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हत्या के मामले में पिता पुत्र सहित चार को आजीवन कारावास
ब्यूरो, अमर उजाला फिरोजाबाद
Updated Tue, 02 May 2017 11:36 PM IST
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न्यायालय
- फोटो : file photo
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हत्या के मामले में दोषी पाए गए चार आरोपियों को अपर जिला जज पीके जैन ने आजीवन कारावास की सजा सुनाते हुए अर्थदंड लगाया है। अर्थदंड अदा न करने पर आरोपियों को अतिरिक्त कारावास की सजा काटनी होगी।
सिरसागंज थाना क्षेत्र के गांव सींगेमई निवासी दिनेश कुमार पुत्र भजन सिंह द्वारा 17 जनवरी 1993 में सिरसागंज पुलिस को दी गई तहरीर में कहा था कि पत्नी सुनीता से पीड़ित का जमीन को लेकर विवाद चल रहा है। सुनीता ने अपने माता पिता और गांव के कुछ लोगों की मदद से 29 बीघा जमीन और मकान पर कब्जा कर लिया था। पीड़ित अपने माता पिता के साथ बहनोई दलवीर सिंह के साथ सिरसागंज में रह रहा है। इस संबंध में गांव में एक पंचायत होनी थी। पीड़ित अपने बहनोई प्रताप सिंह पुत्र ब्रह्मदेव निवासी सोथरा के साथ पंचायत में गया था। पंचायत न होने के कारण पीड़ित अपने बहनोई के साथ स्कूटर द्वारा गांव सींगेमई आ रहा था। नगला नैनसुख के पास पहले से मौजूद नाथू सिंह, अशोक कुमार, गिन्नू, लाखन सिंह, चंद्रपाल और श्याम सिंह ने घर लिया और आरोपियों ने दोनों पर जानलेवा हमला बोलते हुए बहनोई प्रताप सिंह को गोली मार दी। इससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। पीड़ित की तहरीर पर सिरसागंज पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर आरोपियों के खिलाफ न्यायालय में चार्टशीट दाखिल कर दी। मुकदमे की पैरवी कर रहे सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता देवेंद्र सिंह यादव ने आरोपियों के खिलाफ न्यायालय में साक्ष्य और गवाह पेश किए। साक्ष्य और गवाहों के आधार पर अपर जिला जज पीके जैन ने नाथू सिंह, अशोक, गिन्नू और चंद्रपाल को हत्या के मामले में दोषी पाते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाते हुए अर्थदंड लगाया है। अर्थदंड अदा न करने पर आरोपियों को अतिरिक्त कारावास की सजा काटनी होगी।
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सिरसागंज थाना क्षेत्र के गांव सींगेमई निवासी दिनेश कुमार पुत्र भजन सिंह द्वारा 17 जनवरी 1993 में सिरसागंज पुलिस को दी गई तहरीर में कहा था कि पत्नी सुनीता से पीड़ित का जमीन को लेकर विवाद चल रहा है। सुनीता ने अपने माता पिता और गांव के कुछ लोगों की मदद से 29 बीघा जमीन और मकान पर कब्जा कर लिया था। पीड़ित अपने माता पिता के साथ बहनोई दलवीर सिंह के साथ सिरसागंज में रह रहा है। इस संबंध में गांव में एक पंचायत होनी थी। पीड़ित अपने बहनोई प्रताप सिंह पुत्र ब्रह्मदेव निवासी सोथरा के साथ पंचायत में गया था। पंचायत न होने के कारण पीड़ित अपने बहनोई के साथ स्कूटर द्वारा गांव सींगेमई आ रहा था। नगला नैनसुख के पास पहले से मौजूद नाथू सिंह, अशोक कुमार, गिन्नू, लाखन सिंह, चंद्रपाल और श्याम सिंह ने घर लिया और आरोपियों ने दोनों पर जानलेवा हमला बोलते हुए बहनोई प्रताप सिंह को गोली मार दी। इससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। पीड़ित की तहरीर पर सिरसागंज पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर आरोपियों के खिलाफ न्यायालय में चार्टशीट दाखिल कर दी। मुकदमे की पैरवी कर रहे सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता देवेंद्र सिंह यादव ने आरोपियों के खिलाफ न्यायालय में साक्ष्य और गवाह पेश किए। साक्ष्य और गवाहों के आधार पर अपर जिला जज पीके जैन ने नाथू सिंह, अशोक, गिन्नू और चंद्रपाल को हत्या के मामले में दोषी पाते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाते हुए अर्थदंड लगाया है। अर्थदंड अदा न करने पर आरोपियों को अतिरिक्त कारावास की सजा काटनी होगी।
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