फिरोजाबाद। उच्च न्यायालय के आदेश पर प्रशासन ने बृहस्पतिवार को रामलीला मैदान परिसर स्थित श्री सनातन धर्म रामलीला महोत्सव समिति के अयोध्या स्थित कार्यालय और रामलीला परिसर में बने योगीराज भवन के तालों पर लगाई गई सील को खोल दिया गया।
श्री सनातन धर्म रामलीला महोत्सव समिति का प्रशासन एवं डिप्टी रजिस्टर फर्म एवं सोसाएटी और चिट्स आगरा मंडल ने 14 अगस्त 2020 को पंजीयन निरस्त कर दिया था। श्री सनातन धर्म रामलीला महोत्सव समिति का पंजीयन निरस्त होने के साथ ही 25 अगस्त को जिला प्रशासन द्वारा समिति के कार्यालय (अयोध्याजी) और योगीराज भवन को सील कर दिया गया था। इसको लेकर श्री सनातन धर्म रामलीला महोत्सव समिति के पदाधिकारी हाईकोर्ट चले गए और याचिका दायर कर दी। श्री सनातन धर्म रामलीला महोत्सव समिति के तत्कालीन सचिव आरपी सिंह ने बताया कि याचिका पर सुनवाई करते हुए उच्च न्यायालय द्वारा जिला प्रशासन को सील किए गए भवनों को खुलवाने के आदेश जारी कर दिए। आदेश पर बृहस्पतिवार को नायाब तहसीलदार रवि सोनकर द्वारा समिति के पदाधिकारियों की मौजूदगी में ताले खोल दिए गए। हाईकोर्ट में इस मामले की पैरवी हाईकोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता अकलंक जैन ने की थी। इस दौरान सपा एमएलसी और रामलीला कमेटी के तत्कालीन अध्यक्ष डॉ. दिलीप यादव, आरपी सिंह यादव, हीरेंद्र सिंह यादव, शिक्षक उमेश यादव, प्रदीप कुमार मित्तल, अशोक यादव, राममहेश यादव, सुभाष यादव, जगमोहन यादव के साथ अन्य लोग भी मौजूद रहे।