{"_id":"6976636c56ba785bb809a7b1","slug":"cold-winds-amid-sunshine-increase-winter-rain-expected-from-27th-firozabad-news-c-169-1-sagr1024-166165-2026-01-26","type":"story","status":"publish","title_hn":"Firozabad News: धूप के बीच ठंडी हवा ने बढ़ाई सर्दी, 27 से बारिश के आसार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Firozabad News: धूप के बीच ठंडी हवा ने बढ़ाई सर्दी, 27 से बारिश के आसार
Mon, 26 Jan 2026 12:09 AM IST
आगरा ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, फिरोजाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फिरोजाबाद
Updated Mon, 26 Jan 2026 12:09 AM IST
विज्ञापन
फिरोजाबाद। रविवार को जिले में मौसम साफ रहा, लेकिन ठंडी हवा के कारण सर्दी का असर बना रहा। सुबह करीब 10 बजे के बाद तेज धूप निकली, जिससे दिन में हल्की राहत महसूस हुई, हालांकि ठंडी हवा ने लोगों को सर्दी का एहसास कराए रखा। रविवार को जिले का अधिकतम तापमान 19.7 डिग्री और न्यूनतम तापमान 7.7 डिग्री दर्ज किया गया।
रविवार को धूप खिलने से लोग छतों पर दिखाई दिए। छुट्टी होने की वजह से बच्चों ने भी धूप में खूब आनंद लिया। मौसम विभाग के अनुसार 27 जनवरी से एक बार फिर बादल छाने और बारिश होने की संभावना जताई जा रही है। इसके साथ ही हवाओं की रफ्तार बढ़ सकती है, जिसका सीधा असर किसानों की फसलों पर पड़ने की आशंका है। जिले में इस समय गेहूं की फसल अच्छी स्थिति में है और अधिकांश किसानों द्वारा सिंचाई की जा चुकी है। ऐसे में तेज हवा चलने से गेहूं की फसल गिरने का खतरा बढ़ गया है। फसल गिरने से दाने पूरी तरह विकसित नहीं हो पाते, जिससे उत्पादन में कमी आ सकती है। इसके अलावा फसल के गिरने से कटाई में दिक्कत होती है और लागत भी बढ़ जाती है।
कृषि विज्ञान केंद्र हजरतपुर के वैज्ञानिक डा. ओमकार सिंह ने बताया कि सिंचित खेतों में नमी अधिक होने के कारण तेज हवा चलने पर गेहूं की फसल गिरने की संभावना बढ़ जाती है। यह भी कहा कि बारिश होने की स्थिति में फसलों में रोग लगने की संभावना रहती है, इसलिए किसान समय-समय पर फसल की निगरानी करें।
विज्ञापन
विज्ञापन
रविवार को धूप खिलने से लोग छतों पर दिखाई दिए। छुट्टी होने की वजह से बच्चों ने भी धूप में खूब आनंद लिया। मौसम विभाग के अनुसार 27 जनवरी से एक बार फिर बादल छाने और बारिश होने की संभावना जताई जा रही है। इसके साथ ही हवाओं की रफ्तार बढ़ सकती है, जिसका सीधा असर किसानों की फसलों पर पड़ने की आशंका है। जिले में इस समय गेहूं की फसल अच्छी स्थिति में है और अधिकांश किसानों द्वारा सिंचाई की जा चुकी है। ऐसे में तेज हवा चलने से गेहूं की फसल गिरने का खतरा बढ़ गया है। फसल गिरने से दाने पूरी तरह विकसित नहीं हो पाते, जिससे उत्पादन में कमी आ सकती है। इसके अलावा फसल के गिरने से कटाई में दिक्कत होती है और लागत भी बढ़ जाती है।
विज्ञापन
कृषि विज्ञान केंद्र हजरतपुर के वैज्ञानिक डा. ओमकार सिंह ने बताया कि सिंचित खेतों में नमी अधिक होने के कारण तेज हवा चलने पर गेहूं की फसल गिरने की संभावना बढ़ जाती है। यह भी कहा कि बारिश होने की स्थिति में फसलों में रोग लगने की संभावना रहती है, इसलिए किसान समय-समय पर फसल की निगरानी करें।
विज्ञापन