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जलभराव से परेशान बोधाश्रम के बाशिंदे

Thu, 09 Mar 2017 11:17 PM IST
ब्यूरो, अमर उजाला फिरोजाबाद
ब्यूरो, अमर उजाला फिरोजाबाद Updated Thu, 09 Mar 2017 11:17 PM IST
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Disturbed Bakhinde of Water Resource
बोधाश्रम में जलभराव
शहर के वार्ड नंबर 17 बोधाश्रम की जनता को वर्षों बाद भी जलभराव की समस्या से परेशान हैं। वार्ड के कुछ मोहल्लों में जनता नारकीय हालात से जूझ रही है। वार्ड के मोहल्लों में पानी की निकासी तक का इंतजाम नहीं है।
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नगर निगम द्वारा शहर के विकास पर करोड़ों रुपया फूंक दिया गया लेकिन शहर के वार्डों में समस्याएं आज भी बदस्तूर हैं। वार्डों में विकास कार्य तो दूर, नगर निगम जनता को मूलभूत सुविधाएं तक उपलब्ध नहीं करा पाया। बोधाश्रम क्षेत्र में सबसे गंभीर समस्या जलभराव की है। जरा सी बरसात में पूरा क्षेत्र तरणताल बन जाता है। मुख्य मार्ग से लेकर गलियों तक गंदा पानी भरने से लोग घर में कैद होने के मजबूर हो जाते हैं। क्षेत्र की जनता ने नगर निगम प्रशासन से समस्या के निदान को कई बार गुहार भी लगाई। निगम ने हाईवे क्रास कर पानी निकासी की योजना भी बनाई लेकिन योजना फाइलों से बाहर नहीं आ सकी। मायापुरी क्षेत्र में वर्षों बाद भी नारकीय हालात बने हैं। निगम की पेयजल टंकी के कारण कच्चे रास्ते पर तालाब जैसा बन गया है। टंकी के पीछे बड़ा मैदान है, जहां गंदे जलभराव के कारण तीव्र दुर्गंध आती है। कच्ची गलियों न बनने से जनता बेहद परेशान है।
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वार्ड की आबादी-16800
वार्ड में वोटर संख्या-8600

वार्ड में शामिल मोहल्ले: कबीर नगर, आनंद नगर, सत्य नगर, टापाकलां, मायापुरी, दखल, न्यू तिलक नगर, पुराना तिलक नगर, ओझा नगर, सुभाष कालोनी।

वार्ड में प्रमुख समस्याएं
- बोधाश्रम क्षेत्र में वर्षों से उखड़ा पड़ा है मुख्य मार्ग
- पाइप लाइन डलने के बाद गलियों में भी नहीं बन सकीं
- मायापुरी क्षेत्र में कच्ची गलियों को वर्षों बाद भी नहीं हुआ निर्माण
- एक टंकी जनता की प्यास बुझाने में अक्षम साबित हो रही है।

बोली जनता
बोधाश्रम निवासी विमल कुमार का कहना है कि क्षेत्र में वर्षों से जलभराव की समस्या बनी हुई है। बरसात में घर से निकला भी मुश्किल हो जाता है।
मायापुरी निवासी सूरजमुखी का कहना है कि क्षेत्र में सफाई महीने में एक-दो ही होती है। कर्मचारी जब कभी आते हैं और खानापूरी कर चले जातेहैं।
टापाकलां निवासी गुडिया का कहना है कि यहां वर्षों बाद भी कच्ची गलियों नहीं बन सकी। कई बार अधिकारी, नाप तौल भी हुई, परंतु गली आजतक नहीं बनीं।
सूर्य नगर निवासी विशन अग्रवाल का कहना है कि मोहल्ले में सफाई व्यवस्था नाम की कोई चीज नहीं है। क्षेत्र में कोई कर्मचारी तैनात नहीं है। खाली प्लाटों में खत्ताघर जैसे हालात बने हुए हैं। सीवर के पानी की निकासी का कोई इंतजाम नहीं है। कहीं डस्टबिन तक नहीं रखवाए गए हैं।
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बोर्ड भंग होने के बाद नगर निगम द्वारा क्षेत्र में कोई काम नहीं कराया गया है। मायापुरी क्षेत्र में आज भी जनता नारकीय हालात में रह रही है, जहां निकासी तक का इंतजाम नहीं है। वार्ड पानी की गंभीर समस्या है। गली-मोहल्लों में अंदर तक पानी न आने से दूर-दूर तक जाना पड़ता है।
रीनादेवी
प्रतिनिधि निवर्तमान सभासद
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