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संविदा कर्मचारियों ने की हड़ताल, स्वास्थ्य सेवाएं बदहाल
Amar Ujala
Updated Thu, 08 Sep 2016 12:32 AM IST
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संविदा कर्मचारियों ने की हड़ताल, स्वास्थ्य सेवाएं बदहाल
- फोटो : Amar Ujala
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नगरीय और देहात क्षेत्रों के स्वास्थ्य केंद्रों पर चरमराई स्वास्थ्य सेवाएं
स्वास्थ्य विभाग में कार्यरत संविदा कर्मचारियों ने अपनी मांगों को लेकर हड़ताल की। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अधीन कार्यरत कर्मचारी अपने कामकाज को छोड़कर दबरई सीएमओ दफ्तर पर पहुंचे। जिला अस्पताल एवं अन्य नगरीय और देहात क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाएं राम भरोसे चलीं।
समय करीब दोपहर 12बजे। जिला अस्पताल के वार्ड नंबर एक में करीब 16 से ज्यादा मरीज भर्ती थे। पूरा वार्ड सिर्फ स्टाफ नर्स की ट्रेनिंग कर रहीं गुंजन कुमारी के भरोसे था। कोहिनूर रोड़ निवासी रुकसाना अपने तीन वर्षीय बच्चे को भर्ती कराने के लिए चिकित्सक से राय लेकर आईं। मगर ट्रेनर गुंजन को पता नहीं था कि यह किस तरह भर्ती होगा। वहीं, अन्य मरीज भी आश्चर्य में थे कि कोई नर्स दवा को कोई पूछने नहीं आई। इसी तरह हाल पुरानी इमरजेंसी में चल रही एनसीडी क्लीनिक का रहा। यहां चिकित्सक थे न ही कोई स्टाफ मौजूद था। फीजियोथैरेपी कक्ष में ताला लगा हुआ था। नगरीय स्वास्थ्य केंद्रों की सेवाएं ठप रहीं। यहां मरीज तो आए, मगर स्वास्थ्य केंद्रों पर ताला लटका देखकर लौट गए। देहात क्षेत्रों में तैनात संविदा चिकित्सक एवं कर्मचारियों की हड़ताल से स्वास्थ्य सेवाएं चरमरा गईं।
क्या कहते हैं मरीज
रोबिया का कहना था कि उनका बच्चा बीमार है। मगर यहां अस्पताल में भर्ती नहीं कर रहा है कोई।
वार्ड में भर्ती महेंद्र कुमार ने कहा कि चार दिन से हम यहां भर्ती हैं। वैसे तो स्वास्थ्य कर्मचारी ड्रिप चढ़ाने, इंजेक्शन लगाने आते रहते हैं। मगर बुधवार को तो यहां कोई दिख भी नहीं रहा है।
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जिला मुख्यालय पर स्वास्थ्यकर्मियों ने दिया धरना
जिला मुख्यालय पर स्वास्थ्य संविदा कर्मचारी ने जिला संयोजक योगेश मिश्रा के नेतृत्व में अनिश्चितकालीन कार्य बहिष्कार एवं शांतिपूर्वक धरना प्रदर्शन किया। अध्यक्षता महामंत्री संयोगिता धाकरे ने की। योगेश मिश्रा ने कहा कि जब तक हमारी मांगे पूरी नहीं होती, तब तक धरना प्रदर्शन एवं कार्य बहिष्कार जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि कुछ संविदा कर्मचारी एवं चिकित्सक कार्य कर रहे हैं, जो शर्मनाक है। जिला सह संयोजक मनीष यादव ने कहा कि जो कर्मचारी अभी भी कार्य कर रहे हैं, वो कार्य बंद करके धरना में सहयोग करें। धरना प्रदर्शन में संगठन मंत्री जितेंद्र कुमार, वीरेंद्र कुमार, अजय कुमार, सोनू, प्रदीप शर्मा, अभिषेक जैन, मनीषा वर्मा, नवनीत, पवन चौधरी, रियान आदि रहे।
सीएमओ दफ्तर में तैनात रहा पुलिस फोर्स
संविदा कर्मचारियों की हड़ताल थी, सीएमओ दफ्तर पर धरना प्रदर्शन करने की रणनीति भी संविदा कर्मचारियों ने बना रखी थी। मगर सीएमओ ने हंगामे के डर से गेट को बंद करा रखा था। पुलिस फोर्स भी तैनात रही। इससे आंदोलनकारियों को धरने का स्थान बदलना पड़ा।
ये हैं कर्मचारियों की प्रमुख मांगे
- नियमित कर्मचारी की नियुक्ति होने के बाद संविदा कर्मचारियों को नौकरी ने निकाला न जाए।
- नियमित नियुक्ति संविदा कर्मचारियों की वरीयता के आधार पर करना।
- शासन द्वारा घोषित रिजवी कमेटी की संस्तुतियों को जल्द लागू किया जाए।
- आशा कार्यकत्रियों को निश्चित मानदेय दिया जाए।
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स्वास्थ्य विभाग में कार्यरत संविदा कर्मचारियों ने अपनी मांगों को लेकर हड़ताल की। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अधीन कार्यरत कर्मचारी अपने कामकाज को छोड़कर दबरई सीएमओ दफ्तर पर पहुंचे। जिला अस्पताल एवं अन्य नगरीय और देहात क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाएं राम भरोसे चलीं।
समय करीब दोपहर 12बजे। जिला अस्पताल के वार्ड नंबर एक में करीब 16 से ज्यादा मरीज भर्ती थे। पूरा वार्ड सिर्फ स्टाफ नर्स की ट्रेनिंग कर रहीं गुंजन कुमारी के भरोसे था। कोहिनूर रोड़ निवासी रुकसाना अपने तीन वर्षीय बच्चे को भर्ती कराने के लिए चिकित्सक से राय लेकर आईं। मगर ट्रेनर गुंजन को पता नहीं था कि यह किस तरह भर्ती होगा। वहीं, अन्य मरीज भी आश्चर्य में थे कि कोई नर्स दवा को कोई पूछने नहीं आई। इसी तरह हाल पुरानी इमरजेंसी में चल रही एनसीडी क्लीनिक का रहा। यहां चिकित्सक थे न ही कोई स्टाफ मौजूद था। फीजियोथैरेपी कक्ष में ताला लगा हुआ था। नगरीय स्वास्थ्य केंद्रों की सेवाएं ठप रहीं। यहां मरीज तो आए, मगर स्वास्थ्य केंद्रों पर ताला लटका देखकर लौट गए। देहात क्षेत्रों में तैनात संविदा चिकित्सक एवं कर्मचारियों की हड़ताल से स्वास्थ्य सेवाएं चरमरा गईं।
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क्या कहते हैं मरीज
रोबिया का कहना था कि उनका बच्चा बीमार है। मगर यहां अस्पताल में भर्ती नहीं कर रहा है कोई।
वार्ड में भर्ती महेंद्र कुमार ने कहा कि चार दिन से हम यहां भर्ती हैं। वैसे तो स्वास्थ्य कर्मचारी ड्रिप चढ़ाने, इंजेक्शन लगाने आते रहते हैं। मगर बुधवार को तो यहां कोई दिख भी नहीं रहा है।
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जिला मुख्यालय पर स्वास्थ्यकर्मियों ने दिया धरना
जिला मुख्यालय पर स्वास्थ्य संविदा कर्मचारी ने जिला संयोजक योगेश मिश्रा के नेतृत्व में अनिश्चितकालीन कार्य बहिष्कार एवं शांतिपूर्वक धरना प्रदर्शन किया। अध्यक्षता महामंत्री संयोगिता धाकरे ने की। योगेश मिश्रा ने कहा कि जब तक हमारी मांगे पूरी नहीं होती, तब तक धरना प्रदर्शन एवं कार्य बहिष्कार जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि कुछ संविदा कर्मचारी एवं चिकित्सक कार्य कर रहे हैं, जो शर्मनाक है। जिला सह संयोजक मनीष यादव ने कहा कि जो कर्मचारी अभी भी कार्य कर रहे हैं, वो कार्य बंद करके धरना में सहयोग करें। धरना प्रदर्शन में संगठन मंत्री जितेंद्र कुमार, वीरेंद्र कुमार, अजय कुमार, सोनू, प्रदीप शर्मा, अभिषेक जैन, मनीषा वर्मा, नवनीत, पवन चौधरी, रियान आदि रहे।
सीएमओ दफ्तर में तैनात रहा पुलिस फोर्स
संविदा कर्मचारियों की हड़ताल थी, सीएमओ दफ्तर पर धरना प्रदर्शन करने की रणनीति भी संविदा कर्मचारियों ने बना रखी थी। मगर सीएमओ ने हंगामे के डर से गेट को बंद करा रखा था। पुलिस फोर्स भी तैनात रही। इससे आंदोलनकारियों को धरने का स्थान बदलना पड़ा।
ये हैं कर्मचारियों की प्रमुख मांगे
- नियमित कर्मचारी की नियुक्ति होने के बाद संविदा कर्मचारियों को नौकरी ने निकाला न जाए।
- नियमित नियुक्ति संविदा कर्मचारियों की वरीयता के आधार पर करना।
- शासन द्वारा घोषित रिजवी कमेटी की संस्तुतियों को जल्द लागू किया जाए।
- आशा कार्यकत्रियों को निश्चित मानदेय दिया जाए।