{"_id":"58e91dc54f1c1bac2b5b462f","slug":"hiring-of-mining-mafia-from-police-station-to-chowki","type":"story","status":"publish","title_hn":"थानों से लेकर चौकी तक खनन माफिया पहुंचाते हैं हफ्ता","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
थानों से लेकर चौकी तक खनन माफिया पहुंचाते हैं हफ्ता
सुनीत सक्सेना
Updated Sat, 08 Apr 2017 10:58 PM IST
विज्ञापन
मृत सिपाही का फाइल फोटो
सुहागनगरी में खनन माफिया को पुलिस का सीधा संरक्षण प्राप्त है। वे थानों से लेकर चौकी तक हफ्ता देते हैं और सीना तान कर अवैध खनन करते हैं। प्रशासनिक अधिकारियों के स्तर पर कार्रवाई की जाती है तो खनन माफिया पर उन भी जानलेवा हमला करने से नहीं चूकते। इस तरह के कई मामले प्रकाश में आए। फिर भी पुलिस कार्रवाई के नाम पर हाथ खड़े करती नजर आई।
15 दिन पहले एसडीएम सिरसागंज ने सीओ के साथ खनन के खिलाफ अभियान चलाया तो माफिया उन पर ट्रैक्टर चढ़ाने की कोशिश की लेकिन दोनों अधिकारी बच गए। मक्खनपुर में शिकोहाबाद एसडीएम ने मिट्टी का अवैध रूप से खनन कर रही पोकलेन को पकड़ा था। एसडीएम थाने से कार्रवाई के लिए फोर्स मांगा लेकिन फोर्स नहीं पहुंचा था। डीएम से शिकायत करने के बाद थाने से फोर्स पहुंचा था।
वर्ष 2016 के माह जुुलाई की एक तारीख को नगला खंगर क्षेत्र में बस की टक्कर से बालक की मौत होने के बाद आक्रोशित हुए लोगों ने नगला खंगर थाने पर धावा बोलते हुए पथराव करते हुए कई पुलिसकर्मियों को पीटा था। वह बस एक खनन माफिया की थी। इसलिए पुलिस ने उसको छोड़ दिया। इतना ही नहीं पांच दिन पूर्व एआरटीओ शांतिभूषण ने जहां जिला मुख्यालय के समीप चार ट्रक को बालू ले जाते समय सीज किया था। इसके साथ वह कर्मचारियों के साथ शिकोहाबाद पहुंचे तो एटा चौराहे पर अवैध रूप से खनन की मंडी को देख एआरटीओ ने कार्रवाई के लिए एसडीएम शिकोहाबाद को मौके पर बुलाया था। तब कहीं जाकर 13 ट्रैक्टरों को सीज किया गया था। वाहनों को जब्त करने के लिए एसडीएम शिकोहाबाद मक्खनपुर थाना से तीन घंटे तक फोर्स मांगते रहे लेकिन पुलिस मौके पर नहीं पहुंची।
विज्ञापन
मुकदमा लिखने पर इंस्पेक्टर का हुआ था तबादला
खनन माफिया पर शिकंजा कसते हुए लाइनपार थानाध्यक्ष राजीव यादव ने रूपसपुर गांव के समीप बालू लेकर आ रहे ट्रैक्टर को पकड़ा था। कोतवाल ने ट्रैक्टर चालक के खिलाफ जानलेवा हमले का मुकदमा दर्ज किया तो कोतवाल का ही तबादला कर दिया।
पुलिस को पहुंचता है 350 रुपये प्रति ट्रैक्टर
सूत्रों की मानें तो बालू का एक ट्रैक्टर दो हजार से से 25 सौ के बीच बिकता है। इसमें से 350 रुपये पुलिस को जाता है। इसमें दो सौ रुपये का हिस्सा थानेदार का होता है, जबकि 100 रुपये चौकी प्रभारी के साथ 50 रुपये चेतक के होते हैं।
दर्ज नहीं होते मुकदमे
खनन माफिया के खिलाफ जब भी पुलिस प्रशासनिक अधिकारी अभियान चलाते है तो उनके खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई नहीं की जाती। ट्रैक्टर ट्राली जब्त करने के साथ ही उनके खिलाफ डीजी में तस्करा तो डाल दिया जाता है लेकिन अवैध खनन का मुकदमा दर्ज नहीं किया जाता।
इन क्षेत्रों में होता है खनन
लाइनपार थाना क्षेत्र के गांव गुदाऊं स्थित शाला, वास्तेपुर, नया बांस, बसईमोहम्मदपुर के नादन, शंकरपुर, माली पट्टी, बसईमोहम्मदपुर, नगल सिंघी में रसूलाबाद, बांस झरना, नगला सिंघी, नसीरपुर के नौरंगी घाट, रपड़ी के साथ नगला खंगर थाना क्षेत्र में धीमरटोला और मढ़वा के आसपास खनन होता है।
बेटी और बेटे के सिर से उठा पिता का साया
फिरोजाबाद। सिपाही रवि रावत की इच्छा फोर्स में जाने की थी। फोर्स में जाने की उन्होंने तैयारी भी की लेकिन वह वर्ष 2011 में पुलिस सेवा में चयनित हो गए। रवि रावत अपने पीछे पत्नी, बेटी और बेटा छोड़ गए हैं।
रवि रावत के चाचा सत्यप्रकाश यादव ने बताया कि रवि पढ़ाई में शुरू से मेधावी रहे। मूल रूप से हाथरस आवास विकास कालोनी में रहने वाले सिपाही रवि ने बीएससी की थी। डेढ़ साल पहले ही रवि की पोस्टिंग फिरोजाबाद में हुई थी। रवि के छोटे भाई ने बताया कि भाई को ढाई साल की बेटी और छह माह के बेटा है। सरकार खनन माफिया पर कड़ी कार्रवाई करे। किस हालत में वह खनन माफिया के निशाने पर आए इस पर जांच होनी चाहिए। रवि रावत के पिता हाथरस में ही रोडवेज में और बड़े भाई प्रशांत रावत रिफाइनरी में हैं।
खनन के नाम पर खत्म होगा माफियाराज : बघेल
फिरोजाबाद। पशुधन और लघु सिंचाई मंत्री प्रोफेसर एसपी सिंह बघेल ने कहा है कि नारखी के गांव पुरानी गढ़ी में सिपाही पर खनन माफिया द्वारा वारदात दुखद है। जल्द ही खनन के नाम पर चल रहा माफियाराज खत्म होगा।
भारत विकास परिषद के कार्यक्रम के दौरान फिरोजाबाद क्लब में पत्रकारों से बातचीत करते हुए बघेल ने कहा कि कैबिनेट की अगली बैठक में प्रदेश की नई खनन पालसी आ जाएगी। पूरी पारदर्शिता के साथ खनन के लाइसेंस दिए जाएंगे। पूरी नीति खनन पर बनेगी। उन्होंने कहा कि खनन के नाम पर अब तक माफिया हावी रहे। अब ऐसा नहीं होने दिया जाएगा, माफिया राज का अंत हो चुका है। बघेल में ने कहा कि आगरा में एयरपोर्ट बनेगा। इससे के लिए सहमति बन रही है। आगरा के सभी विधायकों और सांसदों के साथ इस पर चर्चा हुई है। आगरा देश का सबसे बड़ा पर्यटन क्षेत्र हैं। भारत में आने वाले अधिकांश टूरिस्ट सबसे पहले आगरा आते हैं उसके बाद कहीं जाते हैं।
विज्ञापन
15 दिन पहले एसडीएम सिरसागंज ने सीओ के साथ खनन के खिलाफ अभियान चलाया तो माफिया उन पर ट्रैक्टर चढ़ाने की कोशिश की लेकिन दोनों अधिकारी बच गए। मक्खनपुर में शिकोहाबाद एसडीएम ने मिट्टी का अवैध रूप से खनन कर रही पोकलेन को पकड़ा था। एसडीएम थाने से कार्रवाई के लिए फोर्स मांगा लेकिन फोर्स नहीं पहुंचा था। डीएम से शिकायत करने के बाद थाने से फोर्स पहुंचा था।
विज्ञापन
वर्ष 2016 के माह जुुलाई की एक तारीख को नगला खंगर क्षेत्र में बस की टक्कर से बालक की मौत होने के बाद आक्रोशित हुए लोगों ने नगला खंगर थाने पर धावा बोलते हुए पथराव करते हुए कई पुलिसकर्मियों को पीटा था। वह बस एक खनन माफिया की थी। इसलिए पुलिस ने उसको छोड़ दिया। इतना ही नहीं पांच दिन पूर्व एआरटीओ शांतिभूषण ने जहां जिला मुख्यालय के समीप चार ट्रक को बालू ले जाते समय सीज किया था। इसके साथ वह कर्मचारियों के साथ शिकोहाबाद पहुंचे तो एटा चौराहे पर अवैध रूप से खनन की मंडी को देख एआरटीओ ने कार्रवाई के लिए एसडीएम शिकोहाबाद को मौके पर बुलाया था। तब कहीं जाकर 13 ट्रैक्टरों को सीज किया गया था। वाहनों को जब्त करने के लिए एसडीएम शिकोहाबाद मक्खनपुर थाना से तीन घंटे तक फोर्स मांगते रहे लेकिन पुलिस मौके पर नहीं पहुंची।
विज्ञापन
मुकदमा लिखने पर इंस्पेक्टर का हुआ था तबादला
खनन माफिया पर शिकंजा कसते हुए लाइनपार थानाध्यक्ष राजीव यादव ने रूपसपुर गांव के समीप बालू लेकर आ रहे ट्रैक्टर को पकड़ा था। कोतवाल ने ट्रैक्टर चालक के खिलाफ जानलेवा हमले का मुकदमा दर्ज किया तो कोतवाल का ही तबादला कर दिया।
पुलिस को पहुंचता है 350 रुपये प्रति ट्रैक्टर
सूत्रों की मानें तो बालू का एक ट्रैक्टर दो हजार से से 25 सौ के बीच बिकता है। इसमें से 350 रुपये पुलिस को जाता है। इसमें दो सौ रुपये का हिस्सा थानेदार का होता है, जबकि 100 रुपये चौकी प्रभारी के साथ 50 रुपये चेतक के होते हैं।
दर्ज नहीं होते मुकदमे
खनन माफिया के खिलाफ जब भी पुलिस प्रशासनिक अधिकारी अभियान चलाते है तो उनके खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई नहीं की जाती। ट्रैक्टर ट्राली जब्त करने के साथ ही उनके खिलाफ डीजी में तस्करा तो डाल दिया जाता है लेकिन अवैध खनन का मुकदमा दर्ज नहीं किया जाता।
इन क्षेत्रों में होता है खनन
लाइनपार थाना क्षेत्र के गांव गुदाऊं स्थित शाला, वास्तेपुर, नया बांस, बसईमोहम्मदपुर के नादन, शंकरपुर, माली पट्टी, बसईमोहम्मदपुर, नगल सिंघी में रसूलाबाद, बांस झरना, नगला सिंघी, नसीरपुर के नौरंगी घाट, रपड़ी के साथ नगला खंगर थाना क्षेत्र में धीमरटोला और मढ़वा के आसपास खनन होता है।
बेटी और बेटे के सिर से उठा पिता का साया
फिरोजाबाद। सिपाही रवि रावत की इच्छा फोर्स में जाने की थी। फोर्स में जाने की उन्होंने तैयारी भी की लेकिन वह वर्ष 2011 में पुलिस सेवा में चयनित हो गए। रवि रावत अपने पीछे पत्नी, बेटी और बेटा छोड़ गए हैं।
रवि रावत के चाचा सत्यप्रकाश यादव ने बताया कि रवि पढ़ाई में शुरू से मेधावी रहे। मूल रूप से हाथरस आवास विकास कालोनी में रहने वाले सिपाही रवि ने बीएससी की थी। डेढ़ साल पहले ही रवि की पोस्टिंग फिरोजाबाद में हुई थी। रवि के छोटे भाई ने बताया कि भाई को ढाई साल की बेटी और छह माह के बेटा है। सरकार खनन माफिया पर कड़ी कार्रवाई करे। किस हालत में वह खनन माफिया के निशाने पर आए इस पर जांच होनी चाहिए। रवि रावत के पिता हाथरस में ही रोडवेज में और बड़े भाई प्रशांत रावत रिफाइनरी में हैं।
खनन के नाम पर खत्म होगा माफियाराज : बघेल
फिरोजाबाद। पशुधन और लघु सिंचाई मंत्री प्रोफेसर एसपी सिंह बघेल ने कहा है कि नारखी के गांव पुरानी गढ़ी में सिपाही पर खनन माफिया द्वारा वारदात दुखद है। जल्द ही खनन के नाम पर चल रहा माफियाराज खत्म होगा।
भारत विकास परिषद के कार्यक्रम के दौरान फिरोजाबाद क्लब में पत्रकारों से बातचीत करते हुए बघेल ने कहा कि कैबिनेट की अगली बैठक में प्रदेश की नई खनन पालसी आ जाएगी। पूरी पारदर्शिता के साथ खनन के लाइसेंस दिए जाएंगे। पूरी नीति खनन पर बनेगी। उन्होंने कहा कि खनन के नाम पर अब तक माफिया हावी रहे। अब ऐसा नहीं होने दिया जाएगा, माफिया राज का अंत हो चुका है। बघेल में ने कहा कि आगरा में एयरपोर्ट बनेगा। इससे के लिए सहमति बन रही है। आगरा के सभी विधायकों और सांसदों के साथ इस पर चर्चा हुई है। आगरा देश का सबसे बड़ा पर्यटन क्षेत्र हैं। भारत में आने वाले अधिकांश टूरिस्ट सबसे पहले आगरा आते हैं उसके बाद कहीं जाते हैं।