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भुगतान को लेकर ट्रामा सेंटर में हंगामा, शव रोकने का आरोप

Fri, 23 Dec 2016 11:30 PM IST
अमर उजाला ब्यूूराे, फीराेजाबाद
अमर उजाला ब्यूूराे, फीराेजाबाद Updated Fri, 23 Dec 2016 11:30 PM IST
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In the furore over pay Trauma Center, the bodies charged with preventing
ट्रामा सेंटर पर हंगामे के बाद पहुंची पुलिस
 इलाज का पूरा पैसा जमा कराए बिना मरीज की मौत होने पर शव को ले जाने के दौरान ट्रामा सेंटर में परिवारीनों ने हंगामा कर दिया। परिवार वालों ने थाने पर भी सूचना दे दी। थाना प्रभारी ट्रामा सेंटर पर पहुंच गए।
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बसईमोहम्मदपुर थाना क्षेत्र के गांव नगला चूरा निवासी श्यामवीर सिंह पुत्र कैलाशी दुर्गानगर स्थित एक चूड़ी गोदाम में काम करता था। 19 दिसंबर को अज्ञात लोगों ने श्यामवीर सिंह को चाय में जहर दिया। हालत बिगड़ने पर परिवारीजनों ने श्यामवीर को रामनगर स्थित एक चिकित्सक के यहां भर्ती करा दिया। हालत में सुधार न होने पर परिवारीजन 20 दिसंबर को उसको ट्रामा सेंटर लेकर पहुंचे। यहां तब से युवक भर्ती था। शुक्रवार दोपहर को उसकी हालत काफी बिगड गई। परिवारवालों का कहना है कि शाम को श्यामवीर की मौत हो गई। इस लिए शव को वह ट्रामा सेंटर से ले जाने लगे। परिवार वाले ट्रामा सेंटर के काउंटर पर पहुंचे तो उनसे इलाज का पैसा मांगा गया। परिवार वालों ने पैसा न होने की बात कही। पैसा न देने पर हंगामे की स्थिति बन गई। सूचना पर थाना प्रभारी उत्तर शशिकांत शर्मा भी पहुंच गए। श्यामवीर के भाई रघुवर दयाल ने कहा कि उपचार में करीब करीब 90 हजार रुपये खर्च हुए। इसमें से 86 हजार पांच सौ रुपये का भुगतान विभिन्न किश्तों में कर दिया गया। 36 सौ रुपये बकाया रह गए थे। इस पर शव नहीं ले जाने दिया जा रहा था। थाना प्रभारी साथ परिवारीजन ट्रामा सेंटर के ट्रस्टी कक्ष में पहुंचे। यहां ट्रामा सेंटर के अध्यक्ष पीके झिंदल ने कहा कि काउंटर पर बिना भुगतान के मरीज को ले जाने का अधिकार नहीं दिया गया है। इसके लिए बीमार युवक के किसी भी परिवारीजन ने उनसे संपर्क नहीं किया। परिवार के लोगों को उनके सामने समस्या रखनी चाहिए थी। सही तरीका न अपनाते हुए हंगामा शुरु कर दिया और पुलिस को बुला लिया। जबकि युवक बेंटीलेटर पर था और उसकी हालत गंभीर थी। उन्होंने कहा कि युवक को ट्रामा सेंटर से जीवित अवस्था में परिवारीजनों को सौंपा गया है। युवक की मौत ट्रामा सेंटर में नहीं हुई है। इसकी वीडियो रिकार्डिंग भी है। युवक की हालत गंभीर होने पर ट्रामा सेंटर में युवक को बिना पैसा लिए भर्ती किया गया था। थाना प्रभारी उत्तर का कहना है कि ट्रामा सेंटर में युवक की मौत के बाद पूरा भुगतान न करने के कारण शव न ले जाने देने की सूचना उन्हें दी गई थी। उन्होंने मौके पर पहुंच कर मृतक का शव परिवारीजनों को दिलवा दिया। इस संबंध में कोई तहरीर नहीं दी गई है।
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