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भुगतान न होने से ठेकेदारों की होली रही सूनी
ब्यूरो, अमर उजाला फीरोजाबाद
Updated Thu, 05 Mar 2015 10:59 PM IST
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नगर निगम में निर्माण विभाग से जुड़े दर्जनों ठेकेदारों की होली सूनी रही। निर्माण कार्य पूर्ण होने, जांच रिपोर्ट ओके होने के बाद भी लेखा विभाग द्वारा ठेकेदारों को फूटी कौड़ी भुगतान नहीं दिया गया, जिससे वह काफी आहत नजर आए।
नगर निगम में ठेकेदारों द्वारा करोड़ों रुपये के निर्माण कार्य किए जा रहे हैं, जिसमें काफी संख्या में काफी पूर्ण हो चुके हैं। डीएम व अन्य अफसरों ने मौके पर जाकर निर्माण कार्यों की गुणवत्ता भी परखी। निर्माण कार्यों का ठेकेदारों का करोड़ों का भुगतान अटका हुआ है। ठेकेदार भुगतान के लिए लगातार प्रयासरत थे कि होली से पूर्व भुगतान हो जाएगा, परंतु होली जैसे प्रमुख त्योहार भी नगर निगम द्वारा भुगतान नहीं दिया गया। भुगतान की आस में ठेकेदार देर सायं तक जमे रहे।
सूत्रों की मानें तो करीब 125 फाइलें भुगतान के लिए लंबित हैं, जिसमें करीब चार करोड़ का भुगतान होना है। लेखा विभाग में चल रहे कमीशनखोरी के खेल के चलते ठेकेदार परेशान हैं। नगर आयुक्त रामऔतार रमन के निर्देश के बाद भी लेखा विभाग द्वारा ठेकेदारों का भुगतान नहीं किया गया।
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कटौती के साथ मिला वेतन
फीरोजाबाद (ब्यूरो)। नगर निगम में तैनात ठेका कर्मचारियों को कटौती के साथ होली पर दिसंबर माह का वेतन मिल गया। वेतन में कटौती को लेकर कर्मचारियों में आक्रोश था। बकाया माह का वेतन 10 मार्च तक देने का आश्वासन मिला है। नगर निगम में ठेके पर तैनात 400 सफाई कर्मचारियों को दिसंबर माह से वेतन नहीं दिया गया था। होली पर वेतन मिलने की आस न देख कर्मचारियों ने बुधवार दोपहर नगर निगम पहुंचकर हंगामा और जमकर नारेबाजी की। अफसरों को जमकर खरीखोटी सुनाईं। हंगामे का लेकर नगर निगम में काफी देर तक अफरा-तफरी का माहौल रहा। कर्मचारियों के सख्त रुख को देखते हुए नगर निगम अफसरों ने दिसंबर माह का वेतन नकद में बंटवाने की व्यवस्था की। बुधवार सायं से ही ठेका कर्मचारियों को वेतन बंटना शुरू हुआ तो ठेकेदार द्वारा सभी के वेतन से कटौती कर दी गई। इस पर कर्मचारियों ने विरोध किया। बाद में, जनवरी, फरवरी का वेतन 10 मार्च तक देने के आश्वासन पर ही कर्मचारी काम पर लौटे।
खातों में वेतन तो आया, पर नहीं निकाल सके
होलिकोत्सव पर्व पर कई विभागों में वेतन की धनराशि कर्मचारियों के खातों में ही नहीं पहुंची। चार मार्च की शाम तक ट्रेजरी से बिलों को पास करके धनराशि भेजने के कारण काफी दिक्कत का सामना करना पड़ा। जिनके पास एटीएम कार्ड था, उन्होंने तो वेतन को निकाल लिया। लेकिन अधिकांश का वेतन देरी से आया। जब वह एटीएम पर पहुंचे तो वह खाली हो चुके थे। होमगार्ड भी होली पर पैसा के लिए भटकते दिखाई दिए।
विभाग की लापरवाही का ही नतीजा है कि जनवरी माह का वेतन भी मार्च माह के शुरूआत होने तक नहीं मिल सका। सूत्रों की माने तो विभाग के पास बजट उपलब्ध था। होमगार्ड कमांडेंट देवानंत गौतम ने कहा कि बिल तो 27 फरवरी को ही ट्रेजरी भेज दिए थे। लेकिन पास होने में देरी के चलते होली पर भुगतान नहीं हो सका। इधर वरिष्ठ कोषाधिकारी पुष्पराज ने कहा जिले में 70 प्रतिशत तक स्टाफ का वेतन निकाल दिया गया है। उन्होंने कहा तीन मार्च को सुबह दस बजे से चार मार्च को सुबह तक ट्रेजरी में काम चला। रात्रि में अधिकांश विभागों का वेतन भेजा जा चुका है।
खराब स्ट्रीट लाइटों को ठीक कराने की मांग
कोटला रोड मोहल्ला करन सिंह के बाशिंदों ने खराब स्ट्रीट लाइटों को ठीक नहीं कराए जाने पर काफी रोष व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि निगम के अधिकारी मनमाने ढंग से काम कर रहे हैं। यही कारण है कि पूरा इलाका स्ट्रीट लाइट के अभाव में अंधकार में डूबा रहता है। उन्होंने नगर आयुक्त से खराब स्ट्रीट लाइटों को शीघ्र बदलवाए जाने की मांग की है। मांग करने वालों में लाल सिंह वरुण, मलिखान सिंह, पंकज कुमार, भगवान सिंह, भाव सिंह एडवोकेट, गौरव कुमार, मुन्नालाल, छक्की लाल सहित काफी संख्या में क्षेत्रीय नागरिक शामिल हैं।
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नगर निगम में ठेकेदारों द्वारा करोड़ों रुपये के निर्माण कार्य किए जा रहे हैं, जिसमें काफी संख्या में काफी पूर्ण हो चुके हैं। डीएम व अन्य अफसरों ने मौके पर जाकर निर्माण कार्यों की गुणवत्ता भी परखी। निर्माण कार्यों का ठेकेदारों का करोड़ों का भुगतान अटका हुआ है। ठेकेदार भुगतान के लिए लगातार प्रयासरत थे कि होली से पूर्व भुगतान हो जाएगा, परंतु होली जैसे प्रमुख त्योहार भी नगर निगम द्वारा भुगतान नहीं दिया गया। भुगतान की आस में ठेकेदार देर सायं तक जमे रहे।
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सूत्रों की मानें तो करीब 125 फाइलें भुगतान के लिए लंबित हैं, जिसमें करीब चार करोड़ का भुगतान होना है। लेखा विभाग में चल रहे कमीशनखोरी के खेल के चलते ठेकेदार परेशान हैं। नगर आयुक्त रामऔतार रमन के निर्देश के बाद भी लेखा विभाग द्वारा ठेकेदारों का भुगतान नहीं किया गया।
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कटौती के साथ मिला वेतन
फीरोजाबाद (ब्यूरो)। नगर निगम में तैनात ठेका कर्मचारियों को कटौती के साथ होली पर दिसंबर माह का वेतन मिल गया। वेतन में कटौती को लेकर कर्मचारियों में आक्रोश था। बकाया माह का वेतन 10 मार्च तक देने का आश्वासन मिला है। नगर निगम में ठेके पर तैनात 400 सफाई कर्मचारियों को दिसंबर माह से वेतन नहीं दिया गया था। होली पर वेतन मिलने की आस न देख कर्मचारियों ने बुधवार दोपहर नगर निगम पहुंचकर हंगामा और जमकर नारेबाजी की। अफसरों को जमकर खरीखोटी सुनाईं। हंगामे का लेकर नगर निगम में काफी देर तक अफरा-तफरी का माहौल रहा। कर्मचारियों के सख्त रुख को देखते हुए नगर निगम अफसरों ने दिसंबर माह का वेतन नकद में बंटवाने की व्यवस्था की। बुधवार सायं से ही ठेका कर्मचारियों को वेतन बंटना शुरू हुआ तो ठेकेदार द्वारा सभी के वेतन से कटौती कर दी गई। इस पर कर्मचारियों ने विरोध किया। बाद में, जनवरी, फरवरी का वेतन 10 मार्च तक देने के आश्वासन पर ही कर्मचारी काम पर लौटे।
खातों में वेतन तो आया, पर नहीं निकाल सके
होलिकोत्सव पर्व पर कई विभागों में वेतन की धनराशि कर्मचारियों के खातों में ही नहीं पहुंची। चार मार्च की शाम तक ट्रेजरी से बिलों को पास करके धनराशि भेजने के कारण काफी दिक्कत का सामना करना पड़ा। जिनके पास एटीएम कार्ड था, उन्होंने तो वेतन को निकाल लिया। लेकिन अधिकांश का वेतन देरी से आया। जब वह एटीएम पर पहुंचे तो वह खाली हो चुके थे। होमगार्ड भी होली पर पैसा के लिए भटकते दिखाई दिए।
विभाग की लापरवाही का ही नतीजा है कि जनवरी माह का वेतन भी मार्च माह के शुरूआत होने तक नहीं मिल सका। सूत्रों की माने तो विभाग के पास बजट उपलब्ध था। होमगार्ड कमांडेंट देवानंत गौतम ने कहा कि बिल तो 27 फरवरी को ही ट्रेजरी भेज दिए थे। लेकिन पास होने में देरी के चलते होली पर भुगतान नहीं हो सका। इधर वरिष्ठ कोषाधिकारी पुष्पराज ने कहा जिले में 70 प्रतिशत तक स्टाफ का वेतन निकाल दिया गया है। उन्होंने कहा तीन मार्च को सुबह दस बजे से चार मार्च को सुबह तक ट्रेजरी में काम चला। रात्रि में अधिकांश विभागों का वेतन भेजा जा चुका है।
खराब स्ट्रीट लाइटों को ठीक कराने की मांग
कोटला रोड मोहल्ला करन सिंह के बाशिंदों ने खराब स्ट्रीट लाइटों को ठीक नहीं कराए जाने पर काफी रोष व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि निगम के अधिकारी मनमाने ढंग से काम कर रहे हैं। यही कारण है कि पूरा इलाका स्ट्रीट लाइट के अभाव में अंधकार में डूबा रहता है। उन्होंने नगर आयुक्त से खराब स्ट्रीट लाइटों को शीघ्र बदलवाए जाने की मांग की है। मांग करने वालों में लाल सिंह वरुण, मलिखान सिंह, पंकज कुमार, भगवान सिंह, भाव सिंह एडवोकेट, गौरव कुमार, मुन्नालाल, छक्की लाल सहित काफी संख्या में क्षेत्रीय नागरिक शामिल हैं।