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संविदाकर्मी की कोरोना से मौत, हंगामा
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सीएमओ कार्यालय में तैनात कम्प्यूटर ऑपरेटर की मौत के बाद हंगामा करते स्टाफ के लोग अपने अपने कक्षो
- फोटो : FIROZABAD
फिरोजाबाद। सीएमओ कार्यालय में संविदा पर तैनात कंप्यूटर ऑपरेटर ने शनिवार सुबह सरकारी ट्रॉमा सेंटर में दम तोड़ दिया। उसे विगत कई दिनों से बुखार और सांस लेने में परेशानी हो रही थी। काफी मिन्नतों के बाद भी स्वास्थ्य विभाग ने पहले उसका सैंपल नहीं लिया। अब स्वास्थ्य विभाग ने संविदाकर्मी की मौत के बाद उसका कोरोना का सैंपल लिया है। संविदाकर्मी की मौत की जानकारी पर अन्य स्वास्थ्यकर्मियों में आक्रोश फैल गया।
स्वास्थ्यकर्मियों ने सीएमओ कार्यालय का घेराव किया। संविदाकर्मियों की कोरोना जांच कराने के साथ ही अन्य मांगे सीएमओ के सामने रखीं। सीएमओ ने कोरोना से बचाव के सभी बेहतर इंतजाम करने का आश्वासन दिया। वहीं शनिवार देर शाम आई रिपोर्ट में संविदाकर्मी कारोना पॉजिटिव पाया गया, जिससे हड़कंप मच गया। जिले में मृतकों की संख्या सात पहुंच गई है।
मृतक सीएमओ कार्यालय में कोविड-19 सेल में कंप्यूटर ऑपरेटर के पद पर तैनात था। कुछ दिन से उसे बुखार और सांस लेने में तकलीफ थी। साथी स्वास्थ्य कर्मियों के मुताबिक, उसने पैरासीटामोल की गोली खानी शुरू कर दी थी। विगत 20 मई को ड्यूटी के दौरान तबियत अधिक खराब हुई तो वह स्टोर में दवा लेने गया लेकिन स्टोर में बिना सीएमओ की अनुमति के दवा देने से कर्मचारी ने इंकार कर दिया।
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इसके बाद स्वास्थ्य विभाग ने उसकी कोरोना जांच को पत्र लिखा लेकिन जांच नहीं हुई। शनिवार सुबह तबियत बिगड़ी तो परिजन उसे लेकर सरकारी ट्रॉमा सेंटर पहुंचे। यहां चिकित्सकों ने ऑक्सीजन लगाई लेकिन कुछ ही देर में उसने दम तोड़ दिया। इसके बाद मेडिकल कॉलेज में मृत शरीर से कोरोना जांच के लिए सैंपल लिया गया।
संविदाकर्मियों में फैला आक्रोश
फिरोजाबाद। संविदा पर तैनात कंप्यूटर ऑपरेटर की मौत के बाद अन्य स्वास्थ्यकर्मियों में आक्रोश फैल गया। स्वास्थ्यकर्मियों के मुताबिक, मृतक की कोरोना जांच में स्वास्थ्य विभाग द्वारा लापरवाही बरती गई। आक्रोशित स्वास्थ्यकर्मियों ने सीएमओ कार्यालय का घेराव किया और मृतक के संपर्क में आए लोगों की कोरोना जांच कराने के लिए कहा। उप्र राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन कर्मचारी संघ के जिलाध्यक्ष प्रसून प्रताप सिंह ने कहा कि कोविड-19 के अंतर्गत कार्य कर रहे संविदा कर्मचारियों से बिना छुट्टी के 12 घंटे लगातार कार्य कराया जा रहा है। उन्होंने मांग की कि ड्यूटी रोस्टर को आठ घंटे किया जाए। फ्रंटलाइन में कार्यरत कर्मचारियों को 14 दिन कार्य करने के बाद जांच कराकर क्वारंटीन में भेजा जाए।
तीन माह पूर्व हुआ था विवाह
स्वास्थ्यकर्मी का विवाह तीन माह पूर्व फरवरी माह में हुआ था। उसकी मौत के बाद परिवार में कोहराम मच गया। साथी कर्मचारी भी मृतक के घर पहुंचे। इस मामले में विधायक मनीष असीजा ने शासन को देर शाम पूरी रिपोर्ट भेजी है। गृह सचिव से बात करके संविदा कर्मचारी के परिजनों को कोविड-19 आपदा के तहत 50 लाख रुपये मुआवजा देने की मांग की है। संविदाकर्मी को कोरोना योद्धा मानते हुए डीएम और सीएमओ को भी पत्र लिखकर शासन को प्रस्ताव भेजने को कहा है।
कोरोना के लक्षण के बाद भी जांच न कराने का आरोप
उप्र राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन कर्मचारी संघ ने सीएमओ को ज्ञापन देकर कहा कि एनयूएचएम के चिकित्सक में कोरोना के लक्षण होने के बाद भी जांच नहीं कराई है। चिकित्सक के संपर्क में आए कर्मचारियों की भी जांच नहीं कराई गई और न ही सैंपल लिए गए। यह भी बड़ी लापरवाही है।
स्वास्थ्यकर्मी की मृत्यु हुई है। यह दुखद घटना है। हम मृत्यु के कारण का पता लगा रहे हैं। उसका सैंपल लिया गया है। संविदा कर्मी के संपर्क में आए अन्य स्टाफ की कोरोना जांच कराई जा रही है। प्रतिदिन बड़ी संख्या में सैंपल लिए जा रहे हैं। किसी भी संदिग्ध का सैंपल में देरी नहीं करने के लिए अधीनस्थों को निर्देशित किया गया है। - डॉ. एसके दीक्षित, सीएमओ, फिरोजाबाद।
मौत के मामले में जांच के आदेश
सीएमओ कार्यालय में संविदा पर कार्यरत कंप्यूटर आपरेटर की मौत के मामले में डीएम चंद्र विजय सिंह ने सीएमओ को जांच के आदेश दिए हैं। डीएम चंद्रविजय सिंह ने कहा है कि ऑपरेटर की तबियत खराब हुई थी। इसके बाद सीएमओ कार्यालय से ऑपरेटर ने कोरोना जांच के लिए बीस मई को पत्र लिखा था। ऑपरेटर अधिक तबियत खराब होने के कारण घर चला गया। ऐसे में स्वास्थ्य विभाग को ऑपरेटर का सैंपल घर जाकर लेना चाहिए था और जांच करनी चाहिए थी। यह लापरवाही क्यों हुई है? जांच कराई जा रही है। वहीं डीएम ने देर शाम मृतक की रिपोर्ट पॉजिटिव आने पर उसकी मौत कोरोना से होने की पुष्टि की है।
13 कर्मचारियों के कराए सैंपल
सीएमओ कार्यालय में कार्यरत एक कर्मचारी की मृत्यु हो जाने के बाद कार्यालय में सजगता बरती जा रही है। मृतक कर्मचारी के संपर्क में आए 13 संविदाकर्मियों के सैंपल कराए गए। संविदा कर्मचारियों ने मांग थी कि एक कर्मचारी की मृत्यु के बाद उसके संपर्क में आने वाले अन्य कर्मचारियों की जांच कराई जाए।
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स्वास्थ्यकर्मियों ने सीएमओ कार्यालय का घेराव किया। संविदाकर्मियों की कोरोना जांच कराने के साथ ही अन्य मांगे सीएमओ के सामने रखीं। सीएमओ ने कोरोना से बचाव के सभी बेहतर इंतजाम करने का आश्वासन दिया। वहीं शनिवार देर शाम आई रिपोर्ट में संविदाकर्मी कारोना पॉजिटिव पाया गया, जिससे हड़कंप मच गया। जिले में मृतकों की संख्या सात पहुंच गई है।
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मृतक सीएमओ कार्यालय में कोविड-19 सेल में कंप्यूटर ऑपरेटर के पद पर तैनात था। कुछ दिन से उसे बुखार और सांस लेने में तकलीफ थी। साथी स्वास्थ्य कर्मियों के मुताबिक, उसने पैरासीटामोल की गोली खानी शुरू कर दी थी। विगत 20 मई को ड्यूटी के दौरान तबियत अधिक खराब हुई तो वह स्टोर में दवा लेने गया लेकिन स्टोर में बिना सीएमओ की अनुमति के दवा देने से कर्मचारी ने इंकार कर दिया।
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इसके बाद स्वास्थ्य विभाग ने उसकी कोरोना जांच को पत्र लिखा लेकिन जांच नहीं हुई। शनिवार सुबह तबियत बिगड़ी तो परिजन उसे लेकर सरकारी ट्रॉमा सेंटर पहुंचे। यहां चिकित्सकों ने ऑक्सीजन लगाई लेकिन कुछ ही देर में उसने दम तोड़ दिया। इसके बाद मेडिकल कॉलेज में मृत शरीर से कोरोना जांच के लिए सैंपल लिया गया।
संविदाकर्मियों में फैला आक्रोश
फिरोजाबाद। संविदा पर तैनात कंप्यूटर ऑपरेटर की मौत के बाद अन्य स्वास्थ्यकर्मियों में आक्रोश फैल गया। स्वास्थ्यकर्मियों के मुताबिक, मृतक की कोरोना जांच में स्वास्थ्य विभाग द्वारा लापरवाही बरती गई। आक्रोशित स्वास्थ्यकर्मियों ने सीएमओ कार्यालय का घेराव किया और मृतक के संपर्क में आए लोगों की कोरोना जांच कराने के लिए कहा। उप्र राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन कर्मचारी संघ के जिलाध्यक्ष प्रसून प्रताप सिंह ने कहा कि कोविड-19 के अंतर्गत कार्य कर रहे संविदा कर्मचारियों से बिना छुट्टी के 12 घंटे लगातार कार्य कराया जा रहा है। उन्होंने मांग की कि ड्यूटी रोस्टर को आठ घंटे किया जाए। फ्रंटलाइन में कार्यरत कर्मचारियों को 14 दिन कार्य करने के बाद जांच कराकर क्वारंटीन में भेजा जाए।
तीन माह पूर्व हुआ था विवाह
स्वास्थ्यकर्मी का विवाह तीन माह पूर्व फरवरी माह में हुआ था। उसकी मौत के बाद परिवार में कोहराम मच गया। साथी कर्मचारी भी मृतक के घर पहुंचे। इस मामले में विधायक मनीष असीजा ने शासन को देर शाम पूरी रिपोर्ट भेजी है। गृह सचिव से बात करके संविदा कर्मचारी के परिजनों को कोविड-19 आपदा के तहत 50 लाख रुपये मुआवजा देने की मांग की है। संविदाकर्मी को कोरोना योद्धा मानते हुए डीएम और सीएमओ को भी पत्र लिखकर शासन को प्रस्ताव भेजने को कहा है।
कोरोना के लक्षण के बाद भी जांच न कराने का आरोप
उप्र राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन कर्मचारी संघ ने सीएमओ को ज्ञापन देकर कहा कि एनयूएचएम के चिकित्सक में कोरोना के लक्षण होने के बाद भी जांच नहीं कराई है। चिकित्सक के संपर्क में आए कर्मचारियों की भी जांच नहीं कराई गई और न ही सैंपल लिए गए। यह भी बड़ी लापरवाही है।
स्वास्थ्यकर्मी की मृत्यु हुई है। यह दुखद घटना है। हम मृत्यु के कारण का पता लगा रहे हैं। उसका सैंपल लिया गया है। संविदा कर्मी के संपर्क में आए अन्य स्टाफ की कोरोना जांच कराई जा रही है। प्रतिदिन बड़ी संख्या में सैंपल लिए जा रहे हैं। किसी भी संदिग्ध का सैंपल में देरी नहीं करने के लिए अधीनस्थों को निर्देशित किया गया है। - डॉ. एसके दीक्षित, सीएमओ, फिरोजाबाद।
मौत के मामले में जांच के आदेश
सीएमओ कार्यालय में संविदा पर कार्यरत कंप्यूटर आपरेटर की मौत के मामले में डीएम चंद्र विजय सिंह ने सीएमओ को जांच के आदेश दिए हैं। डीएम चंद्रविजय सिंह ने कहा है कि ऑपरेटर की तबियत खराब हुई थी। इसके बाद सीएमओ कार्यालय से ऑपरेटर ने कोरोना जांच के लिए बीस मई को पत्र लिखा था। ऑपरेटर अधिक तबियत खराब होने के कारण घर चला गया। ऐसे में स्वास्थ्य विभाग को ऑपरेटर का सैंपल घर जाकर लेना चाहिए था और जांच करनी चाहिए थी। यह लापरवाही क्यों हुई है? जांच कराई जा रही है। वहीं डीएम ने देर शाम मृतक की रिपोर्ट पॉजिटिव आने पर उसकी मौत कोरोना से होने की पुष्टि की है।
13 कर्मचारियों के कराए सैंपल
सीएमओ कार्यालय में कार्यरत एक कर्मचारी की मृत्यु हो जाने के बाद कार्यालय में सजगता बरती जा रही है। मृतक कर्मचारी के संपर्क में आए 13 संविदाकर्मियों के सैंपल कराए गए। संविदा कर्मचारियों ने मांग थी कि एक कर्मचारी की मृत्यु के बाद उसके संपर्क में आने वाले अन्य कर्मचारियों की जांच कराई जाए।