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क्राइम पेट्रोल सीरियल देख बालक की हत्या की
ब्यूरो, अमर उजाला फीरोजाबाद
Updated Fri, 20 May 2016 10:58 PM IST
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आरोपी
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लालपुरा रोड हजीरा में एक युवक ने क्राइम पेट्रोल सीरियल देखकर फिरौती वसूलने के लिए पड़ोस में रहने वाले बालक का अपहरण कर लिया। पकड़े जाने के डर से अपने घर की छत पर बालक की हत्या कर दी। पुलिस और परिवारीजनों ने बालक की तलाश की तो युवक की छत पर उसका शव मिल गया। पुलिस ने युवक को गिरफ्तार कर लिया है।
रसूलपुर थाना क्षेत्र के लालपुरा रोड हजीरा निवासी नरेंद्र कुमार राठौर का पांच वर्षीय पुत्र वीर प्रताप गुरुवार सुबह करीब दस बजे घर के बाहर खेलते समय लापता हो गया था। परिवारीजनों ने उसकी खोजबीन की, लेकिन देर शाम तक उसका कोई पता नहीं लग सका। पुलिस को सूचना देने के साथ ही परिवारीजनों ने यह सोच कर कि बालक किसी की छत पर तो नहीं चला गया उसकी तलाश करने लगे। जब वह अंशुल राठौर पुत्र रमेश चंद्र राठौर के घर पहुंचे तो उसने दरवाजे बंद कर लिए। शक होने पर पुलिस और बालक के परिवारीजनों ने जबरन दरवाजा खुलवा कर छत पर जाकर देखा तो वहां वीर प्रताप का शव पड़ा था। बालक के हाथ-पैर बंधे थे और मुंह पर कपड़ा बंधा था। शव बरामद होते ही परिवारीजनों में कोहराम मच गया। पुलिस आरोपी अंशुल को थाने ले गई। वहीं शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। अंशुल ने बताया कि बालक का अपहरण एक लाख रुपये की फिरौती वसूलने के लिए क्या गया था। वह खुद वीर प्रताप के घर एक लाख रुपये देने के लिए पत्र डालकर आया था। पुलिस ने उसकी निशानदेही पर उस पत्र को भी बरामद कर लिया। अंशुल ने बताया कि वारदात की पूरी योजना क्राइम पेट्रोल सीरियल देखकर बनाई थी। थानाध्यक्ष रसूलपुर शैलेंद्र यादव ने बताया कि अंशुल फिरौती की रकम से कर्जा चुकाना चाहता था।
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रसूलपुर थाना क्षेत्र के लालपुरा रोड हजीरा निवासी नरेंद्र कुमार राठौर का पांच वर्षीय पुत्र वीर प्रताप गुरुवार सुबह करीब दस बजे घर के बाहर खेलते समय लापता हो गया था। परिवारीजनों ने उसकी खोजबीन की, लेकिन देर शाम तक उसका कोई पता नहीं लग सका। पुलिस को सूचना देने के साथ ही परिवारीजनों ने यह सोच कर कि बालक किसी की छत पर तो नहीं चला गया उसकी तलाश करने लगे। जब वह अंशुल राठौर पुत्र रमेश चंद्र राठौर के घर पहुंचे तो उसने दरवाजे बंद कर लिए। शक होने पर पुलिस और बालक के परिवारीजनों ने जबरन दरवाजा खुलवा कर छत पर जाकर देखा तो वहां वीर प्रताप का शव पड़ा था। बालक के हाथ-पैर बंधे थे और मुंह पर कपड़ा बंधा था। शव बरामद होते ही परिवारीजनों में कोहराम मच गया। पुलिस आरोपी अंशुल को थाने ले गई। वहीं शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। अंशुल ने बताया कि बालक का अपहरण एक लाख रुपये की फिरौती वसूलने के लिए क्या गया था। वह खुद वीर प्रताप के घर एक लाख रुपये देने के लिए पत्र डालकर आया था। पुलिस ने उसकी निशानदेही पर उस पत्र को भी बरामद कर लिया। अंशुल ने बताया कि वारदात की पूरी योजना क्राइम पेट्रोल सीरियल देखकर बनाई थी। थानाध्यक्ष रसूलपुर शैलेंद्र यादव ने बताया कि अंशुल फिरौती की रकम से कर्जा चुकाना चाहता था।
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