार्ड की ओर जाने मार्ग को शीघ्र ही नगर निगम के माध्यम से बनवाया जाएगा। डीएम ने जिला अस्पताल में बन रहे सौ बेड के महिला अस्पताल का निरीक्षण किया। खामियों को सुधार के निर्देश दिए।
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चिकित्सक और सीएमएस में हुई नोकझोंक
जिला अस्पताल के आपातकालीन विभाग (ट्रामा सेंटर) में उपलब्ध सुविधाओं पर तैनात चिकित्सक को ही भरोसा नहीं है। मंगलवार को डीएम के निरीक्षण से पूर्व इमरजेंसी में सुविधाएं ना मिलने पर चिकित्सक डा. शरद चड्ढा एवं सीएमएस डा.अजय शुक्ला में नोकझोंक हो गई। इस दौरान काफी मरीज व तीमारदार मौजूद थे। ड्यूटी कर रहे डा. शरद ने इमरजेंसी में सुविधा न होने की बात कही। इससे डॉ चड्ढा इतने आक्रोशित हो गए कि सीएमएस के सामने सामान फेंक दिया। एसीएमओ डा. एसकेएस राना ने चिकित्सक के व्यवहार पर नाराजगी जताई। सीएमएस डा. अजय शुक्ला का कहना है कि इमरजेंसी में सारी सुविधाएं हैं, लेकिन चड्डा की समझ नहीं आ रही हैं।
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