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Firozabad News: भरण-पोषण आदेश के खिलाफ पति की अपील कोर्ट ने की खारिज
Sun, 31 May 2026 12:26 AM IST
आगरा ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, फिरोजाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फिरोजाबाद
Updated Sun, 31 May 2026 12:26 AM IST
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फिरोजाबाद। एडीजे-7 श्याम बाबू की कोर्ट ने मजिस्ट्रेट कोर्ट द्वारा पत्नी के पक्ष में पारित किए गए भरण-पोषण के आदेश को सही ठहराते हुए, इसके खिलाफ पति व उसके परिजन द्वारा दायर की गई दांडिक अपील को निरस्त कर दिया है।
थाना उत्तर क्षेत्र के जैन नगर खेड़ा निवासी वंदना यादव का अपने पति अभिषेक यादव व ससुराल पक्ष के अन्य लोगों से विवाद चल रहा था। वंदना यादव ने मजिस्ट्रेट कोर्ट में घरेलू हिंसा के तहत परिवाद किया था। न्यायिक मजिस्ट्रेट ने 30 मई 2022 को आदेश दिया था कि पति अभिषेक यादव को अपनी पत्नी वंदना यादव को 8 हजार रुपये प्रति माह अंतरिम भरण-पोषण भत्ता देना है। पति अभिषेक यादव , सास आशा देवी, जेठ निर्दोष यादव, जेठानी ललिता यादव और ननद नम्रता यादव ने एडीजे कोर्ट में दांडिक अपील की। तर्क था कि मजिस्ट्रेट कोर्ट का आदेश त्रुटिपूर्ण है। एडीजे श्याम बाबू की कोर्ट ने तथ्यात्मक साक्ष्यों को देखा और पाया कि पति अपनी आय के अनुसार पत्नी और बच्चों के भरण-पोषण की जिम्मेदारी से पीछे नहीं हट सकता। पति की आय और परिस्थितियों को देखते हुए मजिस्ट्रेट कोर्ट द्वारा तय की गई 8 हजार रुपये प्रति माह की राशि पूरी तरह न्यायोचित है।
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थाना उत्तर क्षेत्र के जैन नगर खेड़ा निवासी वंदना यादव का अपने पति अभिषेक यादव व ससुराल पक्ष के अन्य लोगों से विवाद चल रहा था। वंदना यादव ने मजिस्ट्रेट कोर्ट में घरेलू हिंसा के तहत परिवाद किया था। न्यायिक मजिस्ट्रेट ने 30 मई 2022 को आदेश दिया था कि पति अभिषेक यादव को अपनी पत्नी वंदना यादव को 8 हजार रुपये प्रति माह अंतरिम भरण-पोषण भत्ता देना है। पति अभिषेक यादव , सास आशा देवी, जेठ निर्दोष यादव, जेठानी ललिता यादव और ननद नम्रता यादव ने एडीजे कोर्ट में दांडिक अपील की। तर्क था कि मजिस्ट्रेट कोर्ट का आदेश त्रुटिपूर्ण है। एडीजे श्याम बाबू की कोर्ट ने तथ्यात्मक साक्ष्यों को देखा और पाया कि पति अपनी आय के अनुसार पत्नी और बच्चों के भरण-पोषण की जिम्मेदारी से पीछे नहीं हट सकता। पति की आय और परिस्थितियों को देखते हुए मजिस्ट्रेट कोर्ट द्वारा तय की गई 8 हजार रुपये प्रति माह की राशि पूरी तरह न्यायोचित है।
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