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बैंक की लाइन में तबियत बिगड़ी, मौत
अमर उजाला ब्यूूराे, फीराेजाबाद
Updated Tue, 17 Jan 2017 11:36 PM IST
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मृतक का फाइल फोटो।
पुत्र के साथ बैंक से रुपये निकालने गए व्यक्ति की कतार में तबियत बिगड़ गई। पीड़ित को उसका पुत्र एक युवक की मदद से अस्पताल लेकर पहुंचा लेकिन यहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। स्वास्थ्य कर्मचारियों ने शव को पोस्टमार्टम हाउस में रखवाकर पुलिस को सूचना दी।
नारखी थाना क्षेत्र के गांव पचवान कालोनी निवासी सुरेश चंद्र (50) पुत्र ज्ञान सिंह अपने पुत्र कुलदीप के साथ तीन हजार रुपये निकालने भारतीय स्टेट बैंक की मुख्य शाखा गया था। बैंक परिसर में लगी लाइन में वह खड़ा नहीं हो सका तो उसने अपने पुत्र को खड़ा कर दिया। नंबर आने से पूर्व सुरेश लाइन में खड़ा हुआ तो चक्कर खाकर बैंक परिसर में जमीन पर गिर पड़ा। आनन-फानन में कुलदीप अपने पिता को बेहोशी की हालत में दुर्गानगर निवासी धीरज के साथ सरकारी ट्रॉमा सेंटर लेकर पहुंचा लेकिन यहां चिकित्सक राहुल जैन ने सुरेश को मृत घोषित कर दिया। इसके बाद शव को पोस्टमार्टम हाउस में रखवाकर पुलिस को मीमो भेजकर सूचना दी गई। कुलदीप ने बताया कि वह तीन बहनों के बीच अकेला भाई है। पिता बैंक से तीन हजार रुपये निकालने सुबह करीब दस बजे पहुंचे थे लेकिन भीड़ अधिक होने के कारण वह काफी समय तक जमीन पर बैठे रहे। लाइन में खडे़ होने पर उन्हें चक्कर आ गए और वह बैंक में ही जमीन पर गिर पडे़। उसने बताया कि पिता पिछले काफी समय से बीमार थे। उनका टीबी अस्पताल में उपचार भी चल रहा था।
बैंक में किसी की मौत नहीं हुई है। गार्ड ने अवश्य बताया कि कुछ लोग एक बुजुर्ग को गोद में उठाकर बैंक में ला रहे थे। गार्ड ने उन्हें यह कहते हुए रोक दिया था कि तबीयत खराब है तो अस्पताल ले जाओ।
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डीके वर्मा, मुख्य प्रबंधक, एसबीआई फीरोजाबाद
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नारखी थाना क्षेत्र के गांव पचवान कालोनी निवासी सुरेश चंद्र (50) पुत्र ज्ञान सिंह अपने पुत्र कुलदीप के साथ तीन हजार रुपये निकालने भारतीय स्टेट बैंक की मुख्य शाखा गया था। बैंक परिसर में लगी लाइन में वह खड़ा नहीं हो सका तो उसने अपने पुत्र को खड़ा कर दिया। नंबर आने से पूर्व सुरेश लाइन में खड़ा हुआ तो चक्कर खाकर बैंक परिसर में जमीन पर गिर पड़ा। आनन-फानन में कुलदीप अपने पिता को बेहोशी की हालत में दुर्गानगर निवासी धीरज के साथ सरकारी ट्रॉमा सेंटर लेकर पहुंचा लेकिन यहां चिकित्सक राहुल जैन ने सुरेश को मृत घोषित कर दिया। इसके बाद शव को पोस्टमार्टम हाउस में रखवाकर पुलिस को मीमो भेजकर सूचना दी गई। कुलदीप ने बताया कि वह तीन बहनों के बीच अकेला भाई है। पिता बैंक से तीन हजार रुपये निकालने सुबह करीब दस बजे पहुंचे थे लेकिन भीड़ अधिक होने के कारण वह काफी समय तक जमीन पर बैठे रहे। लाइन में खडे़ होने पर उन्हें चक्कर आ गए और वह बैंक में ही जमीन पर गिर पडे़। उसने बताया कि पिता पिछले काफी समय से बीमार थे। उनका टीबी अस्पताल में उपचार भी चल रहा था।
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बैंक में किसी की मौत नहीं हुई है। गार्ड ने अवश्य बताया कि कुछ लोग एक बुजुर्ग को गोद में उठाकर बैंक में ला रहे थे। गार्ड ने उन्हें यह कहते हुए रोक दिया था कि तबीयत खराब है तो अस्पताल ले जाओ।
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डीके वर्मा, मुख्य प्रबंधक, एसबीआई फीरोजाबाद