{"_id":"57b8b1c24f1c1b18206eb9f4","slug":"the-bodies-were-brought-mcknpur-night-people-put-the-jam","type":"story","status":"publish","title_hn":"रात को शव मक्खनपुर लाया गया, लोगों ने लगाया जाम ","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
रात को शव मक्खनपुर लाया गया, लोगों ने लगाया जाम
Amar Ujala
Updated Sun, 21 Aug 2016 01:08 AM IST
विज्ञापन
रात को शव मक्खनपुर लाया गया, लोगों ने लगाया जाम
- फोटो : Amar Ujala
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मौके पर किसी भी अधिकारी के न पहुंचने से गुस्साए लोग
मौके पर पहुंचे सीओ सिटी ने लोगों को समझा कर खुलवाया जाम
फार्मासिस्ट रामवकील का शव देकर रात करीब आठ बजे मक्खनपुर स्थित उनके आवास पर लाया गया। इस दौरान सैकडों लोगों की भीड़ पहले से यहां जमा थी। कसबा का बाजार भी बंद हो गया। स्वास्थ्य विभाग में सेवाएं देने के बाद भी शव आने पर विभाग पुलिस प्रशासन से किसी भी अधिकारी के मौके पर न पहुंचने पर लोगों ने रोष छा गया। यूं तो शव पहले उनके पैतृक गांव गंजडुंडवारा ले जाने की तैयारी थी लेकिन प्रशासन के रवैये से गुस्साए लोगों ने बिल्टीगढ़ चौराहे हाईवे पर शव रख कर जाम लगा दिया। लोगों का कहना था कि ड्यूटी पर रहते हुए उन्होंने हर समय पुलिसकर्मियों और अधिकारियों को स्वास्थ्य सेवाएं दी फिर भी कोई अधिकारी नहीं आया है।
लोगों की मांग थी कि इस बात की प्रशासन जांच करे कि जब राम वकील घर से अस्पताल के लिए गए थे फिर वह दिल्ली कैसे पहुंच गए। जाम की सूचना पर सीओ शिकोहाबाद श्यामकांत पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंच गए। उन्होंने आक्रोशित लोगों को समझाते हुए अश्वासन दिया कि यदि पीड़ित पक्ष तहरीर देगा तो मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच की जाएगी। जांच में जो भी दोषी पाया जाएगा उसके खिलाफ कार्रवाई कर जेल भेजा जाएगा। इस दौरान मृतक के साले विनय ने बताया कि रामवकील ट्रेन से दिल्ली गए थे। निजामुउद्ीन स्टेशन के समीप ट्रेन रुकने पर वह गलत दिशा में उतर गए थे। इसी दौरान उनकी सुपर फास्ट ट्रेन की चपेट में आने से मौत हो गई। विनय को यह जानकारी स्टेशन के बैंडर और कुलियों द्वारा दी गई थी। रामवकील की मोबाइल की पर्सनल सिम जेब में रखी थी, जबकि नई सिम मोबाइल फोन में पड़ी थी।
विज्ञापन
मौके पर पहुंचे सीओ सिटी ने लोगों को समझा कर खुलवाया जाम
फार्मासिस्ट रामवकील का शव देकर रात करीब आठ बजे मक्खनपुर स्थित उनके आवास पर लाया गया। इस दौरान सैकडों लोगों की भीड़ पहले से यहां जमा थी। कसबा का बाजार भी बंद हो गया। स्वास्थ्य विभाग में सेवाएं देने के बाद भी शव आने पर विभाग पुलिस प्रशासन से किसी भी अधिकारी के मौके पर न पहुंचने पर लोगों ने रोष छा गया। यूं तो शव पहले उनके पैतृक गांव गंजडुंडवारा ले जाने की तैयारी थी लेकिन प्रशासन के रवैये से गुस्साए लोगों ने बिल्टीगढ़ चौराहे हाईवे पर शव रख कर जाम लगा दिया। लोगों का कहना था कि ड्यूटी पर रहते हुए उन्होंने हर समय पुलिसकर्मियों और अधिकारियों को स्वास्थ्य सेवाएं दी फिर भी कोई अधिकारी नहीं आया है।
लोगों की मांग थी कि इस बात की प्रशासन जांच करे कि जब राम वकील घर से अस्पताल के लिए गए थे फिर वह दिल्ली कैसे पहुंच गए। जाम की सूचना पर सीओ शिकोहाबाद श्यामकांत पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंच गए। उन्होंने आक्रोशित लोगों को समझाते हुए अश्वासन दिया कि यदि पीड़ित पक्ष तहरीर देगा तो मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच की जाएगी। जांच में जो भी दोषी पाया जाएगा उसके खिलाफ कार्रवाई कर जेल भेजा जाएगा। इस दौरान मृतक के साले विनय ने बताया कि रामवकील ट्रेन से दिल्ली गए थे। निजामुउद्ीन स्टेशन के समीप ट्रेन रुकने पर वह गलत दिशा में उतर गए थे। इसी दौरान उनकी सुपर फास्ट ट्रेन की चपेट में आने से मौत हो गई। विनय को यह जानकारी स्टेशन के बैंडर और कुलियों द्वारा दी गई थी। रामवकील की मोबाइल की पर्सनल सिम जेब में रखी थी, जबकि नई सिम मोबाइल फोन में पड़ी थी।
विज्ञापन