{"_id":"5ecff0fe8ebc3e90813bfcd2","slug":"dharmik-sthal-kholne-ki-mang-firozabad-news-agr4437995188","type":"story","status":"publish","title_hn":"उलमा-ए-इकराम ने की धार्मिक स्थलों को खोलने की मांग","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
उलमा-ए-इकराम ने की धार्मिक स्थलों को खोलने की मांग
विज्ञापन
धार्मिक स्थल खोलने की मांग को लेकर नगर मजिस्ट्रेट को ज्ञापन देते उलमा-ए-इकराम
- फोटो : FIROZABAD
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
फिरोजाबाद। शहर के उलमा-ए-इकराम की ओर से यूपी के मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन नगर मजिस्ट्रेट कुंवर पंकज सिंह को सौंपा। उन्होंने जिले के धार्मिक स्थलों (मंदिर, मस्जिद, गुरुद्वारा, चर्च) को खोलने की मांग की है। साथ ही कहा कि यह स्थल इस महामारी के अंत में अहम भूमिका निभाएंगे। यहां जाने वालाें पर सामाजिक दूरी और मास्क अनिवार्य कर दिया जाए।
शहर की ईदगाह एवं मस्जिद मेवा फरोशां इमाम मौलाना मोहम्मद सफी कासमी के नेतृत्व में इस्लामिक सेंटर के सचिव आलम मुस्तफा याकूबी सहित शहर के उलेमाओं की ओर से देश के मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन नगर मजिस्ट्रेट कुंवर पंकज सिंह को सौंपा। उलेमाओं ने मांग की है कि मंदिर, मस्जिद, गुरुद्वारा, चर्च आदि धार्मिक स्थल पिछले करीब दो माह से बंद हैं। कोरोना संक्रमण के कारण लॉकडाउन-5 की संभावना है। उन्होंने कहा इसमें मंदिर, मस्जिद, गुरुद्वारा और चर्च को खोलने की अनुमति प्रदान की जाए।
उन्होंने कहा कि जैसा कर्नाटक सरकार की ओर से फैसला लिया गया है कि मंदिर, मस्जिद एवं गुरुद्वारा में जाने से निश्चित ही हम कोरोना वायरस को हराने में सफल होंगे। धार्मिक स्थलों से सामाजिक दूरी, मास्क के प्रयोग का प्रचार भी हो सकेगा। ज्ञापन देने वालों में तो मौलाना फारुक, हाफिज उस्मान, मुफ्ती तनवीर, मौलाना आदम मुस्तफा सादी, मुफ्ती कासिम रजी, मौलाना आमीन अख्तर, कारी नईम आदि मौजूद थे।
विज्ञापन
चाहे मानक तय हों पर मंदिर भी खोले जाएं
भारत विकास परिषद के सदस्य अजय सिंघल का कहना है कि धार्मिक स्थल अब पूजा अर्चना के लिए खोल देने चाहिए। सरकार भले ही इनके लिए मानक तय कर दे लेकिन सामाजिक दूरी के तहत मंदिर भी खोले जाएं। लोग धार्मिक आराधना करेंगे तो संकट भी दूर होगा। भारतीय लोगों की धर्म पर आस्था है सरकार को इस आस्था का सम्मान करना चाहिए।
विज्ञापन
शहर की ईदगाह एवं मस्जिद मेवा फरोशां इमाम मौलाना मोहम्मद सफी कासमी के नेतृत्व में इस्लामिक सेंटर के सचिव आलम मुस्तफा याकूबी सहित शहर के उलेमाओं की ओर से देश के मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन नगर मजिस्ट्रेट कुंवर पंकज सिंह को सौंपा। उलेमाओं ने मांग की है कि मंदिर, मस्जिद, गुरुद्वारा, चर्च आदि धार्मिक स्थल पिछले करीब दो माह से बंद हैं। कोरोना संक्रमण के कारण लॉकडाउन-5 की संभावना है। उन्होंने कहा इसमें मंदिर, मस्जिद, गुरुद्वारा और चर्च को खोलने की अनुमति प्रदान की जाए।
विज्ञापन
उन्होंने कहा कि जैसा कर्नाटक सरकार की ओर से फैसला लिया गया है कि मंदिर, मस्जिद एवं गुरुद्वारा में जाने से निश्चित ही हम कोरोना वायरस को हराने में सफल होंगे। धार्मिक स्थलों से सामाजिक दूरी, मास्क के प्रयोग का प्रचार भी हो सकेगा। ज्ञापन देने वालों में तो मौलाना फारुक, हाफिज उस्मान, मुफ्ती तनवीर, मौलाना आदम मुस्तफा सादी, मुफ्ती कासिम रजी, मौलाना आमीन अख्तर, कारी नईम आदि मौजूद थे।
विज्ञापन
चाहे मानक तय हों पर मंदिर भी खोले जाएं
भारत विकास परिषद के सदस्य अजय सिंघल का कहना है कि धार्मिक स्थल अब पूजा अर्चना के लिए खोल देने चाहिए। सरकार भले ही इनके लिए मानक तय कर दे लेकिन सामाजिक दूरी के तहत मंदिर भी खोले जाएं। लोग धार्मिक आराधना करेंगे तो संकट भी दूर होगा। भारतीय लोगों की धर्म पर आस्था है सरकार को इस आस्था का सम्मान करना चाहिए।